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क्या सीईसी ज्ञानेश कुमार ने अंतर्राष्ट्रीय आईडीईए के महासचिव डॉ. केविन कैसास-जमोरा से मुलाकात की?

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क्या सीईसी ज्ञानेश कुमार ने अंतर्राष्ट्रीय आईडीईए के महासचिव डॉ. केविन कैसास-जमोरा से मुलाकात की?

सारांश

सीईसी ज्ञानेश कुमार की अंतर्राष्ट्रीय आईडीईए के महासचिव डॉ. केविन कैसास-जमोरा से मुलाकात ने चुनावी प्रबंधन में भारत की भूमिका को और मजबूत किया है। यह बैठक भारतीय चुनाव आयोग की वैश्विक पहचान को दर्शाती है। जानिए इस महत्वपूर्ण घटना के बारे में और क्या है इसके पीछे का संदर्भ।

मुख्य बातें

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नई भूमिका महत्वपूर्ण है।
इंटरनेशनल आईडीईए की सदस्यता भारत की चुनावी प्रक्रिया को वैश्विक पहचान देती है।
केविन कैसास-जमोरा से मुलाकात में लोकतंत्र पर चर्चा हुई।
इंटरनेशनल आईडीईए का उद्देश्य लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करना है।
भारत की चुनावी प्रणाली को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है।

नई दिल्ली, 3 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार बुधवार को इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी एंड इलेक्टोरल असिस्टेंस (इंटरनेशनल आईडीईए) के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। इससे पहले, उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय आईडीईए के महासचिव डॉ. केविन कैसास-जमोरा से मुलाकात की।

भारतीय चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी देते हुए कहा कि सीईसी स्वीडन के स्टॉकहोम में होने वाली इंटरनेशनल आईडीईए के सदस्य देशों की समिति की बैठक में आईडीईए की अध्यक्षता संभालेंगे। अध्यक्ष के तौर पर वे साल 2026 में सभी काउंसिल मीटिंग्स की अध्यक्षता करेंगे।

आयोग ने बताया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अंतर्राष्ट्रीय आईडीईए के महासचिव डॉ. केविन कैसास-जमोरा से मुलाकात के दौरान सदस्य राष्ट्रों की परिषद के 34वें सत्र के एजेंडे के बारे में जानकारी दी गई, जहां मुख्य चुनाव आयुक्त अंतर्राष्ट्रीय आईडीईए की अध्यक्षता संभालेंगे।

इस दौरान ज्ञानेश कुमार ने स्वीडिश संसद में संविधान संबंधी समिति से मुलाकात की और लोकतंत्र के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।

इससे पहले चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा, "भारत के इलेक्शन कमीशन और देश के सभी इलेक्शन स्टाफ द्वारा कराए गए फ्री, फेयर और ट्रांसपेरेंट इलेक्शन की ग्लोबल पहचान के तौर पर सीईसी ज्ञानेश कुमार बुधवार को स्टॉकहोम में भारत की ओर से इंटरनेशनल आईडीईए की जिम्मेदारी संभालने वाले हैं।"

1995 में बना इंटरनेशनल आईडीईए एक अंतर सरकारी संगठन है, जो दुनियाभर में लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। अभी 35 देशों की मेंबरशिप और यूनाइटेड स्टेट्स और जापान के ऑब्जर्वर के तौर पर, यह संगठन सबको साथ लेकर चलने वाली, मजबूत और जवाबदेह डेमोक्रेसी को बढ़ावा देता है।

इंटरनेशनल आईडीईए को 2003 से यूएन जनरल असेंबली में ऑब्जर्वर का दर्जा भी मिला हुआ है।

ईसीआई ने अपने प्रेस नोट में कहा, "इंटरनेशनल आईडीईए की अध्यक्षता मिलने को चुनाव आयोग ने मील का पत्थर माना। उन्होंने कहा कि यह भारतीय चुनाव आयोग को दुनिया की सबसे भरोसेमंद और इनोवेटिव इलेक्शन मैनेजमेंट बॉडीज (ईएमबीएस) में से एक के तौर पर ग्लोबल पहचान दिखाता है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह चुनाव आयोग की कुशलता को भी दर्शाता है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंटरनेशनल आईडीईए क्या है?
इंटरनेशनल आईडीईए एक अंतर सरकारी संगठन है, जो लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रक्रियाओं को मजबूत करने के लिए काम करता है।
सीईसी ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता कब से शुरू होगी?
सीईसी ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता 2026 से शुरू होगी।
डॉ. केविन कैसास-जमोरा कौन हैं?
डॉ. केविन कैसास-जमोरा इंटरनेशनल आईडीईए के महासचिव हैं।
भारत का चुनाव आयोग क्यों महत्वपूर्ण है?
भारत का चुनाव आयोग स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इंटरनेशनल आईडीईए का गठन कब हुआ था?
इंटरनेशनल आईडीईए का गठन 1995 में हुआ था।
राष्ट्र प्रेस
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