गांधीनगर नगर निगम और ओखा-थारा नगरपालिका चुनाव 11 अक्टूबर को, 13 को मतगणना
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) ने बुधवार, 16 सितंबर को घोषणा की कि गांधीनगर नगर निगम (जीएमसी), ओखा नगरपालिका (देवभूमि द्वारका जिला) और थारा नगरपालिका (बनासकांठा जिला) में आम चुनाव 11 अक्टूबर को आयोजित किए जाएंगे, जबकि मतगणना 13 अक्टूबर को होगी। इन तीनों शहरी स्थानीय निकायों के लिए एक ही समन्वित चुनाव कार्यक्रम तय किया गया है।
चुनाव कार्यक्रम की मुख्य तिथियाँ
एसईसी के आधिकारिक बयान के अनुसार, चुनाव अधिसूचना 21 सितंबर को जारी की जाएगी। उम्मीदवार 26 सितंबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे और नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 29 सितंबर निर्धारित की गई है। मतदान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के माध्यम से संपन्न होगा।
ये चुनाव विभिन्न जिला और तालुका पंचायतों तथा अन्य स्थानीय निकायों में अलग-अलग कारणों से रिक्त हुई सात सीटों के उपचुनावों के साथ-साथ आयोजित किए जाएंगे।
गांधीनगर नगर निगम: सीटें और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
जीएमसी के इस चुनाव में 11 वार्डों की 44 कॉरपोरेटर सीटों पर मतदान होगा। 1966 में स्थापित इस नागरिक निकाय को 2010 में नगर निगम का दर्जा प्राप्त हुआ था और अप्रैल 2011 में इसके पहले नगर निगम चुनाव हुए थे, जिसे कांग्रेस ने बेहद कम अंतर से जीता था।
2016 के जीएमसी चुनाव में, जब निगम में 32 सीटें थीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) दोनों ने 16-16 सीटें जीतीं, जिससे 'हंग हाउस' की स्थिति उत्पन्न हुई। बाद में कांग्रेस पार्षद प्रवीण पटेल के BJP में शामिल होने से BJP बोर्ड बनाने में सफल रही।
परिसीमन प्रक्रिया के तहत गांधीनगर के बाहरी क्षेत्रों को नगर निगम की सीमा में शामिल किए जाने के बाद वार्डों और सीटों की संख्या में वृद्धि हुई। 2021 के चुनाव में BJP ने 44 में से 41 सीटें जीतकर भारी बहुमत हासिल किया, जबकि कांग्रेस को 2 और आम आदमी पार्टी (AAP) को 1 सीट मिली थी।
ओखा और थारा नगरपालिकाएँ
एसईसी ने देवभूमि द्वारका जिले की ओखा नगरपालिका और बनासकांठा जिले की थारा नगरपालिका के लिए भी आम चुनावों की घोषणा की है। तीनों निकायों के लिए एकसमान चुनाव कार्यक्रम रखा गया है।
राजनीतिक महत्व और आगे की तस्वीर
यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात में BJP का स्थानीय निकाय स्तर पर वर्चस्व बना हुआ है। गांधीनगर नगर निगम में पिछले आम चुनाव पाँच वर्ष पूर्व हुए थे, जिनमें BJP ने ऐतिहासिक बहुमत हासिल किया था। इस बार AAP की उपस्थिति और कांग्रेस की रणनीति चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।
गौरतलब है कि स्थानीय निकाय चुनाव अक्सर राज्य की राजनीतिक हवा का संकेत देते हैं। 11 अक्टूबर का मतदान और 13 अक्टूबर की मतगणना तय होने के साथ, गुजरात के इन तीन शहरी निकायों में राजनीतिक दलों की तैयारियाँ अब तेज़ होने की उम्मीद है।