गुरुद्वारा बंगला साहिब विवाद: DSGMC अध्यक्ष कालका ने केजरीवाल के खिलाफ पुलिस शिकायत का ऐलान किया
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति (DSGMC) के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने 11 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि वे आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल और उनके सहयोगियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराएँगे। उन पर आरोप है कि उन्होंने गुरुद्वारा बंगला साहिब के परिसर में घुसकर राजनीतिक हंगामा किया और भ्रामक वीडियो फैलाकर गुरु घर की छवि को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की।
मुख्य घटनाक्रम
कालका ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट किया कि वे डीसीपी ऑफ़िस, पार्लियामेंट स्ट्रीट में जाकर शिकायत दर्ज कराएँगे। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा: 'आज दोपहर, हम अरविंद केजरीवाल और उनके साथियों के खिलाफ डीसीपी ऑफ़िस, पार्लियामेंट स्ट्रीट में औपचारिक शिकायत दर्ज कराएँगे। उन पर गुरुद्वारा बंगला साहिब में घुसने, राजनीतिक नारे लगाने, हंगामा करने और गुरु घर व उसके प्रबंधन को बदनाम करने के लिए गुमराह करने वाले वीडियो फैलाने का आरोप है।'
एक अन्य पोस्ट में कालका ने कहा कि गुरुद्वारा बंगला साहिब करुणा और निस्वार्थ सेवा का एक सदाबहार प्रतीक है, जो बिना किसी भेदभाव के सभी के लिए खुला है।
DSGMC की स्थिति: 'गुरु घर में राजनीति बर्दाश्त नहीं'
कालका ने कहा, 'यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि गुरु घर के अंदर राजनीति की जा रही है। AAP के नेताओं ने यह नैरेटिव बनाने की कोशिश की है कि पुलिस गुरुद्वारे में घुस गई थी। मेरा मानना है कि यह बहुत गंदी राजनीति है।'
उन्होंने स्पष्ट किया कि DSGMC ने किसी भी पुलिसकर्मी को परिसर के भीतर नहीं जाने दिया और न ही किसी प्रदर्शनकारी को अंदर प्रवेश करने दिया गया। उनके अनुसार, शनिवार को कुछ प्रदर्शनकारियों ने गुरुद्वारे के परिसर में प्रवेश कर प्रदर्शन करने का प्रयास किया था, जिन्हें वहाँ से निकाल दिया गया।
वायरल वीडियो पर सफाई
कालका ने वायरल वीडियो के बारे में कहा कि उसमें दिख रहे पुलिसकर्मी गुरुद्वारे के बाहर अशोका रोड से होकर निकले थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'वे पुलिसकर्मी न जोड़ा घर की तरफ गए, न लंगर हॉल में गए और न ही दरबार हॉल की तरफ गए — वे सिर्फ गुरुद्वारे के पास से होकर निकले थे।' यह स्पष्टीकरण उन आरोपों का खंडन करता है जिसमें दावा किया जा रहा था कि पुलिस ने गुरुद्वारे के पवित्र परिसर में प्रवेश किया।
विवाद का पृष्ठभूमि
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब AAP और DSGMC के बीच राजनीतिक तनाव पहले से ही चरम पर है। गौरतलब है कि DSGMC दिल्ली के प्रमुख सिख गुरुद्वारों का प्रबंधन करने वाली सर्वोच्च संस्था है, और इस पर किसी भी राजनीतिक विवाद का सामाजिक संवेदनशीलता की दृष्टि से गहरा असर पड़ सकता है।
यह घटना इस बात को भी रेखांकित करती है कि धार्मिक स्थलों को राजनीतिक अखाड़ा बनाने की कोशिशें किस तरह धार्मिक संस्थाओं और राजनीतिक दलों के बीच टकराव को जन्म दे सकती हैं।
आगे क्या होगा
औपचारिक शिकायत दर्ज होने के बाद दिल्ली पुलिस मामले की जाँच करेगी। इस मामले में AAP की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। DSGMC का रुख यह है कि गुरुद्वारे की पवित्रता और निष्पक्षता को किसी भी सूरत में भंग नहीं होने दिया जाएगा।