भारत अंडर-20 ने सिंगापुर के खिलाफ 30 सदस्यीय टीम घोषित, 3 और 6 अगस्त को बेंगलुरु में मैत्री मैच
सारांश
मुख्य बातें
भारत अंडर-20 पुरुष फुटबॉल टीम के हेड कोच महेश गवली ने रविवार, 2 अगस्त को सिंगापुर के विरुद्ध दो अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैचों के लिए 30 खिलाड़ियों का दस्ता घोषित किया। ये मैच 3 और 6 अगस्त को बेंगलुरु के सेंटर फॉर स्पोर्ट्स एक्सीलेंस में खेले जाएंगे और एएफसी अंडर-20 एशियन कप चाइना 2027 क्वालिफायर की सीधी तैयारी का हिस्सा हैं।
मैचों का विवरण
दोनों मैत्री मैच बंद दरवाजों के पीछे खेले जाएंगे और भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे शुरू होंगे। मैच स्थल बेंगलुरु स्थित सेंटर फॉर स्पोर्ट्स एक्सीलेंस है, जहाँ टीम की तैयारी द स्पोर्ट्स स्कूल के साथ मिलकर चल रही है। कोचिंग स्टाफ इन दोनों मुकाबलों का उपयोग टीम के संतुलन और संयोजन को परखने के लिए करेगा।
चयन प्रक्रिया
इस 30 सदस्यीय दस्ते में 4 गोलकीपर, 12 डिफेंडर, 11 मिडफील्डर और 10 फॉरवर्ड शामिल हैं। टीम का चयन एक व्यापक प्रक्रिया के बाद हुआ, जिसमें देश भर से 102 खिलाड़ियों ने बेंगलुरु में ट्रायल में हिस्सा लिया। गौरतलब है कि यह बड़े पैमाने पर की गई छंटनी भारतीय युवा फुटबॉल की गहराती प्रतिभा खोज का प्रमाण है।
क्वालिफायर में भारत की चुनौती
भारत को एएफसी अंडर-20 एशियन कप चाइना 2027 क्वालिफायर के ग्रुप बी में मेजबान उज़्बेकिस्तान, सीरिया और बांग्लादेश के साथ रखा गया है। भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत 31 अगस्त को सीरिया के विरुद्ध करेगी। इसके बाद 3 सितंबर को उज़्बेकिस्तान और 6 सितंबर को बांग्लादेश से ताशकंद में मुकाबला होगा।
क्वालिफायर सेंट्रलाइज्ड सिंगल राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में खेले जाएंगे, जिसमें 8 ग्रुप विजेता और 7 श्रेष्ठ उपविजेता टीमें एशियन कप के मुख्य चरण के लिए क्वालिफाई करेंगी।
भारत-सिंगापुर का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
आधिकारिक अंडर-20 प्रतियोगिताओं में भारत और सिंगापुर दो बार आमने-सामने आ चुके हैं और दोनों बार भारत विजयी रहा है। 1966 में भारत ने 4-1 से जीत दर्ज की, जबकि 1974 के क्वार्टर-फाइनल में सिंगापुर को पेनल्टी शूटआउट में हराया गया। 2017 में गोवा में खेले गए दो अंडर-19 मैत्री मैचों में भारत ने पहला मैच 7-2 से जीता, जबकि दूसरा मैच 1-0 से सिंगापुर के नाम रहा।
पूरी टीम और सपोर्ट स्टाफ
गोलकीपर: जसकरन डब, प्रणव सुंदररमन, शुहैद कोया थंगल पीएस, सूरज सिंह अहीबाम।
डिफेंडर: अर्शवीर सिंह, अशर रेबेलो, आशिक अधिकारी, बंगसन सिंह तखेलंबम, करिश सोरम, मालेमंगम्बा सिंह थोकचोम, सुमित शर्मा ब्रह्मचारिमयुम, याइफारेम्बा चिंगाखम।
मिडफील्डर: अनिकेत यादव, डल्लालमुऑन गंगटे, डैनी मेइतेई लैशराम, लेविस जंगमिनलुन, एमडी अर्बाश, ऋषि सिंह निंगथौखोंगजम, ऋषिकांत मेइतेई लैशराम, सैमसन अहोंगशांगबाम, शमी सिंगमायुम।
फॉरवर्ड: अगस्त्य भट, गुनलेइबा वांगखेइराकपम, हतीम अली, निरुपम गौड़ा एच, ओमंग दोदुम, प्रशान जाजो, रोहेन सिंह चपमायुम, विशाल यादव, योहान बेंजामिन।
सपोर्ट स्टाफ: हेड कोच महेश गवली, असिस्टेंट कोच एमजी रामचंद्रन, गोलकीपिंग कोच परशुराम सालवाड़ी और स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच अनुग्रह सुरेश।
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय युवा फुटबॉल एशियाई स्तर पर अपनी पहचान मज़बूत करने की कोशिश में है — ताशकंद क्वालिफायर में प्रदर्शन तय करेगा कि यह दस्ता महाद्वीपीय मंच पर कितना दूर जा सकता है।