ओडिशा में एसआईआर की समयसीमा बढ़ी: चुनाव आयोग ने 19 अगस्त तक दिया दावे-आपत्तियों का मौका
सारांश
मुख्य बातें
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने ओडिशा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की समयसीमा बढ़ाते हुए मतदाताओं को 19 अगस्त 2026 तक दावे और आपत्तियाँ दाखिल करने का अवसर दिया है। 31 जुलाई को जारी अधिसूचना के तहत यह निर्णय ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के अनुरोध पर लिया गया।
मुख्य घटनाक्रम
आयोग ने 14 मई को जारी संचार के माध्यम से 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन संशोधन की घोषणा की थी। ओडिशा में मतदाता सूची का मसौदा 5 जुलाई को प्रकाशित हुआ था और दावे व आपत्तियाँ दाखिल करने की मूल अवधि 5 जुलाई से 4 अगस्त तक निर्धारित थी। अब यह अवधि बढ़ाकर 19 अगस्त कर दी गई है।
विस्तार का आधार
यह संशोधन 'मतदाता पंजीकरण नियम, 1960' के नियम 12 के तहत प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए किया गया है। आयोग ने अपनी अधिसूचना में स्पष्ट किया कि 30 जुलाई को CEO के अनुरोध पर विचार के बाद एसआईआर कार्यक्रम में संशोधन का निर्णय लिया गया। यह संशोधन 1 जुलाई को अर्हता तिथि मानकर किया जा रहा है।
संशोधित कार्यक्रम की रूपरेखा
नए कार्यक्रम के अनुसार, दावे और आपत्तियाँ दाखिल करने की अवधि 5 अगस्त से बढ़ाकर 19 अगस्त कर दी गई है। नोटिस का चरण और दावों व आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया अब 17 सितंबर 2026 तक चलेगी। संशोधित मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 21 सितंबर 2026 को होगा।
राज्य अधिकारियों को निर्देश
आयोग ने राज्य अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस अधिसूचना को राज्य के राजपत्र (गजट) के असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाए और आधिकारिक रिकॉर्ड के लिए ECI को इसकी तीन प्रतियाँ भेजी जाएँ। अधिसूचना में यह भी कहा गया कि संशोधित कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र मतदाता इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि यह एसआईआर प्रक्रिया देश के 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक साथ चल रही है, और ओडिशा में यह विस्तार मतदाता पंजीकरण को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में एक कदम है। 21 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि इस विस्तारित अवधि का कितना लाभ मतदाताओं ने उठाया।