गुजरात सरकार ने ट्रैफिक अनुशासन को सहेजने के लिए अपनाई अत्याधुनिक तकनीक

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गुजरात सरकार ने ट्रैफिक अनुशासन को सहेजने के लिए अपनाई अत्याधुनिक तकनीक

सारांश

गुजरात सरकार ने ट्रैफिक अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग शुरू किया है। सीसीटीवी कैमरों और डिजिटल चालान प्रणाली के माध्यम से, ट्रैफिक नियमों का पालन सख्ती से किया जा रहा है। जानें कैसे यह पहल सड़क सुरक्षा को बढ़ावा दे रही है।

Key Takeaways

  • गुजरात सरकार ने ट्रैफिक अनुशासन के लिए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया है।
  • सीसीटीवी कैमरे और डिजिटल चालान प्रणाली ने नियमों का पालन सख्ती से सुनिश्चित किया है।
  • सुरक्षित गुजरात अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना है।
  • डिजिटलीकरण से निगरानी प्रणाली मजबूत हुई है।
  • राजस्व प्राप्ति में वृद्धि हुई है, जो नियमों के पालन को प्रोत्साहित करती है।

अहमदाबाद, 6 मार्च (राष्ट्रीय प्रेस)। बड़े शहरों में ट्रैफिक की समस्याएँ विकराल होती जा रही हैं, क्योंकि सभी लोग जल्दी में होते हैं और ट्रैफिक नियमों को तोड़ने की कोशिश करते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए गुजरात सरकार ने अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी का सहारा लिया है।

राज्य पुलिस ने सेफ गुजरात कैंपेन के तहत शहर के व्यस्त चौराहों और सड़कों पर बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए हैं। इन कैमरों की निगरानी के लिए ट्रैफिक मॉनिटरिंग सेंटर भी बनाए गए हैं। ट्रैफिक मूवमेंट मॉनिटरिंग और चालान की प्रक्रिया के डिजिटलीकरण से ट्रैफिक को नियंत्रित करने में मदद मिल रही है, साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों की आदत भी सुधर रही है।

अहमदाबाद के निवासी रवींद्र पटेल ने बताया कि वह बोपल में रहते हैं। दुकान जाने के दौरान गलती से हेलमेट घर पर छोड़ आए, जिसके कारण ट्रैफिक पुलिस ने उनका ई-चालान

अहमदाबाद के एक और निवासी व्योमेश बाबूलाल ने कहा कि सरकार द्वारा बनाए गए नियम हमारी भलाई और सुरक्षा के लिए हैं। उन्हें भी ई-मेमो प्राप्त हुआ था, जिसे उन्होंने भर दिया। नोटिस उनके घर पर आया था, लेकिन उन्होंने खुद ऑफिस आकर दो मिनट में चालान भरा। इस घटना ने उन्हें सबक सिखाया है और वह आगे से ऐसी गलती नहीं करेंगे।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के विजन के तहत मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात में 'परिवहन पोर्टल' और 'ई-चालान सिस्टम' के माध्यम से ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी के चलते वर्ष 2023 में राज्य में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों से ₹153 करोड़ 78 लाख, वर्ष 2024 में ₹195 करोड़ 87 लाख, और वर्ष 2025 में लगभग ₹231 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है।

तीन वर्षों में ₹581 करोड़ से अधिक का फाइन वसूला गया है। इस दौरान लगभग 1 करोड़ 45 लाख चालान काटे गए हैं। आंकड़ों के अनुसार, 2025 में अकेले 85 लाख 71 हजार से अधिक चालान काटे गए, जिनमें से 76 लाख 46 हजार चालान ऑनलाइन भेजे गए। अहमदाबाद में अकेले 40 लाख 20 हजार चालान काटे गए।

अहमदाबाद के ट्रैफिक डीसीपी नरेश कंजारिया ने बताया कि शहर में डिजिटलीकरण की काफी आवश्यकता थी और इससे बड़ी सफलता भी मिली है। कंट्रोल रूम के माध्यम से ई-मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरों के उपयोग से पुलिस को जानलेवा दुर्घटनाओं और बड़े आपराधिक मामलों पर नजर रखने में भी मदद मिलती है। डिजिटलीकरण के कारण निगरानी प्रणाली काफी मजबूत हुई है, जिससे कानून व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिली है।

उन्होंने बताया कि बिना हेलमेट के टू-व्हीलर चलाने, रॉन्ग साइड ड्राइविंग, और गलत पार्किंग के मामले में चालान भेजे गए हैं। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, सुरक्षित गुजरात अभियान का उद्देश्य राजस्व बढ़ाना नहीं है, बल्कि सड़क सुरक्षा और नागरिकों की जान बचाना है। सीसीटीवी के माध्यम से पुलिस यह भी जान पाती है कि कहां दुर्घटना हुई, जिससे पीड़ित को तुरंत मदद मिल सके।

गुजरात सरकार की स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट प्रक्रिया और ऑनलाइन चालान प्रणाली वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों के पालन के प्रति जागरूक कर रही है, और राज्य में एक अनुशासित यातायात व्यवस्था स्थापित करने में भी सहायक साबित हो रही है।

Point of View

नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। यह उपाय न केवल नियमों का उल्लंघन कम कर रहा है, बल्कि नागरिकों को भी जागरूक कर रहा है।
NationPress
06/03/2026

Frequently Asked Questions

गुजरात में ट्रैफिक नियमों का पालन कैसे सुनिश्चित किया जा रहा है?
गुजरात सरकार ने सीसीटीवी कैमरे और डिजिटल चालान प्रणाली का उपयोग कर ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित किया है।
ई-चालान क्या है?
ई-चालान एक डिजिटल चालान प्रणाली है, जिसके माध्यम से यातायात उल्लंघन के मामलों में चालान ऑनलाइन भेजा जाता है।
क्या सीसीटीवी कैमरे केवल ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के लिए ही हैं?
नहीं, सीसीटीवी कैमरे दुर्घटनाओं और आपराधिक घटनाओं पर नजर रखने में भी मदद करते हैं।
गुजरात सरकार का सुरक्षित गुजरात अभियान का उद्देश्य क्या है?
इस अभियान का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना और नागरिकों की जान बचाना है।
गुजरात में चालान की प्रक्रिया कैसे होती है?
चालान की प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफार्म पर होती है, जहां उल्लंघन के मामले में चालान तुरंत भेजा जाता है।
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