क्या 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' ने गुजरात में धूम मचाई?
सारांश
Key Takeaways
- सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का आयोजन एक ऐतिहासिक अवसर है।
- मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने संतों के साथ ओंकार नाद का जाप किया।
- यह पर्व संस्कृति और धरोहर को सहेजने का एक प्रयास है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से यह आयोजन हुआ है।
- शौर्य यात्रा में 108 घुड़सवारों के साथ भव्य समारोह होगा।
गांधीनगर, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सोमनाथ मंदिर पर हुए हमलों की एक हजारवीं वर्षगांठ के अवसर पर 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष मौके पर, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को गांधीनगर के श्री धोलेश्वर महादेव मंदिर में संतों और भक्तों के साथ मिलकर 'ओंकार नाद' का जाप किया।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' की शुरुआत हुई है। यह उत्सव 8 से 11 जनवरी तक चलेगा, जिसमें 72 घंटे तक निरंतर ओंकार नाद का जाप होगा। ओंकार की ऊर्जा को फैलाने के लिए विभिन्न तीर्थस्थलों पर भी ओंकार नाद का जाप किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक हजार वर्ष पहले सोमनाथ पर हमला हुआ था, फिर भी सोमनाथ महादेव का मंदिर हमारी आस्था का एक मजबूत प्रतीक बना हुआ है।
उन्होंने सभी से इस महान विरासत को याद करने के लिए एकजुट होने की अपील की। मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने हमारी संस्कृति को बचाते हुए विकास को आगे बढ़ाया है, जिससे हमें अपनी संस्कृति से फिर से जुड़ने, एकजुट होने और अपनी साझा विरासत को गर्व से प्रदर्शित करने का अवसर मिला है। आइए, हम सब मिलकर अपने गौरव को दिखाएं।"
इसके साथ ही, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कुछ तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वह सोमनाथ मंदिर में पूजा करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने लिखा, "सोमनाथ मंदिर भारत की आत्मा की अजेय शक्ति और सनातन धरोहर का प्रतीक है। 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' इसी गौरवशाली परंपरा का उत्सव है। सोमनाथ धाम की अपनी यात्राओं की कुछ यादें साझा कर रहा हूँ।"
गुजरात के सूचना निदेशालय ने जानकारी दी कि केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, मंत्री जीतू वघानी और प्रद्युम्न वाजा की उपस्थिति में सोमनाथ महादेव मंदिर परिसर में शंखनाद के साथ 72 घंटे के ओंकार जाप की शुरुआत की गई।
सूचना निदेशालय ने बताया कि शौर्य यात्रा में भाग लेने के लिए गुजरात पुलिस कैवेलरी के 15 जिलों से घोड़े भी सोमनाथ लाए गए हैं। 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' में 108 घुड़सवारों के साथ एक भव्य शौर्य यात्रा का आरंभ किया जाएगा।