क्या गुरुग्राम में ईडी की बड़ी कार्रवाई से विदेशी निवेश पर असर पड़ेगा?

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क्या गुरुग्राम में ईडी की बड़ी कार्रवाई से विदेशी निवेश पर असर पड़ेगा?

सारांश

गुरुग्राम में प्रवर्तन निदेशालय ने 500 करोड़ रुपए के विदेशी निवेश मामले में एक कंपनी पर छापे मारे हैं। यह कार्रवाई कई स्थानों पर की गई है और इसमें बड़े नाम शामिल हैं। क्या इससे विदेशी निवेश पर कोई असर पड़ेगा? जानिए पूरी जानकारी यहाँ।

Key Takeaways

  • ईडी की कार्रवाई: 500 करोड़ रुपए से अधिक के विदेशी निवेश पर छापे।
  • बीपीटीपी का नाम: रियल एस्टेट कंपनी पर गंभीर आरोप।
  • गोपनीय संपत्तियां: कंपनी के चेयरमैन ने रखीं विदेशी संपत्तियां।
  • धोखाधड़ी का मामला: विदेशी ग्राहकों के साथ बड़ा धोखाधड़ी का खुलासा।
  • कानूनी कार्रवाई: कई प्राथमिकी दर्ज, जांच जारी।

गुरुग्राम, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 500 करोड़ रुपए से अधिक के विदेशी निवेश से संबंधित एक कंपनी के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। ईडी ने मंगलवार को दिल्ली और नोएडा में कई स्थानों पर छापे मारे। यह कार्रवाई गुरुग्राम क्षेत्रीय कार्यालय की टीम द्वारा की गई।

जानकारी के अनुसार, बिजनेस पार्क्स टाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड (बीपीटीपी) एक रियल एस्टेट कंपनी है, जो हरियाणा के फरीदाबाद में स्थित है। कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर काबुल चावला हैं, और सुधांशु त्रिपाठी इसके व्होल टाइम डायरेक्टर हैं। ईडी ने मंगलवार को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम-1999 (फेमा) के प्रावधानों के अंतर्गत दिल्ली और नोएडा के अनेक स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू किया।

जांच में पता चला है कि बीपीटीपी ने वर्ष 2007-2008 के दौरान मॉरीशस की विदेशी कंपनियों से 500 करोड़ रुपए से अधिक का विदेशी निवेश ऑटोमैटिक रूट के माध्यम से प्राप्त किया। यह निवेश पुट ऑप्शन या स्वैप ऑप्शन के जरिए किया गया, जो कि विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम-1999 के नियमों का उल्लंघन करता है। इसके अतिरिक्त, जांच में यह भी सामने आया है कि काबुल चावला ने गुप्त रूप से विदेशी संपत्तियां भी रखी थीं।

बीपीटीपी और इसके निदेशकों के खिलाफ दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न थानों में कई प्राथमिकी दर्ज हैं, जो वर्तमान में जांच के अधीन हैं।

ईडी ने पहले गुरुग्राम जोनल कार्यालय की टीम के माध्यम से अवैध कॉल सेंटर घोटाले से संबंधित जांच के तहत कार्रवाई की, जिसमें 8 लग्जरी कारें और लग्जरी घड़ियां जब्त की गईं। साथ ही, 30 बैंक खातों को फ्रीज किया गया।

गुरुग्राम और नई दिल्ली में ईडी ने 7 ठिकानों पर छापे मारे। जांच में पता चला कि आरोपियों ने विदेशी ग्राहकों (मुख्य रूप से अमेरिकी नागरिकों) के साथ नवंबर 2022 से अप्रैल 2024 तक 15 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 125 करोड़ रुपए) की धोखाधड़ी की। तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, 8 लग्जरी कारें और विभिन्न उच्च मूल्य की लग्जरी घड़ियां प्राप्त हुईं।

Point of View

यह कहना उचित है कि प्रवर्तन निदेशालय की इस कार्रवाई से निश्चित रूप से विदेशी निवेशकों के मन में चिंता उत्पन्न होगी। लेकिन हमें यह भी समझना चाहिए कि कानून का पालन करना आवश्यक है। राष्ट्रीय हित में यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी कंपनियां सही तरीके से कार्य करें।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

ईडी क्या है?
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भारत सरकार की एक एजेंसी है, जो आर्थिक अपराधों की जांच करती है।
बीपीटीपी कंपनी का क्या मामला है?
बीपीटीपी कंपनी पर विदेशी निवेश के नियमों का उल्लंघन करने और धोखाधड़ी में संलिप्त होने का आरोप है।
ईडी ने किन स्थानों पर छापे मारे?
ईडी ने दिल्ली और नोएडा में कई स्थानों पर छापे मारे हैं।
क्या कार्रवाई का प्रभाव विदेशी निवेश पर पड़ेगा?
इस कार्रवाई से विदेशी निवेशकों में चिंता उत्पन्न हो सकती है, लेकिन यह आवश्यक है कि कंपनियां नियमों का पालन करें।
क्या बीपीटीपी और उसके निदेशकों पर पहले से आरोप हैं?
जी हाँ, बीपीटीपी और उसके निदेशकों के खिलाफ कई प्राथमिकी दर्ज हैं।