क्या <b>राहुल गांधी</b> विदेश जाकर <b>देश</b> की <b>छवि</b> को खराब करते हैं?: <b>राम कदम</b>
सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी का विदेश दौरा
- भाजपा का विरोध
- संसद का शीतकालीन सत्र
- नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी
- राजनीतिक चर्चाएँ
मुंबई, 10 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा नेता राम कदम ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के जर्मनी दौरे पर गंभीर टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि जब भी राहुल गांधी विदेश जाते हैं, तो भारत की छवि को धूमिल करने की कोशिश करते हैं। देश की जनता देख रही है कि वे किस एजेंडे के तहत विदेश यात्रा करते हैं।
मुंबई में भाजपा नेता ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है। नेता प्रतिपक्ष के नाते राहुल गांधी को सदन की चर्चा में भाग लेना चाहिए, लेकिन उनका मन तो विदेश में लगता है। उन्होंने कहा कि विदेश जाना राहुल गांधी का व्यक्तिगत निर्णय है, लेकिन जब संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा हो, तो ऐसे समय में विदेश जाना क्या उचित है? क्या राहुल गांधी इसी तरह अपनी गंभीरता साबित करते हैं?
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इससे पहले भी कई बार विदेश यात्रा कर चुके हैं। विदेश जाकर अक्सर वे भारत की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि पूरा देश संसद के सत्र का इंतजार करता है, क्योंकि इस दौरान देशहित में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं। चर्चा में नेता प्रतिपक्ष और विपक्ष का होना बेहद आवश्यक है।
राम कदम ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि उनमें गंभीर नेता की गुणवत्ताएँ नहीं हैं। उनका आगामी विदेश दौरा इसी बात का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि विदेश जाना आपका निर्णय है, लेकिन वहां जाकर माँ भारती के खिलाफ अभद्र टिप्पणियाँ न करें।
ज्ञात हो कि राहुल गांधी के विदेश दौरे को लेकर सत्ता पक्ष जहां हमलावर है, वहीं विपक्ष इस मुद्दे पर उनका बचाव कर रहा है। कांग्रेस नेता का कहना है कि देश के महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए विदेश दौरे को मुद्दा बनाया जा रहा है।