11 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गुरुद्वारा बंगला साहिब झड़प की अफवाह खारिज, पुलिस और प्रबंधन ने वायरल वीडियो का सच बताया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गुरुद्वारा बंगला साहिब झड़प की अफवाह खारिज, पुलिस और प्रबंधन ने वायरल वीडियो का सच बताया

सारांश

गुरुद्वारा बंगला साहिब में झड़प की वायरल खबर निकली अफवाह — गुरुद्वारा मैनेजर राजेंद्र सिंह और नई दिल्ली के डीसीपी दोनों ने वीडियो को भ्रामक बताया। पुलिस ने कहा, वीडियो दुर्भावनापूर्ण मंशा से फैलाया गया और कानूनी कार्रवाई शुरू हो चुकी है।

मुख्य बातें

गुरुद्वारा बंगला साहिब में 10 अक्टूबर को पुलिस-प्रदर्शनकारी झड़प की खबरें पूरी तरह गलत पाई गईं।
मैनेजर राजेंद्र सिंह ने बताया कि वे सुबह से ड्यूटी पर हैं और गुरुद्वारे में सब कुछ सामान्य है।
नई दिल्ली के डीसीपी ने एक्स पर पोस्ट कर वायरल वीडियो का संदर्भ स्पष्ट किया — पुलिसकर्मी जूते उतारने वाले स्थान तक के सामान्य रास्ते से गुज़र रहे थे।
पुलिस ने वीडियो को दुर्भावनापूर्ण और धार्मिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश बताया।
मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

नई दिल्ली स्थित गुरुद्वारा बंगला साहिब में 10 अक्टूबर को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कथित झड़प की सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबरों को गुरुद्वारा प्रबंधन और दिल्ली पुलिस दोनों ने सिरे से नकार दिया है। गुरुद्वारे के मैनेजर राजेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि परिसर में श्रद्धालु पूरी तरह सामान्य ढंग से आ रहे हैं, जबकि नई दिल्ली के डीसीपी ने वायरल वीडियो का संदर्भ समझाते हुए इसे दुर्भावनापूर्ण बताया।

गुरुद्वारा प्रबंधन का स्पष्टीकरण

मैनेजर राजेंद्र सिंह ने कहा, 'वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह।' उन्होंने बताया कि वे सुबह से ही गुरुद्वारे में ड्यूटी पर मौजूद हैं और श्रद्धालुओं, प्रदर्शनकारियों या पुलिस से जुड़ी कोई भी अप्रिय घटना नहीं हुई है। राजेंद्र सिंह के अनुसार, गुरुद्वारे में रोज़ की भाँति श्रद्धालु मत्था टेक रहे हैं, प्रार्थना कर रहे हैं और लंगर में शामिल हो रहे हैं।

गौरतलब है कि गुरुद्वारा बंगला साहिब देश के सबसे प्रतिष्ठित सिख धार्मिक स्थलों में से एक है और यहाँ प्रतिदिन हज़ारों श्रद्धालु आते हैं। ऐसे स्थान से जुड़ी किसी भी भड़काऊ खबर के तेज़ी से फैलने की आशंका रहती है।

वायरल वीडियो का सच

नई दिल्ली के डीसीपी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट कर वायरल वीडियो के संदर्भ में विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया। पुलिस के अनुसार, वीडियो में दिख रहे पुलिसकर्मी उस सामान्य रास्ते से गुज़र रहे थे जिसका उपयोग श्रद्धालु गुरुद्वारे में प्रवेश से पूर्व जूते उतारने वाले स्थान तक पहुँचने के लिए करते हैं। डीसीपी ने स्पष्ट किया कि यही प्रक्रिया गुरुद्वारे में आने वाले सभी लोगों के लिए निर्धारित है।

