गुजरात में भारतीय तटरक्षक स्वर्ण जयंती सर्कल का उद्घाटन, देश का पहला कोस्ट गार्ड-समर्पित ट्रैफिक सर्कल
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात सरकार ने 17 जून 2025 को गांधीनगर में 'भारतीय तटरक्षक स्वर्ण जयंती सर्कल' का उद्घाटन कर देश में एक नई मिसाल कायम की — यह भारत का पहला सार्वजनिक ट्रैफिक सर्कल है जो इंडियन कोस्ट गार्ड को समर्पित किया गया है। यह कदम कोस्ट गार्ड की 50वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में उठाया गया, जो समुद्री सुरक्षा बल के पाँच दशकों की अनवरत सेवा का सम्मान करता है।
उद्घाटन समारोह और प्रमुख उपस्थिति
इस ऐतिहासिक लैंडमार्क का उद्घाटन गुजरात के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री हर्ष संघवी ने किया। समारोह में इंडियन कोस्ट गार्ड रीजन (नॉर्थ वेस्ट) के कमांडर, इंस्पेक्टर जनरल टेकुर शशि कुमार (टीएम) भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, कोस्ट गार्ड के पूर्व सैनिक, सेवारत अधिकारी और जवान भी इस अवसर पर मौजूद थे।
पहले यह सर्कल सीएचएच-4बी सर्कल के नाम से जाना जाता था। राज्य सरकार ने इसका नाम बदलकर इंडियन कोस्ट गार्ड की पाँच दशकों की समर्पित सेवा को औपचारिक पहचान दी।
सर्कल की संरचना और प्रतीकात्मकता
'भारतीय तटरक्षक स्वर्ण जयंती सर्कल' को समुद्री बल की परिचालन क्षमताओं और मूल्यों को जनता के सामने प्रदर्शित करने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है। इसके केंद्र में इंडियन कोस्ट गार्ड के ऑफशोर पेट्रोल वेसल (OPV) का एक विशाल मॉडल स्थापित है, जो गुजरात की तटरेखा और समुद्री सीमाओं की सुरक्षा का प्रतीक है।
इस प्रतिष्ठान में डोर्नियर एयरक्राफ्ट और एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) के मॉडल भी शामिल किए गए हैं, जो कोस्ट गार्ड के एविएशन विंग की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और हवाई निगरानी में दक्षता को रेखांकित करते हैं। कर्तव्य के प्रति समर्पण दर्शाने के लिए कोस्ट गार्ड कर्मियों की मूर्तियाँ भी स्थापित की गई हैं।
डिजिटल दीवार और जन-जागरूकता
सर्कल परिसर में एक डिजिटल वॉल लगाई गई है, जिस पर इंडियन कोस्ट गार्ड की गतिविधियों और अभियानों को निरंतर प्रदर्शित किया जाता है। अधिकारियों के अनुसार, इस प्रदर्शनी का प्रमुख उद्देश्य आम नागरिकों में कोस्ट गार्ड की भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाना और यह संदेश सुदृढ़ करना है कि यह बल "समुद्र में 24×7×365 सतर्क रहकर देश के समुद्री हितों की अनवरत रक्षा करता है।"
सरकार की प्रतिक्रिया और व्यापक संदेश
राज्य सरकार ने कहा कि यह उद्घाटन उन बलों के योगदान को स्वीकार करने के प्रति एक समावेशी दृष्टिकोण को दर्शाता है जो देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में अपना जीवन समर्पित करते हैं। अधिकारियों ने कहा, "यह देश का पहला ऐसा सार्वजनिक सर्कल है जो इंडियन कोस्ट गार्ड को समर्पित है — यह कोस्ट गार्ड और राज्य के बीच संबंधों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।"
यह लैंडमार्क तटीय सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, मानवीय सहायता और राष्ट्र-निर्माण में इंडियन कोस्ट गार्ड की बहुआयामी भूमिका को स्थायी रूप से उजागर करने का माध्यम बनेगा। गौरतलब है कि गुजरात की लंबी तटरेखा — जो देश में सर्वाधिक में से एक है — को देखते हुए यह सम्मान विशेष रूप से सार्थक है।