कनाडा की यूपी पर नजर: रक्षा, ऊर्जा और शिक्षा में बढ़ेगा सहयोग
सारांश
Key Takeaways
- कनाडा और यूपी के बीच रक्षा और ऊर्जा में सहयोग बढ़ेगा।
- ब्रह्मोस मिसाइल जैसे प्रोजेक्ट्स पर ध्यान दिया गया है।
- ग्रीन हाइड्रोजन और अन्य क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं हैं।
- शैक्षणिक साझेदारी से कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा।
- यूपी की एफडीआई नीति आकर्षक साबित हो रही है।
लखनऊ, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश को एक अंतरराष्ट्रीय निवेश केंद्र बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, कनाडा ने राज्य के साथ रक्षा, ऊर्जा और व्यापारिक सहयोग को बढ़ाने में गहरी रुचि प्रकट की है।
कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर ने बताया कि यूपी में दीर्घकालिक निवेश और तकनीकी साझेदारी की व्यापक संभावनाएं उपलब्ध हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को साकार करने के प्रयासों के बीच, बुधवार को भारत में कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ का दौरा किया।
प्रतिनिधिमंडल का स्वागत प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना और मुख्यमंत्री के सचिव अमित सिंह ने किया। प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ स्थित ‘इन्वेस्ट यूपी’ मुख्यालय का दौरा किया, जहां अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (आईआईडीसी) दीपक कुमार की अध्यक्षता में एक रणनीतिक बैठक आयोजित की गई।
बैठक में रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा और शैक्षणिक नवाचार जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा देने पर गहन चर्चा की गई। इस दौरान ‘इन्वेस्ट यूपी’ ने राज्य के मजबूत निवेश इकोसिस्टम, बड़े उपभोक्ता बाजार और विकसित हो रहे बुनियादी ढांचे का प्रस्तुतीकरण किया। यूपी की एफडीआई नीति-2023 और जीसीसी नीति-2024 जैसी पहलें वैश्विक कंपनियों को आकर्षित कर रही हैं।
इसके अलावा, उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की प्रगति और ब्रह्मोस मिसाइल जैसे उन्नत विनिर्माण प्रोजेक्ट्स को भी प्रमुखता से रेखांकित किया गया। उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर ने भारत-कनाडा व्यापार संबंधों को विस्तार देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन, एलएनजी/एलपीजी और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग की अप्रत्याशित संभावनाएं हैं।
उन्होंने वैश्विक परिदृश्य में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने शैक्षणिक सहयोग को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि कनाडा के प्रमुख शिक्षण संस्थानों और उत्तर प्रदेश के बीच साझेदारी से कौशल विकास, नवाचार और वैश्विक प्रतिभा के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।
उच्चायुक्त ने विश्वास व्यक्त किया कि व्यापार, तकनीकी हस्तांतरण और कौशल विकास के क्षेत्र में मजबूत सहयोग से दोनों पक्षों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा और सतत विकास को गति मिलेगी। प्रतिनिधिमंडल में रक्षा सलाहकार कर्नल स्टीफन मरे, राजनीतिक एवं आर्थिक अधिकारी रोहित शुक्ला और व्यापार आयुक्त सुमेन मंडल भी शामिल रहे।