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ओडिशा में 30 मई से एसआईआर अभियान: 45,255 बीएलओ करेंगे घर-घर सत्यापन, 6 सितंबर को अंतिम सूची

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ओडिशा में 30 मई से एसआईआर अभियान: 45,255 बीएलओ करेंगे घर-घर सत्यापन, 6 सितंबर को अंतिम सूची

सारांश

ओडिशा में 30 मई से शुरू हुए एसआईआर अभियान में 45,255 बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता सूचियों का सत्यापन करेंगे। 28 जून तक चलने वाली इस प्रक्रिया के बाद 5 जुलाई को मसौदा सूची और 6 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।

मुख्य बातें

30 मई 2026 से ओडिशा में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान आरंभ; घर-घर सत्यापन 28 जून तक पूरा होगा।
पूरे राज्य में 45,255 बीएलओ तैनात; 33,000 बूथ स्तरीय एजेंट प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
मतदाता सूची का मसौदा 5 जुलाई को प्रकाशित होगा; दावे-आपत्तियाँ 5 जुलाई से 4 अगस्त तक दर्ज होंगी।
अंतिम मतदाता सूची 6 सितंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
डिजिटल विकल्प उपलब्ध — फॉर्म चुनाव आयोग की वेबसाइट से डाउनलोड और ऑनलाइन अपलोड किए जा सकते हैं।
अनुपस्थित मतदाताओं की ओर से परिवार के सदस्य फॉर्म भर और जमा कर सकते हैं।

ओडिशा में 30 मई 2026 से मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान आरंभ हो गया है। इस अभियान के तहत राज्यभर में तैनात 45,255 बूथ-लेवल अधिकारी (बीएलओ) प्रत्येक घर तक पहुँचकर गणना फॉर्म वितरित करेंगे, निवासियों को उन्हें भरने में सहायता देंगे और भरे हुए फॉर्म वापस एकत्र करेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) आर.एस. गोपालन ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि यह घर-घर सत्यापन प्रक्रिया 28 जून 2026 तक पूरी कर ली जाएगी।

अभियान की संरचना और समयसीमा

बीएलओ सुबह के समय मतदाताओं के घरों का दौरा करेंगे और गणना फॉर्म उपलब्ध कराएंगे। इन फॉर्म में मतदाता की व्यक्तिगत जानकारी, पारिवारिक विवरण और 2002 की मतदाता सूची से संबंधित सूचनाएँ शामिल होंगी। दौरे के दौरान बीएलओ जानकारी का मिलान करेंगे और छोटी-मोटी त्रुटियों को तत्काल ठीक करेंगे।

इसके अतिरिक्त, बीएलओ को निर्देश दिया गया है कि वे प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे के बीच अपने-अपने मतदान केंद्रों पर उपस्थित रहें, ताकि मतदाता सीधे मतदान केंद्र पर भी फॉर्म जमा कर सकें।

मसौदा सूची और दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया

सीईओ गोपालन के अनुसार, मतदाता सूची का मसौदा 5 जुलाई 2026 को प्रकाशित किया जाएगा। दावे और आपत्तियाँ दर्ज करने की अवधि 5 जुलाई से 4 अगस्त तक निर्धारित है। दावों और आपत्तियों के निपटारे तथा नोटिस की अवधि 5 जुलाई से 2 सितंबर तक जारी रहेगी। अंतिम मतदाता सूची 6 सितंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।

त्रुटियों और दस्तावेज़ी चिंताओं का समाधान

सीईओ गोपालन ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूचियों में पाई जाने वाली अधिकांश विसंगतियाँ — जैसे नाम या आयु में अंतर — छोटी प्रकृति की होती हैं और केवल एक फील्ड जाँच के माध्यम से हल की जा सकती हैं। उन्होंने कहा, 'असल में, ज़्यादातर लॉजिकल गलतियाँ छोटी होती हैं, जैसे उम्र में अंतर, नाम में अंतर। इन्हें फील्ड जाँच में सिर्फ एक पंचनामे के ज़रिए ठीक किया जा सकता है।'

