एसआईआर तीसरा चरण: ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में घर-घर मतदाता गणना शुरू
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के तीसरे चरण के तहत ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में घर-घर मतदाता गणना (एन्यूमरेशन) का कार्य शनिवार से आरंभ कर दिया है। आयोग के अनुसार, जो भी योग्य मतदाता अपना गणना फॉर्म 28 जून तक या उससे पहले निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) को सौंप देंगे, उन्हें ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल में सम्मिलित किया जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
एन्यूमरेशन फेज के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) प्रत्येक घर का दौरा कर सभी मौजूदा मतदाताओं को गणना फॉर्म वितरित कर रहे हैं। मतदाता सही तरीके से भरा हुआ फॉर्म BLO को व्यक्तिगत रूप से सौंप सकते हैं अथवा ऑनलाइन माध्यम से जमा कर सकते हैं। अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने के लिए BLO फॉर्म वितरण, संग्रह और सत्यापन — तीनों कार्यों के लिए घर-घर जा रहे हैं।
घर-घर भ्रमण के दौरान BLO अपने साथ कम से कम 30 खाली फॉर्म-6 और खाली घोषणा-पत्र (डिक्लेरेशन फॉर्म) भी रखते हैं, ताकि नए मतदाता बनने के इच्छुक नागरिकों को तत्काल फॉर्म उपलब्ध कराया जा सके।
28 जून की समय-सीमा चूकने पर क्या करें
जो मतदाता 28 जून तक गणना फॉर्म जमा करने में असमर्थ रहते हैं, वे दावे और आपत्ति (क्लेम एंड ऑब्जेक्शन) की निर्धारित अवधि के दौरान तय घोषणा-पत्र के साथ फॉर्म-6 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह विकल्प उन सभी नागरिकों के लिए उपलब्ध रहेगा जो किसी कारणवश समय-सीमा से चूक जाते हैं।
राजनीतिक दलों की भागीदारी
प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने मान्यता प्राप्त दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) को प्रतिदिन जनता से 50 फॉर्म एकत्र कर ड्राफ्ट प्रकाशन से पूर्व BLO को सौंपने की अनुमति दी है। राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल एसआईआर प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने में सहायता के लिए अतिरिक्त BLA भी नियुक्त कर सकते हैं।
चार राज्यों में मतदाता और अधिकारियों की संख्या
आयोग के आँकड़ों के अनुसार, ओडिशा में 3.34 करोड़ मतदाता, 38,123 BLO और 8,391 BLA हैं। मिजोरम में 8.75 लाख मतदाता, 1,353 BLO और 3,430 BLA हैं। सिक्किम में 4.71 लाख मतदाता, 572 BLO और 681 BLA हैं। मणिपुर में 20.92 लाख मतदाता, 2,996 BLO और 5,003 BLA हैं।
एसआईआर का उद्देश्य और कानूनी आधार
चुनाव आयोग ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324, जन-प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 21 और अन्य लागू नियमों के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए 14 मई को 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर का आदेश जारी किया था। आयोग के अनुसार, एसआईआर का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई भी अपात्र व्यक्ति उसमें सम्मिलित न हो। आयोग ने चारों राज्यों के मतदाताओं से अपील की है कि वे घर-घर आने वाले चुनाव अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग करें, ताकि लोकतंत्र की नींव — सटीक मतदाता सूची — और मजबूत हो सके।