क्या राहुल गांधी की बातें जनता द्वारा गंभीरता से नहीं ली जाती हैं? : राज भूषण चौधरी
सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी के बर्ताव पर जनता की प्रतिक्रिया
- विदेशों में भारत के खिलाफ बोलने का प्रभाव
- नीतीश कुमार की विकास यात्रा
- सनातन धर्म की वैज्ञानिकता
- घुसपैठियों के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी
मुजफ्फरपुर, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि विदेशी महिला का पुत्र शासन करने योग्य नहीं हो सकता। केंद्रीय राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी के बर्ताव के कारण जनता उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेती है।
मुजफ्फरपुर में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में चौधरी ने कहा कि सत्ता के लिए राहुल गांधी देश को बदनाम करने की कोशिश करते हैं। वे विदेश जाकर भारत के बारे में बुरा बोलते हैं। देश की जनता इन बातों को समझती है, इसलिए वे उन्हें गंभीरता से नहीं लेती। जहाँ तक प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी की बात है, तो कभी राहुल गांधी नहीं चाहेंगे कि बहन राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जाए। जब बहन को आगे बढ़ते हुए नहीं देख सकते हैं, तो देश की जनता की भलाई कैसे कर सकते हैं। इसलिए देश की जनता उन्हें गंभीरता से नहीं लेती है। आने वाले चुनावों में उन्हें करारा जवाब मिलेगा।
हरिद्वार में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सनातन धर्म को लेकर दिए बयान पर राज भूषण चौधरी ने कहा कि निश्चित रूप से विश्व के पटल पर सनातन धर्म की विचारधारा वैज्ञानिक तौर पर साबित हो रही है। उपवास करते हैं तो शरीर पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।
उन्होंने कहा कि देश कायदे-कानून और संविधान से चलता है। देश के लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए। हमारी सरकार सबका साथ, सबका विकास के तहत काम कर रही है।
असम के मुख्यमंत्री के घुसपैठ वाले बयान पर राज भूषण चौधरी ने कहा कि निश्चित रूप से विपक्ष घुसपैठियों के नाम पर चुनाव जीतना चाहता है। बंगाल में घुसपैठियों को बाहर निकालने का काम किया जा रहा है, इसलिए ममता बनर्जी को बुरा लग रहा है। जनता समझती है और आने वाले चुनाव में सबक सिखाएगी। इस बार पश्चिम बंगाल में कमल खिलेगा।
जदयू नेता कोमल सिंह ने बिहार की नीतीश सरकार की तारीफ की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जितनी तारीफ की जाए कम है। उनकी समृद्धि यात्रा सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है। यह बिहार को समृद्ध, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का माध्यम है। वे अपनी यात्रा से संदेश देना चाहते हैं कि सुशासन सिर्फ पटना से ही नहीं, बल्कि गांव-गांव में लोगों की समस्या को सुनकर चलता है।
जदयू नेता ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में हर वर्ग को प्राथमिकता देते हुए सभी का विकास करने में हम लगे हैं।