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क्या सड़क सुरक्षा भारत और गुजरात सरकार के लिए प्राथमिकता है? : प्रो. भार्गव मैत्रा

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क्या सड़क सुरक्षा भारत और गुजरात सरकार के लिए प्राथमिकता है? : प्रो. भार्गव मैत्रा

सारांश

गुजरात में सड़क सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन हुआ, जिसमें गति प्रबंधन पर जोर दिया गया। इस बैठक में विशेषज्ञों ने सुझाव दिए कि कैसे राज्य में सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है। जानें इस बैठक में क्या चर्चा हुई और इससे सड़क सुरक्षा में कैसे सुधार हो सकता है।

मुख्य बातें

गति प्रबंधन दिशानिर्देशों का महत्व सड़क दुर्घटनाओं में कमी के उपाय बहु-हितधारक संवाद की आवश्यकता सरकारी प्रयासों का मूल्यांकन गुजरात में सड़क सुरक्षा के लिए रणनीतियाँ

अहमदाबाद, 30 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात में सड़क सुरक्षा को सुधारने के लिए एक बड़े कदम के तहत, पर्यावरण शिक्षा केंद्र (सीईई) और सड़क सुरक्षा नेटवर्क (आरएसएन) ने गति प्रबंधन दिशानिर्देशों पर एक विशेष बैठक का आयोजन किया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए गति प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करना है।

इस बैठक में राज्य सरकार के उच्च अधिकारी, प्रवर्तन अधिकारी, शिक्षाविद और नागरिक समाज के सदस्य शामिल हुए।

बैठक का लक्ष्य गुजरात में वैज्ञानिक गति प्रबंधन पद्धतियों और दिशानिर्देशों को अपनाने के लिए बहु-हितधारक संवाद शुरू करना था, जो राज्य में भीषण सड़क दुर्घटनाओं को कम करने का एक महत्वपूर्ण उपाय है।

'एमओआरटीएच' की 2022 की रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात में सड़क दुर्घटनाओं में 17,419 मौतें हुईं, जिनमें से 65 प्रतिशत से अधिक दुर्घटनाएं तेज गति से वाहन चलाने के कारण थीं। पिछले वर्ष की तुलना में कुल दुर्घटनाओं में 14.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो वैज्ञानिक और राज्य-विशिष्ट गति प्रबंधन की तत्काल आवश्यकता को दर्शाती है।

आईआईटी खड़गपुर के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर और सड़क सुरक्षा नेटवर्क के सदस्य प्रो. भार्गव मैत्रा ने पश्चिम बंगाल के लिए विकसित गति प्रबंधन दिशा-निर्देशों को पेश किया, जो वहां पहले से ही प्रभावी हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि कैसे गुजरात अपनी सड़कों के प्रकार, यातायात मिश्रण और प्रवर्तन क्षमताओं के अनुसार ऐसे दिशा-निर्देशों को अपना सकता है।

प्रो. भार्गव मैत्रा ने राष्ट्र प्रेस को बताया, "पश्चिम बंगाल का अनुभव दर्शाता है कि राज्य-विशिष्ट गति जोनिंग और अंतर-एजेंसी समन्वय से बड़ा सुधार संभव है और इससे मृत्यु दर में कमी आ सकती है। गुजरात में वैज्ञानिक गति प्रबंधन में अग्रणी बनने की क्षमता है।"

उन्होंने कहा, "सड़क सुरक्षा भारत सरकार और गुजरात सरकार दोनों के लिए प्राथमिकता का क्षेत्र है, और सरकार ने सड़क सुरक्षा परिदृश्य में सुधार के लिए कई प्रयास किए हैं। हम सभी इसकी सराहना करते हैं, लेकिन यदि हमें सरकार के 50 प्रतिशत मृत्यु दर घटाने के लक्ष्य को ध्यान में रखना है, तो गति प्रबंधन पर तुरंत ध्यान देना उचित होगा।"

इस कार्यक्रम में कई उच्च-स्तरीय अधिकारियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिनमें एम. एल. निनामा, IPS, पुलिस महानिरीक्षक, राज्य यातायात शाखा, गुजरात पुलिस, सतीश पटेल (सेवानिवृत्त IAS), गुजरात सड़क सुरक्षा प्राधिकरण (गुजरोसा) के आयुक्त कार्तिकेय साराभाई, और प्रो. भार्गव मैत्रा शामिल थे।

सड़क एवं भवन, शहरी विकास, एनएचएआई, स्वास्थ्य, शिक्षा और पुलिस जैसे प्रमुख विभागों के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। इसके अलावा, बैठक में आईआईटी खड़गपुर जैसे शैक्षणिक संस्थानों और द अर्बन लैब फाउंडेशन (टीयूएलएफ) सहित सड़क सुरक्षा भागीदारों की सक्रिय भागीदारी देखी गई।

संपादकीय दृष्टिकोण

सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या चिंताजनक है। यह बैठक इस दिशा में एक सकारात्मक कदम है, जिसमें विशेषज्ञों का सहयोग लिया गया है। सही दिशा-निर्देश और गति प्रबंधन के उपाय अपनाकर हम सड़क सुरक्षा को बेहतर बना सकते हैं।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सड़क सुरक्षा के लिए गुजरात सरकार क्या कर रही है?
गुजरात सरकार सड़क सुरक्षा के लिए विभिन्न पहलों को लागू कर रही है, जिसमें गति प्रबंधन दिशानिर्देशों पर ध्यान केंद्रित करना शामिल है।
गति प्रबंधन बैठक का उद्देश्य क्या था?
इस बैठक का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं की संख्या को कम करने के लिए वैज्ञानिक गति प्रबंधन प्रथाओं को अपनाना था।
राष्ट्र प्रेस
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