ग्रेटर नोएडा: गोदाम चोरी का खुलासा, दो गिरफ्तार; ₹5 लाख के ऑप्टिकल फाइबर पाइप बरामद
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर नोएडा के थाना बादलपुर पुलिस ने 23 सितंबर 2026 को एक गोदाम से ऑप्टिकल फाइबर प्लास्टिक पाइप की चोरी का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और ₹5 लाख की अनुमानित कीमत के 10 बंडल चोरी का शत-प्रतिशत माल बरामद कर लिया। मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से अंजाम दी गई इस कार्रवाई में पुलिस ने काशीराम पार्क के पास से दोनों अभियुक्तों को दबोचा।
घटनाक्रम की शुरुआत
9 सितंबर 2026 को एक व्यक्ति ने थाना बादलपुर में लिखित तहरीर देकर सूचना दी कि अज्ञात चोरों ने उसके गोदाम से ऑप्टिकल फाइबर प्लास्टिक पाइप के 10 बंडल चुरा लिए हैं। पुलिस ने शिकायत मिलते ही मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज किया और घटना के त्वरित खुलासे के लिए एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।
जाँच और गिरफ्तारी
जाँच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास उपलब्ध जानकारी, मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के माध्यम से संदिग्धों की पहचान की। लगभग दो सप्ताह की मेहनत के बाद 23 सितंबर 2026 को थाना बादलपुर पुलिस ने काशीराम पार्क के निकट से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नीरज कुमार पुत्र कुमरजीत और रामबहादुर पुत्र गंगाराम के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, नीरज कुमार की आयु करीब 30 वर्ष है और वह मूलतः आगरा रोड, पड़ियावली, थाना मडराक, जिला अलीगढ़ का निवासी है; गिरफ्तारी के समय वह कनावनी, थाना इंदिरापुरम, गाजियाबाद में रह रहा था। दूसरे आरोपी रामबहादुर की उम्र करीब 32 वर्ष है, जो मूल रूप से नयापुरवा पूरे फाजिल, थाना गौरीगंज, जिला अमेठी के रहने वाले हैं और वर्तमान में सेक्टर-63ए, नोएडा में रह रहे थे।
बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी का पूरा माल — 10 बंडल ऑप्टिकल फाइबर प्लास्टिक पाइप — बरामद कर लिया, जिनकी अनुमानित कीमत करीब ₹5 लाख बताई गई है। पुलिस के अनुसार, घटना में चोरी हुआ शत-प्रतिशत सामान वापस मिल गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले में धारा 317(2) बीएनएस भी जोड़ी गई है।
आगे की जाँच
पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जाँच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि चोरी की वारदात को किस तरह अंजाम दिया गया और इसमें कोई अन्य व्यक्ति भी संलिप्त था या नहीं। गौरतलब है कि औद्योगिक क्षेत्रों में गोदामों से संपत्ति की चोरी की घटनाएँ इस क्षेत्र में पहले भी सामने आती रही हैं, जिसे देखते हुए पुलिस इस मामले में संभावित गिरोह के सूत्रों की भी पड़ताल कर रही है।