गुजरात एसईसी का निर्देश: मतदान सामग्री जमा होने तक पोलिंग कर्मचारी रहेंगे चुनाव ड्यूटी पर
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) ने 8 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट किया कि 11 अक्टूबर को होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों में तैनात पोलिंग कर्मचारियों को तब तक चुनाव ड्यूटी पर माना जाएगा, जब तक वे सभी मतदान सामग्री निर्धारित रिसीविंग सेंटर पर औपचारिक रूप से जमा नहीं कर देते। गांधीनगर से जारी इस आदेश के अनुसार, यह अवधि मतदान के अगले दिन तक भी खिंच सकती है।
मुख्य घटनाक्रम
एसईसी का यह स्पष्टीकरण गांधीनगर नगर निगम (GMC), ओखा और थारा नगर पालिकाओं के चुनाव तथा विभिन्न स्थानीय निकायों में 7 रिक्त सीटों पर होने वाले उपचुनावों से पहले आया है। मतगणना 13 अक्टूबर को निर्धारित है और संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया 15 अक्टूबर तक पूरी होगी।
आयोग ने बताया कि पोलिंग स्टेशन की दूरी और रिसीविंग सेंटर की स्थिति के कारण मतदान सामग्री वापस करने की प्रक्रिया देर रात तक या मतदान के अगले दिन सुबह तक चल सकती है। ऐसे में संबंधित कर्मचारियों पर अपने मूल कार्यालय में उसी दिन रिपोर्ट करने का दबाव न हो, इसलिए यह निर्देश जारी किया गया।
आयोग की आधिकारिक स्थिति
एसईसी ने अपने आदेश में कहा, 'वोटिंग खत्म होने से लेकर चुनाव का सामान सौंपने तक के काम को चुनाव ड्यूटी माना जाएगा।' आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि जो कर्मचारी मतदान के अगले दिन चुनाव से जुड़े कार्यों में व्यस्त रहने के कारण मूल कार्यालय में रिपोर्ट नहीं कर पाते, उनकी वह अनुपस्थिति ड्यूटी-अनुपस्थिति नहीं मानी जाएगी।
इस निर्देश के तहत पोलिंग कर्मचारी अपनी चुनाव ड्यूटी औपचारिक रूप से पूरी होने तक — अर्थात मतदान सामग्री रिसीविंग सेंटर पर जमा होने तक — चुनाव आयोग के अधीन माने जाएंगे।
चुनाव का दायरा और कर्मचारियों की संख्या
आगामी चुनावों में गांधीनगर नगर निगम के 11 वार्डों की 44 सीटें शामिल हैं। एसईसी के अनुसार, केवल जीएमसी चुनाव प्रक्रिया में ही 2,000 से अधिक कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। तीनों स्थानीय निकायों में मतदान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के माध्यम से कराया जाएगा।
गौरतलब है कि बड़ी संख्या में कर्मचारियों की तैनाती और भौगोलिक दूरी को देखते हुए यह स्पष्टीकरण व्यावहारिक आवश्यकता से उपजा है। रिसीविंग सेंटर तक पहुँचने में लगने वाला समय अलग-अलग पोलिंग बूथों के लिए काफी भिन्न हो सकता है।
आम जनता और कर्मचारियों पर असर
यह निर्देश उन सरकारी कर्मचारियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जिन्हें चुनाव ड्यूटी के बाद अपने नियमित कार्यालय में वापस लौटने में विलंब होता है। इससे उनकी सेवा रिकॉर्ड में अनुपस्थिति दर्ज होने की आशंका समाप्त होती है।
यह ऐसे समय में आया है जब बड़े पैमाने पर स्थानीय निकाय चुनाव आयोजित हो रहे हैं और लॉजिस्टिक चुनौतियाँ स्वाभाविक रूप से अधिक होती हैं। एसईसी का यह कदम चुनाव कर्मचारियों के हितों की रक्षा करते हुए चुनाव प्रक्रिया की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक व्यावहारिक उपाय माना जा रहा है।
आगे की प्रक्रिया
11 अक्टूबर को मतदान के बाद 13 अक्टूबर को वोटों की गिनती होगी। 15 अक्टूबर तक संपूर्ण चुनावी प्रक्रिया के पूरा होने की उम्मीद है। इस बीच, आयोग के इस स्पष्टीकरण से जुड़े सभी कर्मचारियों को उनके विभागीय प्रमुखों को भी अवगत कराने की आवश्यकता होगी ताकि समन्वय सुचारु रहे।