गोरखपुर जलभराव: कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने बेतियाहाता में पीड़ित महिला से मिल सरकार को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में भारी बारिश के बाद उत्पन्न गंभीर जलभराव की स्थिति ने 1 अक्टूबर 2026 को हजारों नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी बाधित कर दी। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बेतियाहाता इलाके का दौरा कर एक पीड़ित महिला से मुलाकात की, जिसकी ऋण लेकर खोली गई छोटी दुकान और घर का पूरा सामान बाढ़ के पानी में बर्बाद हो गया। इस मुलाकात के बाद राय ने राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए तत्काल सर्वेक्षण और मुआवजे की माँग की।
पीड़िता की दर्दनाक दास्तान
बेतियाहाता की उस महिला ने अजय राय को बताया कि उसने बैंक ऋण लेकर अपनी छोटी दुकान शुरू की थी, जो उसके परिवार की आजीविका का एकमात्र सहारा थी। जलभराव के कारण दुकान का संपूर्ण सामान नष्ट हो जाने से वह अब रोजी-रोटी के संकट में फँस गई है। यह घटना इस बात की बानगी है कि अतिवृष्टि के बाद शहरी जलनिकासी की विफलता किस तरह आर्थिक रूप से कमजोर तबकों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुँचाती है।
अजय राय का सरकार पर हमला
पत्रकारों से बातचीत में अजय राय ने कहा, 'गोरखपुर को 'स्पेन' बनाने का दावा करने वालों को बेतियाहाता की इस गरीब महिला की दुकान में भरा पानी और बर्बाद हुआ सामान जरूर देखना चाहिए। लोन लेकर अपनी आजीविका चलाने वाली महिला की दुकान में भारी बारिश के बाद जलभराव से पूरा सामान बर्बाद हो गया। यह सिर्फ एक दुकान का नुकसान नहीं बल्कि पूरे गोरखपुर में आम लोगों, दुकानदारों और परिवारों को हुए करोड़ों रुपये के नुकसान का सवाल है।'
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गोरखपुर सांसद रवि किशन को निशाने पर लेते हुए कहा कि विकास शब्दों से नहीं, बल्कि गोरखपुर वासियों की जिंदगी, संपत्ति और आजीविका सुरक्षित करने से साबित होगा।
माँगें और जवाबदेही
अजय राय ने राज्य सरकार के समक्ष तीन प्रमुख माँगें रखीं — पहली, पूरे गोरखपुर में हुए नुकसान का तत्काल सर्वेक्षण; दूसरी, प्रभावित नागरिकों, दुकानदारों एवं गरीब परिवारों को उचित मुआवजा; और तीसरी, जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान। इसके साथ ही उन्होंने लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी माँग की। गौरतलब है कि गोरखपुर में जलभराव की समस्या पुरानी है और हर मानसून सीजन में यह विकास के दावों की पोल खोलती रही है।
कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी पर प्रतिक्रिया
इसी दौरान अजय राय ने फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफजेड1073 को बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा, 'उन्होंने जो अच्छा काम किया है, उसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देना चाहता हूँ। उन्होंने लोगों की जान बचाई है — यह एक बड़ी सेवा है।'
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं और विपक्ष शहरी बुनियादी ढाँचे की विफलताओं को केंद्रीय मुद्दा बनाने की कोशिश में है। कांग्रेस की इस ज़मीनी पहल से स्थानीय राजनीति में जवाबदेही का दबाव बढ़ने की उम्मीद है। अब सबकी नजरें इस पर होंगी कि राज्य सरकार सर्वे और मुआवजे की माँगों पर क्या कदम उठाती है।