क्या नागालैंड में ड्रोन आधारित स्वास्थ्य सेवाओं के लिए समझौता हुआ है?

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क्या नागालैंड में ड्रोन आधारित स्वास्थ्य सेवाओं के लिए समझौता हुआ है?

सारांश

नागालैंड में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है, जिसमें ड्रोन तकनीक का उपयोग किया जाएगा। यह पहल दुर्गम क्षेत्रों में मेडिकल मदद पहुंचाने में सहायक होगी।

Key Takeaways

  • ड्रोन तकनीक का उपयोग स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए किया जाएगा।
  • यह समझौता दुर्गम क्षेत्रों में मेडिकल मदद पहुंचाने में सहायक होगा।
  • आपातकालीन स्वास्थ्य अभियानों के दौरान यह पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
  • समझौते से नागालैंड की स्वास्थ्य प्रणाली और मजबूत होगी।
  • यह जनकल्याण के लिए उभरती तकनीकों के उपयोग में अंतर-विभागीय सहयोग का एक उदाहरण है।

कोहिमा, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नागालैंड में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य में ड्रोन तकनीक के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गुरुवार को कोहिमा में योजना एवं परिवर्तन विभाग के अंतर्गत नागालैंड जीआईएस एवं रिमोट सेंसिंग सेंटर (एनजीआईएसआरएससी) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के बीच यह एमओए साइन हुआ। इसके तहत राज्य की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में ड्रोन तकनीक को सम्मिलित किया जाएगा।

अधिकारी के अनुसार, यह सहयोग नागालैंड के दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों, दूरदराज इलाकों और सीमित पहुंच जैसी चुनौतियों का सामना करने में सहायता करेगा। ड्रोन के माध्यम से आपातकालीन मेडिकल सप्लाई पहुंचाई जाएगी, साथ ही बीमारी फैलने की स्थिति और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।

ड्रोन तकनीक का उपयोग मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए वेक्टर कंट्रोल अभियानों में हवाई सहायता प्रदान करने और जियोस्पेशियल मैपिंग के जरिए बेहतर योजना एवं निर्णय लेने में भी किया जाएगा।

समझौते के तहत एनजीआईएसआरएससी ड्रोन संचालन, क्षमता निर्माण, डेटा विश्लेषण और सभी नियामक प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करेगा, जबकि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग लॉजिस्टिक सहयोग, समन्वय और तैनाती की योजना तैयार करेगा।

एनजीआईएसआरएससी के सीनियर प्रोजेक्ट डायरेक्टर म्हाथुंग किथान ने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में उभरती तकनीकों को शामिल करना आवश्यक है और ड्रोन तकनीक अपनाने से पहाड़ी राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की दक्षता में सुधार होगा।

वहीं, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की प्रधान निदेशक मेरेनिनला सेनलेम ने कहा कि यह सहयोग आपात स्थितियों और आपदाओं के दौरान राज्य की तैयारी और प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करेगा। उन्होंने बताया कि आपात स्वास्थ्य अभियानों और आपदा के दौरान आवश्यक मेडिकल सामग्री की समय पर आपूर्ति में यह पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

यह एमओए नागालैंड को तकनीक-सक्षम और मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और जनकल्याण के लिए उभरती तकनीकों के उपयोग में अंतर-विभागीय सहयोग का एक मॉडल प्रस्तुत करता है।

Point of View

जो न केवल स्थानीय जनता की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करेगा, बल्कि यह दर्शाता है कि कैसे उभरती तकनीकों का उपयोग जनकल्याण में किया जा सकता है।
NationPress
23/01/2026

Frequently Asked Questions

ड्रोन तकनीक का उपयोग कैसे किया जाएगा?
ड्रोन तकनीक का उपयोग आपातकालीन मेडिकल सप्लाई पहुंचाने, बीमारी फैलने की स्थिति में और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया के लिए किया जाएगा।
समझौते में कौन-कौन से विभाग शामिल हैं?
समझौते में नागालैंड जीआईएस एवं रिमोट सेंसिंग सेंटर और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग शामिल हैं।
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