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गुरुद्वारा बंगला साहिब प्रदर्शन: भाजपा नेता एचएस फुल्का ने AAP पर लगाए साजिश के आरोप, जांच की मांग

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गुरुद्वारा बंगला साहिब प्रदर्शन: भाजपा नेता एचएस फुल्का ने AAP पर लगाए साजिश के आरोप, जांच की मांग

सारांश

भाजपा नेता एचएस फुल्का ने गुरुद्वारा बंगला साहिब परिसर में हुए कथित प्रदर्शन को AAP की सुनियोजित साजिश बताया है — बिना प्रत्यक्ष साक्ष्य के। उनका दावा है कि उद्देश्य पुलिस को धार्मिक स्थल के भीतर घुसाकर विवाद भड़काना था। मामला दिल्ली की राजनीति में नया मोर्चा खोल सकता है।

मुख्य बातें

भाजपा नेता एचएस फुल्का ने 10 अक्टूबर को गुरुद्वारा बंगला साहिब परिसर में हुए कथित प्रदर्शन को सुनियोजित साजिश बताया।
फुल्का का आरोप — जांच हो तो प्रदर्शनकारी आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ता निकलेंगे; कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया।
सेवादारों के मना करने के बावजूद परिसर के भीतर बैनर प्रदर्शन और राजनीतिक भाषण जारी रहे — कथित तौर पर सोशल मीडिया वीडियो में दर्ज।
फुल्का की आशंका — रणनीति यह थी कि पुलिस को गुरुद्वारे में घुसने पर मजबूर किया जाए और बाद में विवाद उठाया जाए।
गुरुद्वारा प्रबंधन समिति और पुलिस से निष्पक्ष जांच तथा उचित कार्रवाई की माँग।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता एचएस फुल्का ने 10 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित गुरुद्वारा बंगला साहिब परिसर में हुए कथित विरोध प्रदर्शन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। फुल्का ने दावा किया कि यह घटना सुनियोजित थी और यदि निष्पक्ष जांच हो तो परिसर में घुसे प्रदर्शनकारी आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ता साबित होंगे — हालांकि उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया।

मुख्य घटनाक्रम

फुल्का के अनुसार, 10 अक्टूबर को कुछ प्रदर्शनकारी गुरुद्वारा बंगला साहिब परिसर के भीतर बैनर लेकर बैठ गए और राजनीतिक भाषण देने लगे। उन्होंने बताया कि सेवादारों द्वारा मना किए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने परिसर के अंदर अपनी गतिविधियाँ जारी रखीं। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कथित तौर पर यही दृश्य दिखाई देते हैं।

गौरतलब है कि जंतर-मंतर, बोट क्लब और अन्य स्थानों पर आंदोलन करने वाले प्रदर्शनकारी लंबे समय से गुरुद्वारा बंगला साहिब में शरण और लंगर की सुविधा लेते रहे हैं। फुल्का ने कहा कि इस बार स्थिति पिछली बार से भिन्न रही, क्योंकि प्रदर्शन परिसर के बाहर नहीं, बल्कि अंदर हुआ।

साजिश की आशंका और AAP पर आरोप

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि यह एक सोची-समझी रणनीति हो सकती है, जिसके तहत पुलिस को गुरुद्वारे के भीतर हस्तक्षेप करने पर मजबूर किया जाए और बाद में यह प्रचार किया जाए कि पुलिस धार्मिक स्थल के अंदर पहुँची। फुल्का ने कहा, 'इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।'

उन्होंने आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं की कथित भूमिका का उल्लेख करते हुए यह भी जोड़ा कि यदि किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति की संलिप्तता सिद्ध होती है तो उसके विरुद्ध उचित कार्रवाई होनी चाहिए। AAP की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया तत्काल उपलब्ध नहीं थी।

