जैसलमेर में आर्मी कैंट के जवान की आत्महत्या: जांच में जुटी पुलिस
सारांश
Key Takeaways
- जैसलमेर में जवान की आत्महत्या से सैन्य समुदाय में शोक का माहौल है।
- पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की है।
- कोई सुसाइड नोट नहीं मिलने से रहस्य बना हुआ है।
- परिजनों को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
- मानसिक स्वास्थ्य की जरूरतों पर विचार करना आवश्यक है।
जयपुर, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जैसलमेर स्थित आर्मी कैंट से एक बेहद ही दुखद समाचार सामने आया है। 34 वर्षीय हवलदार रघु एस, जो 23 फील्ड रेजिमेंट में तैनात थे, ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के समय पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है, और सैन्य सम्मान के साथ मृत शरीर को परिजनों को सौंप दिया गया।
घटना बुधवार सुबह की है, जब हवलदार रघु एस ने आर्मी कैंट में फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। वे तमिलनाडु के निवासी थे और हाल ही में जैसलमेर में अपनी ड्यूटी पर थे। यूनिट में इस घटना के बाद हड़कंप मच गया। उनके साथियों ने तुरंत अधिकारियों को सूचित किया, जिसके बाद स्थानीय पुलिस को बुलाया गया।
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, जिससे आत्महत्या के कारणों के बारे में रहस्य बना हुआ है।
सूचना मिलते ही सदर पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची। एएसआई मदन सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई प्रारंभ की। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल में भेजा गया। पुलिस ने घटना का मामला दर्ज करते हुए गहन जांच आरंभ कर दी है। फिलहाल, पुलिस और सेना के अधिकारी इस घटना के पीछे के कारणों को जानने में जुटे हैं।
हवलदार रघु एस के परिजनों को यूनिट की तरफ से सूचित किया गया। उनके भाई पार्थिबन, जो उस समय कोलकाता में थे, तुरंत जैसलमेर के लिए रवाना हुए। लंबी यात्रा के बाद वे जैसलमेर पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया। परिजनों ने पुलिस को दी गई रिपोर्ट में किसी पर भी संदेह नहीं जताया है, जिससे जांच का दायरा फिलहाल परिस्थितिजन्य तथ्यों तक सीमित है।
बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने पार्थिव शरीर को परिजनों और सेना के अधिकारियों को सौंप दिया। इस दौरान सैन्य परंपराओं के अनुसार हवलदार रघु एस को उचित सम्मान दिया गया। सेना के अधिकारियों और जवानों की उपस्थिति में पार्थिव शरीर को मॉर्च्यूरी से रवाना किया गया। यह दृश्य वहां उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर गया।
सेना की आंतरिक प्रक्रियाएं भी अपने स्तर पर तथ्यों की जांच कर रही हैं। यह घटना न केवल एक परिवार के लिए, बल्कि पूरे सैन्य समुदाय के लिए गहरी पीड़ा छोड़ गई है।