पोस्ट में यह भी कहा गया कि कुछ पुलिसकर्मियों के जूते पहने होने का दावा करने वाला वीडियो भ्रामक संदर्भ में प्रसारित किया गया। डीसीपी ने स्थिति को स्पष्ट करने के लिए अपनी पोस्ट के साथ अतिरिक्त वीडियो भी साझा किए।

दुर्भावनापूर्ण प्रसार पर पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने आरोप लगाया कि वायरल वीडियो को दुर्भावनापूर्ण मंशा से फैलाया गया, जिसका उद्देश्य एक सम्मानित धार्मिक समुदाय की भावनाओं को आहत करना और धार्मिक सद्भाव को बिगाड़ना था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

यह ऐसे समय में आया है जब फर्जी वीडियो और भड़काऊ सोशल मीडिया सामग्री के ज़रिए सांप्रदायिक तनाव भड़काने की घटनाएँ पहले भी सामने आती रही हैं। अधिकारियों का यह त्वरित खंडन इस बात की ओर इशारा करता है कि ऐसे मामलों में सूचना को तेज़ी से नियंत्रित करना प्राथमिकता बन चुकी है।

आम जनता और श्रद्धालुओं पर असर

गुरुद्वारा प्रबंधन की ओर से आश्वस्त किया गया है कि गुरुद्वारा बंगला साहिब में सेवाएँ और लंगर बिना किसी रुकावट के जारी हैं। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे किसी भी असत्यापित खबर पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लें।

आगे पुलिस यह जाँच करेगी कि वायरल वीडियो किसने और किस उद्देश्य से फैलाया, तथा जो भी दोषी पाए जाएँगे उनके विरुद्ध कानून के तहत कदम उठाए जाएँगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

और क्या मौजूदा कानूनी ढाँचा ऐसे प्रसार को रोकने में सक्षम है। पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया सराहनीय है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि वीडियो फैलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई वास्तव में कहाँ तक पहुँचती है — अन्यथा 'कानूनी कार्रवाई' का आश्वासन महज़ एक औपचारिकता बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुरुद्वारा बंगला साहिब में झड़प की खबर क्या सच है?
नहीं, यह खबर पूरी तरह अफवाह है। गुरुद्वारा प्रबंधक राजेंद्र सिंह और नई दिल्ली के डीसीपी दोनों ने 10 अक्टूबर को स्पष्ट किया कि गुरुद्वारे में कोई झड़प नहीं हुई और सब कुछ सामान्य है।
वायरल वीडियो में क्या दिखाया जा रहा था?
वायरल वीडियो में पुलिसकर्मियों को गुरुद्वारा बंगला साहिब में जूते पहने प्रवेश करते दिखाने का दावा किया गया था। डीसीपी ने स्पष्ट किया कि वे उस सामान्य रास्ते से गुज़र रहे थे जिसका उपयोग श्रद्धालु जूते उतारने वाले स्थान तक पहुँचने के लिए करते हैं।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
नई दिल्ली के डीसीपी ने एक्स पर पोस्ट कर वीडियो का संदर्भ स्पष्ट किया और कहा कि वीडियो दुर्भावनापूर्ण मंशा से फैलाया गया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
गुरुद्वारा बंगला साहिब में अभी क्या स्थिति है?
गुरुद्वारे में स्थिति पूरी तरह सामान्य है। श्रद्धालु मत्था टेक रहे हैं, प्रार्थना कर रहे हैं और लंगर में शामिल हो रहे हैं। प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से असत्यापित खबरों पर ध्यान न देने की अपील की है।
इस तरह की फर्जी खबरें क्यों फैलाई जाती हैं?
पुलिस के अनुसार, इस वीडियो को दुर्भावनापूर्ण मंशा से इसलिए प्रसारित किया गया ताकि एक सम्मानित धार्मिक समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुँचे और धार्मिक सद्भाव प्रभावित हो। ऐसे मामलों में सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर भड़काऊ सामग्री तेज़ी से फैलती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 32 मिनट पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले