क्या ग्रेटर नोएडा बोर्ड बैठक में मेट्रो लाइन और लॉजिस्टिक हब को रेलवे लाइन से जोड़ने का रास्ता साफ हुआ?

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क्या ग्रेटर नोएडा बोर्ड बैठक में मेट्रो लाइन और लॉजिस्टिक हब को रेलवे लाइन से जोड़ने का रास्ता साफ हुआ?

सारांश

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 141वीं बोर्ड बैठक में मेट्रो और लॉजिस्टिक हब को जोड़ने के महत्वाकांक्षी प्रस्ताव पर चर्चा की गई। यह निर्णय न केवल शहर के विकास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि फ्लैट खरीदारों और युवाओं की संभावनाओं को भी बढ़ाएगा। जानिए इस बैठक में और क्या निर्णय लिए गए।

Key Takeaways

  • मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब का विकास
  • फ्लैट खरीदारों के हित में सख्त कार्रवाई
  • युवाओं के लिए तकनीकी प्रशिक्षण की योजना
  • ई-साइकिल संचालन को मंजूरी
  • सामुदायिक केंद्रों की बुकिंग राशि में छूट

ग्रेटर नोएडा, २२ नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। शहर के विकास और नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की १४१वीं बोर्ड बैठक शनिवार को आयोजित की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक की अध्यक्षता आईडीसी और नोएडा–ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन दीपक कुमार ने की, जबकि अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

इस बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब के अलाइनमेंट को मंजूरी देना रहा। इससे ट्रांसपोर्ट हब को मेट्रो लाइन और लॉजिस्टिक हब को रेलवे लाइन से जोड़ने का रास्ता साफ हो गया है। १०५ मीटर रोड कॉरिडोर पर १.८ किमी का एलिवेटेड मेट्रो रूट बनेगा, जबकि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ने के लिए करीब ३ किमी नई रेलवे लाइन विकसित होगी। इससे औद्योगिक ढुलाई में गति आएगी और यात्रियों को आसान कनेक्टिविटी मिलेगी।

बैठक में फ्लैट खरीदारों के हित में भी बड़ा फैसला लिया गया। ऐसे बिल्डरों पर सख्त कार्रवाई की मंजूरी दी गई जिन्होंने बायर्स को घर देने के बावजूद अब तक रजिस्ट्री नहीं कराई और प्राधिकरण के बकाया भुगतान भी लंबित हैं। एक दर्जन बिल्डरों को अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के तहत मिली रियायत वापस ली जाएगी। इससे करीब १८ हजार फ्लैट खरीदारों को राहत मिलने की उम्मीद है।

युवाओं की रोजगार संभावनाओं को बढ़ावा देने के लिए सेक्टर ईकोटेक-८ में निर्माणाधीन टूल रूम को पूरा करने के प्रस्ताव को समय विस्तार के साथ मंजूरी मिली। इसके शुरू होने के बाद ८ से १० हजार युवा तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर उद्योगों में रोजगार पा सकेंगे। आवासीय समितियों में रहने वाले सब्सीक्वेंट मेंबर्स को भी मालिकाना हक देने का रास्ता साफ हो गया है। अब शर्तों के साथ उनके नाम भी रजिस्ट्री हो सकेंगे।

इसके अलावा, सेक्टर ओमिक्रॉन-१ के निर्मित फ्लैटों की नई स्कीम भी जल्द ई-ऑक्शन के माध्यम से लॉन्च होगी। ग्रेटर नोएडा के इंफ्रास्ट्रक्चर के रखरखाव को सुचारु बनाए रखने के लिए कॉरपस फंड की भी स्वीकृति दी गई। इससे सड़क, सीवर, उद्यान, विद्युत और अन्य सुविधाओं के रखरखाव के लिए धन की कमी नहीं होगी। सतत परिवहन को बढ़ावा देने के लिए शहर में ई-साइकिल संचालन को भी मंजूरी मिली।

बीओटी मॉडल पर चयनित एजेंसी विभिन्न स्थानों पर साइकिल स्टेशन बनाएगी, जिससे लास्ट-माइल कनेक्टिविटी बेहतर होगी और प्रदूषण में कमी आएगी। प्राधिकरण ने सामाजिक कार्यों को बढ़ावा देने के लिए सामुदायिक केंद्रों की बुकिंग राशि में छूट देने का भी निर्णय लिया। साथ ही बोर्ड चेयरमैन ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा आने वाले छात्रों के लिए छात्रावास तथा कार्यरत महिलाओं के लिए महिला हॉस्टल विकसित करने के निर्देश दिए।

Point of View

बल्कि नागरिकों की समस्याओं का समाधान भी करेगा। ऐसे निर्णयों से यह स्पष्ट होता है कि प्राधिकरण स्थायी विकास की दिशा में अग्रसर है।
NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

ग्रेटर नोएडा की बोर्ड बैठक में कौन-कौन उपस्थित थे?
बैठक में दीपक कुमार (चेयरमैन), आलोक कुमार (अपर मुख्य सचिव) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में क्या महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए?
बैठक में मेट्रो और लॉजिस्टिक हब को जोड़ने, फ्लैट खरीदारों के हित में सख्त कार्रवाई, और युवाओं के लिए तकनीकी प्रशिक्षण की योजनाओं पर निर्णय लिए गए।
इस बैठक का युवाओं पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
बैठक में लिए गए निर्णयों से युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
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