क्या पीएम स्वनिधि योजना ने लाखों वेंडर्स की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया?
सारांश
Key Takeaways
- पीएम स्वनिधि योजना के तहत विक्रेताओं को ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
- इस योजना का उद्देश्य छोटे व्यापारियों को आत्मनिर्भर बनाना है।
- लाखों लाभार्थियों ने इस योजना का लाभ उठाया है।
- क्रेडिट कार्ड से विक्रेताओं को अपने व्यवसाय को बढ़ाने का अवसर मिल रहा है।
- यह योजना वित्तीय समावेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
सूरत, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देश भर के सड़क विक्रेताओं के लिए प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के तहत क्रेडिट कार्ड का शुभारंभ किया। इसके साथ ही लगभग एक लाख लाभार्थियों को ऋण का वितरण भी किया गया।
सूरत महानगरपालिका द्वारा साइंस सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने सड़क विक्रेताओं को चेक वितरित किए और उन बैंकों के अधिकारियों को सम्मानित किया जिन्होंने विक्रेताओं को ऋण उपलब्ध कराने में अच्छा कार्य किया।
इस अवसर पर सूरत महानगरपालिका की आयुक्त शालिनी अग्रवाल ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत सड़क विक्रेताओं के लिए क्रेडिट कार्ड की शुरुआत की गई है।
उन्होंने कहा कि सूरत में एक लाख से अधिक विक्रेताओं को 10 हजार, 20 हजार और 30 हजार रुपए की विभिन्न श्रेणियों में कुल मिलाकर लगभग 2.03 करोड़ रुपए का ऋण वितरित किया गया है। इस योजना का उद्देश्य छोटे व्यापारियों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने वर्चुअली देशभर से जुड़े और पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड योजना की औपचारिक शुरुआत की। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लाभार्थियों को स्वनिधि क्रेडिट का लाभ प्रदान किया गया। साथ ही जिन बैंकों ने योजना के क्रियान्वयन में बेहतर कार्य किया है, उनके कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया।
पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थी संतोष गुप्ता, जो सब्जी का ठेला लगाते हैं, ने बताया कि उन्हें इस योजना के पहले चरण में 10 हजार रुपए का ऋण मिला था। किस्तों का भुगतान पूरा करने के बाद उन्हें दूसरे ऋण के लिए आवेदन करने की सूचना मिली, जिसके बाद उन्होंने 25 हजार रुपए का दूसरा ऋण लिया।
संतोष गुप्ता ने कहा कि यह योजना फेरीवालों और सड़क विक्रेताओं के लिए अत्यंत लाभकारी है, जिससे छोटे व्यापारी ऋण लेकर अपने कारोबार को आगे बढ़ा सकते हैं।
वहीं, एक अन्य लाभार्थी संतोष मिश्रा ने बताया कि उन्होंने भी इस योजना के तहत पहले 10 हजार रुपए का ऋण लिया था। इसके बाद 20 हजार और 50 हजार रुपए के ऋण की किस्तें पूरी करने पर उन्हें 10 हजार रुपए का क्रेडिट कार्ड मिला। उन्होंने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना से सड़क विक्रेताओं को न केवल आर्थिक सहायता मिल रही है, बल्कि उनके व्यवसाय को स्थिरता और नई पहचान भी प्राप्त हो रही है।