गांधीनगर स्थापना दिवस 2026: CM भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने दी बधाई, जानें 59 साल का सफर
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात की राजधानी गांधीनगर का स्थापना दिवस प्रतिवर्ष 2 अगस्त को मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 1965 में साबरमती नदी के तट पर इस नियोजित शहर की नींव रखी गई थी। वर्ष 1970 में गांधीनगर को आधिकारिक रूप से गुजरात की राजधानी घोषित किया गया, जिससे पहले यह दर्जा अहमदाबाद को प्राप्त था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने गांधीनगर वासियों को हार्दिक बधाई दी।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का संदेश
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'ग्रीन सिटी और गुजरात के दिल के साथ-साथ राज्य के अच्छे शासन और एडमिनिस्ट्रेटिव सिस्टम के सेंटर के तौर पर मशहूर राजधानी गांधीनगर के स्थापना दिवस पर दिल से बधाई।' उन्होंने आगे जोड़ा कि गांधीनगर न केवल एक हरा-भरा और सुनियोजित शहर बन चुका है, बल्कि शिक्षा हब और आधुनिक अवसंरचना का एक उत्कृष्ट मॉडल भी बनकर उभरा है। पटेल ने उम्मीद जताई कि गांधीनगर पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास की नई ऊँचाइयाँ छूता रहेगा।
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी की बधाई
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भी एक्स पर अपनी भावनाएँ साझा करते हुए लिखा, 'जहां हर रास्ता तरक्की की कहानी कहता है, जहां हर सांस में हरियाली की खुशबू है। गुजरात की गर्वित राजधानी गांधीनगर के स्थापना दिवस पर दिल से बधाई।' उनके इस संदेश में शहर की हरित पहचान और विकास-यात्रा दोनों की झलक मिलती है।
गांधीनगर की स्थापना और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
गांधीनगर देश का दूसरा नियोजित शहर है — पहला चंडीगढ़। गुजरात के प्रथम मुख्यमंत्री जीवराज मेहता ने कई स्थलों का सर्वेक्षण कराने के बाद साबरमती तट पर इस स्थान को नई राजधानी के लिए चुना था। शहर का नाम महात्मा गांधी के सम्मान में रखा गया है। गौरतलब है कि यह शहर अपनी व्यवस्थित सेक्टर-आधारित बनावट, चौड़ी सड़कों और हरे-भरे आवरण के लिए पहचाना जाता है।
आधुनिक गांधीनगर: शिक्षा, प्रशासन और इंफ्रास्ट्रक्चर
आज गांधीनगर केवल प्रशासनिक केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर के बड़े आयोजनों और उच्च शिक्षा का भी महत्त्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। यहाँ का रेलवे स्टेशन देश के सबसे आधुनिक स्टेशनों में गिना जाता है। महात्मा मंदिर यहाँ का प्रमुख कन्वेंशन सेंटर है, जो विधानसभा के बाद सर्वाधिक चर्चित स्थल है। यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात सरकार राज्य को निवेश और शिक्षा के वैश्विक गंतव्य के रूप में स्थापित करने में जुटी है।
आगे की राह
स्थापना के 59 वर्ष पूरे होने पर गांधीनगर की विकास-गाथा आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल बनती जा रही है। शहर के नियोजित विस्तार और बुनियादी ढाँचे में निरंतर निवेश से उम्मीद की जा रही है कि यह स्मार्ट सिटी के रूप में अपनी पहचान और मज़बूत करेगा।