गुजरात निकाय चुनाव 2026: PM मोदी और अमित शाह आज अहमदाबाद में डालेंगे वोट
सारांश
Key Takeaways
- PM नरेंद्र मोदी अहमदाबाद के रानीप स्थित निशान स्कूल मतदान केंद्र पर वोट डालेंगे।
- गृह मंत्री अमित शाह भी आज अहमदाबाद के एक मतदान केंद्र पर मतदान करेंगे।
- चुनाव में 15 नगर निगम, 84 नगरपालिकाएं, 34 जिला पंचायतें और 260 तालुका पंचायतें शामिल हैं।
- 4.19 करोड़ से अधिक मतदाता और 20,000+ उम्मीदवार इस चुनाव को गुजरात का अब तक का सबसे बड़ा स्थानीय निकाय चुनाव बनाते हैं।
- यह OBC को 27%25 आरक्षण मिलने के बाद आयोजित होने वाला पहला स्थानीय निकाय चुनाव है।
- मतगणना 28 अप्रैल 2026 को होगी और नतीजे 2027 के विधानसभा चुनाव का संकेत देंगे।
अहमदाबाद, 27 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज अहमदाबाद में अपने मताधिकार का प्रयोग करने पहुंचे। यह चुनाव गुजरात के हाल के वर्षों का सबसे बड़ा स्थानीय शासन चुनाव चक्र है, जिसमें 15 नगर निगम, 84 नगरपालिकाएं, 34 जिला पंचायतें और 260 तालुका पंचायतें शामिल हैं।
कौन कहां डालेगा वोट?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अहमदाबाद के रानीप इलाके में स्थित निशान स्कूल मतदान केंद्र पर वोट डालने की उम्मीद है। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शहर के एक अन्य मतदान केंद्र पर अपना वोट दर्ज कराएंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अहमदाबाद के थलतेज इलाके से मतदान करने की संभावना है, जबकि मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल नवसारी में अपना वोट डालेंगे।
मतदान प्रक्रिया और आंकड़े
राज्य भर में मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) के जरिए संपन्न हो रहा है। लगभग 50,000 मतदान केंद्रों पर 4.19 करोड़ से अधिक मतदाता अपना वोट डालने के पात्र हैं।
वोटों की गिनती 28 अप्रैल 2026 को होगी। नाम वापसी के बाद 20,000 से अधिक उम्मीदवार अभी भी मैदान में हैं, जबकि कई उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं।
ओबीसी आरक्षण के बाद पहला बड़ा चुनाव
यह चुनाव चक्र ऐतिहासिक रूप से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण लागू होने के बाद आयोजित होने वाला पहला स्थानीय निकाय चुनाव है। यह आरक्षण अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और महिलाओं के लिए मौजूदा कोटे के साथ मिलकर स्थानीय प्रशासन की संरचना को नए सिरे से परिभाषित करेगा।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद गुजरात सरकार ने OBC आरक्षण को विधिसम्मत तरीके से लागू किया था। इस कदम का सीधा असर सैकड़ों सीटों के समीकरण पर पड़ा है और पिछड़े वर्ग की राजनीतिक भागीदारी के नए द्वार खुले हैं।
बहुकोणीय मुकाबला — भाजपा, कांग्रेस और AAP में टक्कर
यह चुनाव भारतीय जनता पार्टी (BJP), कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP) और निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच बहुकोणीय मुकाबले के रूप में देखा जा रहा है। AAP ने 2021 के सूरत नगर निगम चुनाव में पहली बार गुजरात में पैर जमाए थे और 2022 के विधानसभा चुनाव में भी उसने उल्लेखनीय वोट शेयर हासिल किया था।
BJP के नेता जगदीश विश्वकर्मा ने शनिवार को नागरिकों से अपील की कि वे बड़ी संख्या में मतदान करें। उन्होंने कहा, "स्थानीय स्व-शासन संस्थाएं लोकतंत्र की नींव हैं। एक जागरूक नागरिक के तौर पर वोट देना हमारा पवित्र कर्तव्य है।" विश्वकर्मा ने 'पहले वोट, फिर जलपान' का नारा भी दिया।
राजनीतिक महत्व और आगे की राह
स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजे अक्सर राज्य की जनता का मिजाज मापने का पैमाना माने जाते हैं। 2027 के गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले यह परिणाम सभी दलों के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत होगा।
28 अप्रैल 2026 को मतगणना के बाद स्पष्ट होगा कि गुजरात की जनता का विश्वास किस दल के साथ है। OBC आरक्षण के बाद बदले सीट समीकरण, नई राजनीतिक पार्टियों की उपस्थिति और रिकॉर्ड मतदाता संख्या इस चुनाव को गुजरात के स्थानीय शासन के इतिहास में एक नया अध्याय बना सकती है।