क्या जीएसटी की दरों में कटौती से भारतीय शेयर बाजार में तेजी आई है?

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क्या जीएसटी की दरों में कटौती से भारतीय शेयर बाजार में तेजी आई है?

सारांश

भारतीय शेयर बाजार ने जीएसटी की दरों में कटौती के बाद तेजी से कारोबार किया है। सेंसेक्स में 557 अंक की वृद्धि हुई है, जबकि निफ्टी भी मजबूती के साथ खुला। जानिए बाजार की स्थिति और इसके पीछे के कारणों को।

मुख्य बातें

सेंसेक्स में 557 अंक की बढ़त हुई है।
निफ्टी भी मजबूती के साथ खुला।
जीएसटी की दरों में कटौती से बाजार में तेजी आई है।
विभिन्न सेक्टर्स में कारोबार में तेजी देखी गई।
विशेषज्ञों के अनुसार यह सुधार उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाएगा।

मुंबई, 4 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को तेजी के साथ कारोबार शुरू किया। बाजार में व्यापक तेजी देखने को मिल रही है। सुबह 9:25 बजे सेंसेक्स में 557 अंक या 0.69 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 81,126 पर और निफ्टी में 150 अंक या 0.61 प्रतिशत की मजबूती के साथ 24,865 पर खुला।

लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी तेजी का कारोबार हो रहा है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 127 अंक या 0.22 प्रतिशत की बढ़त के साथ 57,471 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 20 अंक की मामूली वृद्धि के साथ 17,772 पर था।

सेक्टोरल आधार पर ऑटो, एफएमसीजी, कंजप्शन, प्राइवेट बैंक और फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में तेजी देखी गई। जबकि आईटी, फार्मा, मेटल, एनर्जी, हेल्थकेयर और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में गिरावट रही।

सेंसेक्स पैक में एमएंडएम, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, आईटीसी, एचयूएल, टाटा मोटर्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक, अदाणी पोर्ट्स, ट्रेंट, भारती एयरटेल, एशियन पेंट्स, कोटक महिंद्रा बैंक और एक्सिस बैंक टॉप गेनर्स रहे। वहीं जोमैटो, टाटा स्टील, एचसीएल टेक, इन्फोसिस और एनटीपीसी टॉप लूजर्स थे।

विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में तेजी का मुख्य कारण जीएसटी की दरों में अपेक्षित से अधिक कमी है। इससे देश की विकास दर में सुधार होगा।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार, वीके विजयकुमार ने कहा कि "जीएसटी सुधार पहले से बेहतर रहा है और इससे कई क्षेत्रों को लाभ मिला है। इसका अंतिम लाभार्थी भारतीय उपभोक्ता होगा, जिसे कम कीमतों का लाभ प्राप्त होगा।"

उन्होंने आगे कहा, "यह जीएसटी सुधार, पहले से ही दिए गए राजकोषीय और मौद्रिक प्रोत्साहन के साथ, एक सकारात्मक चक्र को गति दे सकता है और कॉर्पोरेट आय में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ वित्त वर्ष 26 में भारत की विकास दर को 6.5 प्रतिशत और वित्त वर्ष 27 में शायद 7 प्रतिशत तक बढ़ा सकता है।"

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, एशिया के बाजारों में मिलाजुला कारोबार हो रहा है। टोक्यो, सोल और बैंकॉक के बाजारों में तेजी है, जबकि शंघाई, जकार्ता और हांगकांग के बाजार लाल निशान में हैं। अमेरिकी बाजार भी बुधवार को मिश्रित बंद हुए थे। इस दौरान डाओ जोन्स सपाट और नैस्डैक हरे निशान में था।

संपादकीय दृष्टिकोण

बाजार की स्थिरता और विकास दर में सुधार की संभावनाएं महत्वपूर्ण हैं।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीएसटी की दरों में कटौती का शेयर बाजार पर क्या प्रभाव पड़ा?
जीएसटी की दरों में कटौती के बाद शेयर बाजार में तेजी आई है, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में वृद्धि हुई है।
क्या यह तेजी लंबे समय तक जारी रहेगी?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जीएसटी सुधार और मौद्रिक प्रोत्साहन जारी रहते हैं, तो बाजार की तेजी संभव है।
राष्ट्र प्रेस
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