17 अक्टूबर 2026
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ग्रेटर नोएडा में बाइक चोर गिरोह गिरफ्तार: 12 मोटरसाइकिल बरामद, दिल्ली-NCR तक था नेटवर्क

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ग्रेटर नोएडा में बाइक चोर गिरोह गिरफ्तार: 12 मोटरसाइकिल बरामद, दिल्ली-NCR तक था नेटवर्क

सारांश

ग्रेटर नोएडा में थाना बीटा-2 पुलिस ने दिल्ली-NCR तक फैले बाइक चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया। दो आरोपी गिरफ्तार, 12 मोटरसाइकिलें और फर्जी नंबर प्लेट बरामद। आरोपियों पर 2015 से कई राज्यों में मामले दर्ज हैं।

मुख्य बातें

थाना बीटा-2, ग्रेटर नोएडा पुलिस ने 16 अक्टूबर 2026 को सेक्टर गामा-1 की ग्रीन बेल्ट से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी प्रबल यादव उर्फ प्रदीप (फिरोजाबाद) और सोहिल (जिला डींग, राजस्थान) हैं।
बरामदगी में 12 मोटरसाइकिलें (11 हीरो स्प्लेंडर, 1 बजाज पल्सर), 4 फर्जी नंबर प्लेट , 1 पेचकस और 1 अवैध चाकू शामिल।
आरोपी दिल्ली-एनसीआर, नोएडा, गाजियाबाद और हरियाणा में रेकी के बाद पेचकस को मास्टर चाबी की तरह इस्तेमाल कर वाहन चुराते थे।
3 मोटरसाइकिलों के संबंध में पहले से थानों में चोरी के मुकदमे दर्ज; शेष वाहनों के मालिकों की जांच जारी।
प्रबल यादव के खिलाफ 2015 से 2026 के बीच गैंगस्टर एक्ट सहित कई राज्यों में मामले दर्ज हैं।

थाना बीटा-2 पुलिस ने 17 अक्टूबर 2026 को ग्रेटर नोएडा, गौतमबुद्धनगर में सक्रिय एक शातिर बाइक चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे तथा उनकी निशानदेही पर चोरी की 12 मोटरसाइकिलें, चार फर्जी नंबर प्लेट, एक पेचकस और एक अवैध चाकू बरामद किया। जांच के अनुसार, यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर, नोएडा, गाजियाबाद और हरियाणा तक फैले व्यापक क्षेत्र में वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

16 अक्टूबर 2026 को स्थानीय इंटेलिजेंस और बीट पुलिसिंग से प्राप्त सूचना के आधार पर थाना बीटा-2 की टीम ने सेक्टर गामा-1 की ग्रीन बेल्ट में झाड़ियों के पास छापामारी की। पुलिस ने वहाँ से दोनों आरोपियों को दबोच लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रबल यादव उर्फ प्रदीप और सोहिल के रूप में हुई है। प्रबल यादव मूल रूप से ग्राम भरतपुरा, थाना नारखी, जिला फिरोजाबाद का निवासी है और वर्तमान में ग्राम बिसरख जलालपुर, थाना बिसरख, गौतमबुद्धनगर में रह रहा था। सोहिल ग्राम कावंगावास, थाना खोह, जिला डींग, राजस्थान का निवासी बताया गया है।

मोटरसाइकिल चोरी का तरीका

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी पहले अलग-अलग स्थानों पर खड़े वाहनों की रेकी करते थे। इसके बाद एक पेचकस को मास्टर चाबी की तरह इस्तेमाल करके मोटरसाइकिल चुरा ली जाती थी।

चोरी के बाद वाहन की पहचान मिटाने के लिए उसके चेसिस नंबर घिस दिए जाते थे और उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगा दी जाती थी। यह तरीका गिरोह को लंबे समय तक पकड़ से बचाए रखने में सहायक रहा।

