क्या रावलपिंडी की 160 ऊंची इमारतों में से सिर्फ एक ही अग्नि सुरक्षा मानकों पर खरी है?

Click to start listening
क्या रावलपिंडी की 160 ऊंची इमारतों में से सिर्फ एक ही अग्नि सुरक्षा मानकों पर खरी है?

सारांश

पाकिस्तान के रावलपिंडी में 160 से अधिक ऊंची इमारतों में महज एक इमारत ही अग्नि सुरक्षा नियमों के अनुरूप है। यह जानकारी कराची में हुए भीषण अग्निकांड के बाद आई है। जानिए इस मामले की पूरी जानकारी।

Key Takeaways

  • रावलपिंडी में 160 ऊंची इमारतें हैं, जिनमें से केवल एक ही सुरक्षित है।
  • गुल प्लाजा मॉल में अग्निकांड ने सुरक्षा नियमों की आवश्यकता को उजागर किया।
  • सरकार ने ऊंची इमारतों के सर्वेक्षण के निर्देश दिए हैं।
  • अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन न करने पर नोटिस जारी किए गए हैं।
  • इमारतों की सुरक्षा में सुधार के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

इस्लामाबाद, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के रावलपिंडी जिले में 160 से अधिक ऊंची इमारतों में से महज एक ही इमारत सरकारी अग्नि सुरक्षा नियमों पर पूरी तरह खरी उतरती है। यह जानकारी स्थानीय मीडिया ने प्रदान की है।

हाल ही में कराची के गुल प्लाजा मॉल में हुए भयानक अग्निकांड में 71 लोगों की जान जाने के बाद, पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने ऊंची इमारतों का सर्वेक्षण करने और वहां फायर हाइड्रेंट स्थापित करने के निर्देश दिए थे। अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, सभी संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर पुनः विश्लेषण किया गया है और संबंधित अधिकारियों को अग्नि सुरक्षा प्रावधानों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मॉल के निकट स्थित एकमात्र ऊंची इमारत ही अग्नि सुरक्षा के प्रमुख मानकों को पूरा करती है। इस इमारत में फायर हाइड्रेंट, आपातकालीन निकास मार्ग, फायर अलार्म, आग का पता लगाने और स्प्रिंकलर सिस्टम की सुविधाएं मौजूद हैं। इसके अलावा, यहां एक प्रशिक्षित टीम भी तैनात है, जो आपात स्थिति में एक मिनट के भीतर लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सक्षम है।

रावलपिंडी के रेस्क्यू 1122 के जिला आपातकालीन अधिकारी (डीईओ) सिबगत उल्लाह ने बताया कि रावलपिंडी स्टेशन के पास 19 फायर वाहन और 300 से अधिक प्रशिक्षित दमकलकर्मी मौजूद हैं, जो किसी भी आपात स्थिति का सामना कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा नियमों के अनुसार इमारतों में आपात निकास सीढ़ियां, बाहरी फायर हाइड्रेंट, अतिक्रमण मुक्त रास्ते, फायर एक्सटिंग्विशर, आग का पता लगाने और अलार्म सिस्टम, आंतरिक हाइड्रेंट तथा स्प्रिंकलर सिस्टम के साथ नियमित फायर ड्रिल अनिवार्य हैं।

इस दौरान, 127 इमारतों को अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन न करने पर पहला नोटिस जारी किया गया। इनमें से 82 इमारतों को दूसरा नोटिस और शेष 16 को तीसरा नोटिस जारी किया गया। सिबगत उल्लाह ने बताया कि केवल दो इमारतों को अंतिम नोटिस दिया गया है। यदि तीसरे नोटिस के बाद भी नियमों का पालन नहीं किया गया, तो उन इमारतों को सील करने की सिफारिश की जा सकती है।

इस बीच, कराची के गुल प्लाजा अग्निकांड में मृतकों की संख्या बढ़कर 71 हो गई है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, तलाशी अभियान के दौरान और शव मिलने से मृतकों की संख्या में इजाफा हुआ है। अधिकारियों को आशा है कि शुक्रवार रात तक यह अभियान पूरा कर लिया जाएगा।

सिटिज़न्स-पुलिस लायजन कमेटी (सीपीएलसी) के पहचान डेस्क के प्रभारी आमिर हसन ने बताया कि रात के दौरान मानव अवशेषों से भरे चार बैग अस्पताल लाए गए। ये अवशेष चार अलग-अलग लोगों के हो सकते हैं, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।

डिप्टी कमिश्नर साउथ जावेद नबी खोसो ने बताया कि अभी भी 77 लोग लापता हैं और मलबे में तलाश का काम अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार रात तक सर्च ऑपरेशन पूरा कर लिया जाएगा।

गुल प्लाजा शॉपिंग मॉल में बचाव अभियान शुक्रवार को सातवें दिन भी जारी रहा। यह कराची में पिछले 10 वर्षों की सबसे बड़ी आग की घटनाओं में से एक थी, जो 17 जनवरी को लगी थी और देखते ही देखते पूरे शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में फैल गई।

Point of View

बल्कि प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारियों पर भी सवाल उठाती हैं। सरकार को अधिक सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।
NationPress
11/03/2026

Frequently Asked Questions

रावलपिंडी में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन क्यों आवश्यक है?
अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन जन जीवन की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। यह इमारतों में आग लगने की स्थिति में नुकसान को कम करने में मदद करता है।
गुल प्लाजा अग्निकांड में कितने लोग प्रभावित हुए?
गुल प्लाजा अग्निकांड में अब तक 71 लोगों की मौत हो चुकी है।
क्या रावलपिंडी में अग्नि सुरक्षा की स्थिति में सुधार होगा?
सरकारी निर्देशों के अनुसार, ऊंची इमारतों की अग्नि सुरक्षा स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
Nation Press