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ओडिशा एसईसी ने 2027 स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारी शुरू की, घर-घर सर्वेक्षण से बनेगी मतदाता सूची

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ओडिशा एसईसी ने 2027 स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारी शुरू की, घर-घर सर्वेक्षण से बनेगी मतदाता सूची

सारांश

ओडिशा राज्य चुनाव आयोग ने 2027 के स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारी में एक अहम कदम उठाया है — पहली बार घर-घर सर्वेक्षण से बूथ-वार मतदाता सूची तैयार होगी। अक्टूबर से शुरू होने वाले इस सर्वेक्षण का लक्ष्य 10 फरवरी 2027 तक त्रुटि-मुक्त अंतिम सूची प्रकाशित करना है।

मुख्य बातें

ओडिशा राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) ने 21 जुलाई को भुवनेश्वर में 2027 चुनावों की तैयारी के लिए उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की।
पहली बार बूथ-वार मतदाता सूची के लिए डोर-टू-डोर सर्वेक्षण कराया जाएगा, जो अक्टूबर के दूसरे सप्ताह से शुरू होगा।
मतदाता सूची का मसौदा 1 जनवरी 2027 और अंतिम सूची 10 फरवरी 2027 को प्रकाशित करने का लक्ष्य।
डिडुप्लीकेशन टूल के उपयोग पर विचार जारी; भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के एसआईआर का अध्ययन किया जाएगा।
जिला कलेक्टरों को निर्देश — कोई पात्र नागरिक सूची से न छूटे, चुनाव कर्मियों को व्यापक प्रशिक्षण दिया जाए।

ओडिशा राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) ने मंगलवार, 21 जुलाई को भुवनेश्वर में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसमें 2027 में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियों का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। इस बैठक में राज्यभर के नगर निगमों के आयुक्त, जिला कलेक्टर, उप-कलेक्टर और चुनाव कार्य के प्रभारी डिप्टी कलेक्टर शामिल हुए।

बैठक का उद्देश्य और नेतृत्व

राज्य चुनाव आयुक्त मधुसूदन पाढ़ी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी चुनावों को स्वतंत्र, निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने की रूपरेखा तैयार करना था। बैठक में मतदाता सूची की शुद्धता, बूथ परिसीमन, डेटा डिजिटलीकरण और समयबद्ध क्रियान्वयन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।

पहली बार होगा घर-घर सर्वेक्षण

एसईसी ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए घोषणा की कि इस बार पहली बार बूथ-वार मतदाता सूची तैयार करने के लिए डोर-टू-डोर सर्वेक्षण कराया जाएगा। मधुसूदन पाढ़ी ने मीडिया को बताया, 'हम इस बार मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे। यह सर्वेक्षण अगले तीन से चार महीनों में पूरा हो जाएगा।' उन्होंने यह भी कहा कि डुप्लीकेट नामों को हटाने की प्रक्रिया (डिडुप्लीकेशन) के उपयोग पर सक्रिय रूप से विचार किया जा रहा है।

पाढ़ी ने स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) पहले ही विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) कर चुका है और एसईसी उस प्रक्रिया का अध्ययन करने के बाद डिडुप्लीकेशन टूल के उपयोग पर उचित निर्णय लेगा।

सर्वेक्षण की समयरेखा

एसईसी सचिव संतोष कुमार दास ने बताया कि आयोग अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में सर्वेक्षण शुरू करेगा। यह कदम ईसीआई द्वारा चल रहे विशेष गहन संशोधन के पूरा होने के बाद सितंबर में अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित किए जाने के उपरांत उठाया जाएगा। आयोग ने 1 जनवरी 2027 को मतदाता सूची का मसौदा और 10 फरवरी 2027 को अंतिम सूची प्रकाशित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

अधिकारियों को निर्देश

बैठक में जिला कलेक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से न छूटे। इसके लिए नए आवेदकों को शामिल करने और मृत, स्थानांतरित या अन्यथा अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया को सख्ती से अपनाने का निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त, एक ही पोलिंग बूथ के लिए मतदाता सूची में परिवार के सभी पात्र सदस्यों के नाम क्रमबद्ध रूप से दर्ज करने पर विशेष जोर दिया गया।

चुनाव ड्यूटी पर तैनात सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यापक प्रशिक्षण देने के निर्देश भी जिला कलेक्टरों को दिए गए, ताकि चुनाव प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने लगी है। गौरतलब है कि त्रुटि-मुक्त और समावेशी मतदाता सूची किसी भी लोकतांत्रिक चुनाव की नींव होती है। एसईसी का यह डोर-टू-डोर सर्वेक्षण का निर्णय मतदाता पंजीकरण में पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी — राज्य में लाखों बूथों को तीन-चार महीनों में कवर करना एक विशाल प्रशासनिक चुनौती है। डिडुप्लीकेशन टूल पर 'विचार जारी है' वाली भाषा यह संकेत देती है कि तकनीकी ढाँचा अभी पूरी तरह तय नहीं हुआ है। गौरतलब है कि पिछले स्थानीय निकाय चुनावों में मतदाता सूची की अशुद्धियाँ विवाद का कारण बनी थीं, इसलिए इस बार की पारदर्शिता की कसौटी ऊँची है। बिना पर्याप्त जनशक्ति और तकनीकी समन्वय के, यह महत्वाकांक्षी समयरेखा दबाव में आ सकती है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा में 2027 स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारी कहाँ तक पहुँची है?
ओडिशा राज्य चुनाव आयोग ने 21 जुलाई को उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। आयोग ने घर-घर सर्वेक्षण, बूथ परिसीमन और मतदाता सूची के डिजिटलीकरण सहित प्रमुख गतिविधियों की समयरेखा तय कर दी है।
ओडिशा एसईसी का घर-घर सर्वेक्षण क्या है और यह कब होगा?
यह पहली बार कराया जाने वाला डोर-टू-डोर सर्वेक्षण है, जिसका उद्देश्य जमीनी हकीकत के आधार पर बूथ-वार सटीक मतदाता सूची तैयार करना है। एसईसी सचिव संतोष कुमार दास के अनुसार यह सर्वेक्षण अक्टूबर के दूसरे सप्ताह से शुरू होगा और तीन से चार महीनों में पूरा होगा।
ओडिशा की अंतिम मतदाता सूची कब प्रकाशित होगी?
आयोग ने 1 जनवरी 2027 को मसौदा मतदाता सूची और 10 फरवरी 2027 को अंतिम सूची प्रकाशित करने का लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के सितंबर में पूरा होने के बाद हासिल किया जाएगा।
डिडुप्लीकेशन प्रक्रिया का मतदाता सूची पर क्या असर होगा?
डिडुप्लीकेशन से मतदाता सूची में एक ही व्यक्ति के दोहरे नामांकन हटाए जाएंगे, जिससे सूची अधिक सटीक और विश्वसनीय बनेगी। राज्य चुनाव आयुक्त मधुसूदन पाढ़ी ने कहा है कि ईसीआई के अनुभव का अध्ययन करने के बाद इस टूल के उपयोग पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
2027 के ओडिशा चुनावों में कौन-कौन से निकाय शामिल होंगे?
2027 में ओडिशा में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव और शहरी स्थानीय निकाय चुनाव एक साथ कराए जाने की योजना है। इसमें ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के साथ-साथ नगर निगम और नगर पालिकाएँ भी शामिल होंगी।
राष्ट्र प्रेस
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