ओडिशा SEC ने 2027 पंचायत-नगर निगम चुनाव की तैयारी पर सर्वदलीय बैठक की, 26 अक्टूबर से घर-घर सर्वेक्षण
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) ने 6 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर में पंचायत एवं नगर निगम चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक आयोजित की। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए पारदर्शी, निष्पक्ष और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पर राजनीतिक दलों के साथ विचार-विमर्श करना था।
बैठक का स्वरूप और भागीदारी
राज्य निर्वाचन आयुक्त मधुसूदन पाढ़ी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राज्य के विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रतिनिधियों ने मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पर अपने विचार और सुझाव साझा किए। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब 2027 के स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं।
26 अक्टूबर से घर-घर सर्वेक्षण
बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को सूचित किया गया कि 26 अक्टूबर से राज्य भर में घर-घर सर्वेक्षण की शुरुआत की जाएगी। इस सर्वेक्षण के ज़रिए मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने का प्रयास किया जाएगा। आधिकारिक बयान में कहा गया कि इससे पात्र मतदाताओं के नाम सही ढंग से सूची में शामिल हो सकेंगे और अपात्र, स्थानांतरित या दिवंगत मतदाताओं से जुड़ी प्रविष्टियों का सत्यापन भी संभव होगा।
बूथ स्तरीय एजेंटों की तैनाती अनिवार्य
आयोग ने प्रत्येक राजनीतिक दल से अनुरोध किया है कि वे राज्य भर के सभी मतदान केंद्रों पर अपने बूथ स्तरीय एजेंट (BLA) तैनात करें और सर्वेक्षण के दौरान उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। सभी दलों से यह भी कहा गया है कि वे अपने बीएलए का विवरण 15 अक्टूबर 2026 तक संबंधित सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (AERO) को जमा करें।
विवरण जमा करने की प्रक्रिया क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग है — ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित बीडीओ को, राष्ट्रीय निर्वाचन आयोगों और नगरपालिकाओं में कार्यकारी अधिकारियों को, और नगर निगमों में उपायुक्तों/सहायक आयुक्तों को विवरण सौंपना होगा।
आयुक्त की प्राथमिकताएँ
राज्य निर्वाचन आयुक्त मधुसूदन पाढ़ी ने कहा कि 'एक सटीक और त्रुटिरहित मतदाता सूची एक स्वस्थ और पारदर्शी चुनावी प्रणाली की नींव है।' उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता सूची तैयार करने के हर चरण में पारदर्शिता, निष्पक्षता और सभी हितधारकों की भागीदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। पाढ़ी ने आशा व्यक्त की कि राजनीतिक दलों के सक्रिय सहयोग से यह सूची और अधिक विश्वसनीय बनाई जा सकती है।
आगे क्या होगा
आयोग की यह पहल ओडिशा में 2027 के पंचायत और नगर निगम चुनावों के लिए व्यापक चुनावी तैयारी प्रक्रिया का हिस्सा है। गौरतलब है कि एक सटीक मतदाता सूची चुनावी विवादों को कम करने और मतदाताओं का विश्वास बनाए रखने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। 26 अक्टूबर से शुरू होने वाले सर्वेक्षण के परिणाम यह तय करेंगे कि आयोग अपने लक्ष्य को किस हद तक पूरा कर पाता है।