बरामद वाहन और आपराधिक इतिहास

बरामदगी सूची के अनुसार, जब्त 12 मोटरसाइकिलों में 11 हीरो स्प्लेंडर और एक बजाज पल्सर शामिल हैं। इनमें से कुछ पर नंबर प्लेट नहीं थी, जबकि कुछ की पहचान रजिस्ट्रेशन या इंजन और चेसिस नंबर के आधार पर की गई। पुलिस के अनुसार, तीन मोटरसाइकिलों के संबंध में अलग-अलग थानों में पूर्व से चोरी के मुकदमे दर्ज हैं; शेष वाहनों के मालिकों और जुड़े मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है।

आरोपी प्रबल यादव के खिलाफ 2015 से 2026 के बीच गौतमबुद्धनगर, संभल, फिरोजाबाद, आगरा और फरीदाबाद में वाहन चोरी, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं। आरोपी सोहिल के खिलाफ थाना बीटा-2, गौतमबुद्धनगर, थाना गुन्नौर, संभल और थाना मुजेसर, फरीदाबाद में मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।

आगे की जांच

पुलिस अब बरामद वाहनों के वास्तविक मालिकों का पता लगाने और इन आरोपियों से जुड़े संभावित अन्य मामलों की जांच में जुटी है। गौरतलब है कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में दोपहिया वाहन चोरी की घटनाएँ लगातार चुनौती बनी रहती हैं, और इस गिरफ्तारी से कई लंबित मामलों में सुराग मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सुनियोजित संगठित गतिविधि है। प्रबल यादव पर 2015 से 2026 तक के मामले यह सवाल उठाते हैं कि बार-बार पकड़े जाने के बावजूद यह व्यक्ति फिर-फिर सक्रिय कैसे हो पाया। बरामद 12 में से केवल 3 वाहनों से ही मुकदमे मिले हैं — शेष 9 के मालिक अभी भी अनजान हैं कि उनके वाहन पुलिस के पास हैं, जो पुलिस और आम जनता के बीच सूचना-साझाकरण की खाई को उजागर करता है।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा बाइक चोर गिरोह में कितने लोग गिरफ्तार हुए और क्या बरामद हुआ?
थाना बीटा-2 पुलिस ने दो आरोपियों — प्रबल यादव उर्फ प्रदीप और सोहिल — को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 12 चोरी की मोटरसाइकिलें, 4 फर्जी नंबर प्लेट, एक पेचकस और एक अवैध चाकू बरामद किया गया।
आरोपी बाइक चोरी के लिए क्या तरीका अपनाते थे?
आरोपी पहले लक्षित वाहनों की रेकी करते थे, फिर एक पेचकस को मास्टर चाबी की तरह इस्तेमाल करके मोटरसाइकिल चुरा लेते थे। चोरी के बाद वाहन का चेसिस नंबर घिस कर और फर्जी नंबर प्लेट लगाकर उसकी पहचान छुपाई जाती थी।
यह गिरोह किन-किन राज्यों में सक्रिय था?
पुलिस के अनुसार यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय था। आरोपी प्रबल यादव के खिलाफ गौतमबुद्धनगर, संभल, फिरोजाबाद, आगरा और फरीदाबाद में मामले दर्ज हैं।
बरामद 12 मोटरसाइकिलों का क्या होगा?
पुलिस के अनुसार, तीन मोटरसाइकिलों के संबंध में पहले से चोरी के मुकदमे दर्ज हैं। शेष वाहनों के वास्तविक मालिकों का पता लगाने और उनसे जुड़े मामलों की जांच की जा रही है।
आरोपी प्रबल यादव का आपराधिक इतिहास क्या है?
प्रबल यादव के खिलाफ 2015 से 2026 तक गौतमबुद्धनगर, संभल, फिरोजाबाद, आगरा और फरीदाबाद में वाहन चोरी, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं।
राष्ट्र प्रेस
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