क्या कराची में शॉपिंग मॉल में आग से मरने वालों की संख्या 14 तक पहुंच गई?
सारांश
Key Takeaways
- 14 लोगों की मौत और 70 से ज्यादा लोग लापता।
- आग बुझाने में प्रशासन की देरी।
- सर्च ऑपरेशन जारी है।
- गर्भवती महिला की तलाश जारी।
- स्थानीय अधिकारियों की आलोचना।
इस्लामाबाद, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के कराची में शनिवार रात गुल प्लाजा शॉपिंग मॉल में लगी भीषण आग में मरने वालों की संख्या सोमवार को 14 तक पहुंच गई है। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, रेस्क्यू दल को घटनास्थल से आठ और शव मिले हैं। इसके अलावा 70 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं।
सभी लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है। आग पर काबू पाने में भीषण मेहनत करनी पड़ी। इस दौरान, सिंध सरकार और कराची के मेयर की कार्रवाई में देरी के लिए लोगों ने आलोचना की है।
पाकिस्तानी अखबार डॉन की एक रिपोर्ट के अनुसार, आग को पहले ही बुझाया जा सकता था, लेकिन प्रशासन की तरफ से समय पर कार्रवाई न होने और संसाधनों की कमी के कारण यह 13 घंटों तक भड़कती रही।
स्थानीय व्यापारियों और लोगों ने बताया कि निकटतम फायर स्टेशन और स्थानीय अधिकारियों के समय पर हस्तक्षेप से नुकसान कम किया जा सकता था, लेकिन आग बुझाने का कार्य रविवार सुबह से सही तरीके से शुरू हो सका।
एक स्थानीय व्यक्ति ने डॉन से कहा कि उन्हें शनिवार रात बार-बार बताया गया कि पानी की कमी है, जिससे ऑपरेशन में बाधा उत्पन्न हुई। इसी बीच, सिंध के गवर्नर कामरान टेसोरी ने सोमवार को घटनास्थल का दौरा किया।
गवर्नर ने कहा, "70 से ज्यादा लापता लोगों की खबरें अत्यंत चिंताजनक हैं और यह एक बड़ी त्रासदी है। एक गर्भवती महिला अभी भी अंदर फंसी हुई है और उसकी खोज जारी है। यह घटना अब एक राष्ट्रीय त्रासदी बन गई है।"
दक्षिण डीआईजी सैयद असद रजा ने बताया कि फायर सेफ्टी ऑपरेशन पूरा हो गया है। उन्होंने कहा, "केएमसी, टीएमसी और पाकिस्तान नौसेना के लोग अब साइट से मलबा हटाने के साथ कूलिंग प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं।" रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और आगे की जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।
इससे पहले, रेस्क्यू अधिकारियों ने बताया था कि आग 13 घंटे से लगी हुई थी और इसे बुझाने में काफी मेहनत करनी पड़ी। इसकी वजह से रविवार सुबह तेज गर्मी के कारण बिल्डिंग के कई हिस्से गिर गए।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने जानकारी दी कि कम से कम चार लोगों को सिविल हॉस्पिटल ट्रॉमा सेंटर लाया गया, जबकि दो को बर्न वार्ड में भर्ती किया गया। कुल 15 घायल व्यक्तियों को सिविल हॉस्पिटल ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जिनमें से 14 को डिस्चार्ज कर दिया गया।
अग्निशामक अधिकारी प्रमुख हुमायूं खान ने जियो न्यूज को बताया कि गुल प्लाजा दो एकड़ में बना है। प्लाजा के किनारों पर आग अभी भी लगी हुई है और बिल्डिंग को पूरी तरह से जर्जर घोषित कर दिया गया है। सिंध बिल्डिंग कंट्रोल अथॉरिटी (एसबीसीए) के अधिकारी हालात का जायजा लेकर इस मामले में अपना फैसला सुनाएंगे।
खान ने बताया कि बिल्डिंग के अंदर अत्यधिक तापमान की वजह से रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन में भी काफी दिक्कतें आ रही हैं। प्लाजा चारों तरफ से पैक है और इसमें सही वेंटिलेशन सिस्टम की कमी है। यही एक कारण है कि आग बुझाने में कठिनाई हुई।
सिंध इमरजेंसी सर्विस रेस्क्यू 1122 के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर आबिद जलालुद्दीन शेख ने कहा कि गुल प्लाजा के तीन तरफ से 20 फायर टेंडर और चार स्नोर्कल आग बुझाने के काम में लगे हुए थे।