क्या गोर ने अपने पहले मुंबई दौरे पर भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया?

Click to start listening
क्या गोर ने अपने पहले मुंबई दौरे पर भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया?

सारांश

भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने अपने पहले मुंबई दौरे में अमेरिका-भारत संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया है। उन्होंने वाणिज्य दूतावास का दौरा किया और अपनी प्राथमिकताओं को साझा किया। क्या यह यात्रा दोनों देशों के लिए एक नई दिशा का संकेत है?

Key Takeaways

  • सर्जियो गोर का पहला मुंबई दौरा भारत-अमेरिका संबंधों का नया अध्याय है।
  • गोर ने व्यापार और सुरक्षा में सहयोग को प्राथमिकता दी।
  • उन्होंने भारत को अमेरिका का सबसे महत्वपूर्ण साझेदार बताया।
  • राजदूत के तौर पर गोर का दृष्टिकोण सामरिक साझेदारी को मजबूत करना है।
  • गोर ने नई पीढ़ी के राजनयिकों की नई सोच को दर्शाया।

नई दिल्ली, १६ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने इस सप्ताह की शुरुआत में सोमवार को एंबेसडर के रूप में अपने कार्य का पहला दिन मनाया। इसके तुरंत बाद, उन्होंने अपनी पहली आधिकारिक यात्रा में शुक्रवार को मुंबई में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास का दौरा किया। उन्होंने इस दौरे की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की।

गोर ने एक्स पर लिखा, "मुंबई में अपने पहले दौरे की शुरुआत हमारे वाणिज्य दूतावास से करने के लिए मैं बहुत उत्साहित हूँ! हमारी समर्पित टीम भारत- अमेरिका साझेदारी को मजबूती देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।"

गौरतलब है कि गोर ने सोमवार को नई दिल्ली में अपनी जिम्मेदारी ग्रहण की और १४ जनवरी, बुधवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपने क्रेडेंशियल्स सौंपे।

उन्होंने एक्स पर लिखा, "आज, मैंने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भारत में अमेरिका के राजदूत के तौर पर अपने क्रेडेंशियल्स सौंपे। मैं राष्ट्रपति ट्रंप के भरोसे के लिए आभारी हूँ और उनकी सरकार की प्राथमिकता को आगे बढ़ाने पर गर्व करता हूँ। हम सभी मिलकर सुरक्षा, व्यापार, ऊर्जा और तकनीक में अपनी साझेदारी को मजबूत करेंगे और अमेरिका-भारत साझेदारी को २१वीं सदी का परिभाषित बनाने की दिशा में अग्रसर रहेंगे।"

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सर्जियो गोर के भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में आगमन को नई दिल्ली-वाशिंगटन संबंधों को पुनर्जीवित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया।

थरूर, जो खुद एक पूर्व डिप्लोमैट रह चुके हैं, ने गुरुवार को द इंडियन एक्सप्रेस में एक लेख में लिखा, "गोर ने अपने पहले दिन की शुरुआत बेहद सही तरीके से की। उन्होंने कहा कि 'भारत से महत्वपूर्ण कोई साझेदार नहीं है।' उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 'राजदूत के रूप में मेरा लक्ष्य एक बहुत बड़े एजेंडे को आगे बढ़ाना है। हम यह सच्चे रणनीतिक साझेदार के तौर पर करेंगे; हर कोई ताकत, सम्मान और नेतृत्व लाएगा।' "

उन्होंने आगे कहा, "गोर ने स्पष्ट रूप से कहा कि 'एक ऐसा रिश्ता जो सबसे ऊंचे स्तर पर स्थिर हो। सच्चे दोस्त विभिन्न विचार रख सकते हैं, लेकिन अंततः हमेशा अपने मतभेदों को सुलझा लेते हैं।' केवल ३८ वर्ष की आयु में, गोर राजनयिकों की एक नई पीढ़ी को दर्शाते हैं, जो बड़े-बड़े वादों पर कम और व्यावहारिक समझौतों पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हैं।"

Point of View

बल्कि आर्थिक और तकनीकी सहयोग के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है।
NationPress
16/01/2026

Frequently Asked Questions

सर्जियो गोर का मुंबई दौरा क्यों महत्वपूर्ण है?
यह दौरा भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने और व्यापारिक रिश्तों को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है।
गोर ने अपने पहले दिन क्या कहा?
गोर ने कहा कि भारत से महत्वपूर्ण कोई साझेदार नहीं है और वह एक बड़े एजेंडे को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखते हैं।
क्या गोर की यात्रा में कोई विशेष कार्यक्रम हुआ?
हाँ, उन्होंने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपने क्रेडेंशियल्स सौंपे।
Nation Press