उन्होंने यह भी जोड़ा कि गंभीर त्रुटियों के मामले में मतदाता से सहायक दस्तावेज़ माँगे जा सकते हैं, किंतु दस्तावेज़ न होने का अर्थ स्वतः अयोग्यता नहीं है। इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ईआरओ) स्वविवेक से निर्णय ले सकते हैं।

डिजिटल विकल्प और अनुपस्थित मतदाताओं की सुविधा

जो मतदाता डिजिटल माध्यम को प्राथमिकता देते हैं, वे गणना फॉर्म चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं और भरे हुए फॉर्म ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं। किसी भी पूछताछ के लिए निवासी बीएलओ ऐप के माध्यम से अपने स्थानीय बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं। हेल्प डेस्क भी सक्रिय कर दिए गए हैं।

जो मतदाता अभी अपने घरों से दूर हैं, उनके लिए सीईओ ने स्पष्ट किया कि परिवार के सदस्य उनकी ओर से गणना फॉर्म ले सकते हैं और उनके लिए हस्ताक्षर कर सकते हैं। इसके अलावा, अब तक 33,000 बूथ स्तरीय एजेंट नियुक्त किए जा चुके हैं जो वर्तमान में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

आगे क्या होगा

यह एसआईआर अभियान ओडिशा की मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिमुक्त बनाने की दिशा में एक व्यापक प्रशासनिक कदम है। 6 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी योग्य मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई भी अयोग्य व्यक्ति इसमें शामिल न हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

255 बीएलओ की तैनाती प्रशासनिक प्रतिबद्धता दर्शाती है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि फील्ड स्तर पर 'पंचनामे' की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी और सुसंगत रहती है। सीईओ गोपालन का यह स्पष्टीकरण कि 'दस्तावेज़ न होने का अर्थ अयोग्यता नहीं' — सही दिशा में है, किंतु इसका क्रियान्वयन ईआरओ के विवेक पर निर्भर करता है, जो जवाबदेही का एक कमज़ोर बिंदु बन सकता है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा में एसआईआर अभियान क्या है?
एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण एक चुनाव आयोग की प्रक्रिया है जिसमें बूथ-लेवल अधिकारी घर-घर जाकर मतदाता सूचियों की जाँच और अद्यतन करते हैं। ओडिशा में यह अभियान 30 मई 2026 से शुरू होकर 28 जून 2026 तक चलेगा।
ओडिशा की अंतिम मतदाता सूची कब प्रकाशित होगी?
अंतिम मतदाता सूची 6 सितंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी। इससे पहले मसौदा सूची 5 जुलाई को जारी होगी और दावे-आपत्तियाँ 5 जुलाई से 4 अगस्त के बीच दर्ज की जा सकेंगी।
अगर मतदाता घर पर नहीं हैं तो क्या होगा?
जो मतदाता अपने घरों से दूर हैं, उनकी ओर से परिवार के सदस्य गणना फॉर्म ले सकते हैं और उन पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी आर.एस. गोपालन ने इसकी पुष्टि की है।
मतदाता सूची में त्रुटि होने पर क्या करें?
नाम या आयु जैसी छोटी त्रुटियाँ बीएलओ फील्ड जाँच में एक पंचनामे के ज़रिए ठीक कर सकते हैं। गंभीर त्रुटियों के लिए सहायक दस्तावेज़ माँगे जा सकते हैं, लेकिन दस्तावेज़ न होने पर भी इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर स्वविवेक से निर्णय ले सकते हैं।
क्या ओडिशा एसआईआर के लिए ऑनलाइन विकल्प उपलब्ध है?
हाँ, मतदाता चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट से गणना फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं और भरे हुए फॉर्म ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं। बीएलओ ऐप के माध्यम से स्थानीय बीएलओ से संपर्क और हेल्प डेस्क की सुविधा भी उपलब्ध है।
राष्ट्र प्रेस
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