धार्मिक मर्यादा का सवाल

फुल्का ने गुरुद्वारा प्रबंधन समिति से भी आग्रह किया कि वह धार्मिक स्थल की मर्यादा के उल्लंघन पर उचित कदम उठाए। उनके अनुसार, किसी भी धार्मिक परिसर के भीतर राजनीतिक भाषण देना और पोस्टर प्रदर्शित करना उस स्थान की पवित्रता के विरुद्ध है।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इससे पूर्व सीजेपी के आंदोलन के दौरान भी प्रदर्शनकारी गुरुद्वारा परिसर में आए थे, किंतु उस समय इस प्रकार की राजनीतिक गतिविधियाँ देखने को नहीं मिली थीं। यह तुलना उनके आरोपों को और तीखा रूप देती है।

जांच की मांग

फुल्का ने पुलिस से आग्रह किया कि सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो के आधार पर संबंधित व्यक्तियों की पहचान की जाए और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी माँग किसी एक दल को निशाना बनाने की नहीं, बल्कि धार्मिक स्थल की गरिमा की रक्षा करने की है।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब दिल्ली में राजनीतिक तनाव पहले से ऊँचा है और सिख धार्मिक स्थलों की राजनीतिक तटस्थता एक संवेदनशील विषय बनी हुई है। आने वाले दिनों में गुरुद्वारा प्रबंधन समिति और पुलिस की प्रतिक्रिया इस विवाद की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन वे स्वयं मानते हैं कि कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है — यह अंतर महत्वपूर्ण है। धार्मिक स्थलों को राजनीतिक विवाद का अखाड़ा बनाने की प्रवृत्ति नई नहीं है, लेकिन जब आरोप बिना सत्यापन के लगाए जाएँ तो वे स्वयं एक राजनीतिक औज़ार बन जाते हैं। असली सवाल यह है कि गुरुद्वारा प्रबंधन समिति और दिल्ली पुलिस इस मामले में स्वतंत्र जांच करती हैं या नहीं — क्योंकि बिना उसके, यह विवाद आरोप-प्रत्यारोप की उस लंबी सूची में जुड़ जाएगा जो दिल्ली की राजनीति में हल नहीं होते, बस गूँजते रहते हैं।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुरुद्वारा बंगला साहिब प्रदर्शन विवाद क्या है?
10 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित गुरुद्वारा बंगला साहिब परिसर के भीतर कुछ प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर बैनर लेकर बैठकर राजनीतिक भाषण दिए। सेवादारों के मना करने के बावजूद प्रदर्शन जारी रहा, जिसके बाद भाजपा नेता एचएस फुल्का ने इसे सुनियोजित साजिश बताते हुए AAP पर आरोप लगाए।
एचएस फुल्का ने AAP पर क्या आरोप लगाए हैं?
फुल्का ने कथित तौर पर दावा किया कि यदि जांच हो तो परिसर में घुसे प्रदर्शनकारी AAP के कार्यकर्ता निकलेंगे। उनका यह भी आरोप है कि रणनीति यह थी कि पुलिस को गुरुद्वारे के भीतर हस्तक्षेप करने पर मजबूर किया जाए और बाद में इसे धार्मिक स्थल पर पुलिस कार्रवाई के रूप में प्रचारित किया जाए। हालांकि उन्होंने कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया।
क्या AAP ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
इस खबर के प्रकाशन तक आम आदमी पार्टी की ओर से फुल्का के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी।
फुल्का ने किससे जांच की माँग की है?
भाजपा नेता ने दिल्ली पुलिस से माँग की है कि सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो के आधार पर संबंधित व्यक्तियों की पहचान कर पूरे घटनाक्रम की जांच हो। उन्होंने गुरुद्वारा प्रबंधन समिति से भी धार्मिक मर्यादा के उल्लंघन पर उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया।
क्या पहले भी गुरुद्वारा बंगला साहिब में इस तरह की घटनाएँ हुई हैं?
फुल्का के अनुसार, सीजेपी के आंदोलन के दौरान भी प्रदर्शनकारी गुरुद्वारा परिसर में आए थे, लेकिन उस समय परिसर के भीतर राजनीतिक भाषण या बैनर प्रदर्शन जैसी गतिविधियाँ नहीं हुई थीं। इस बार की घटना को वे पिछले अनुभवों से गुणात्मक रूप से अलग बताते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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