हंदवाड़ा के नागदानार जंगल में आतंकी ठिकाना ध्वस्त, AK-47 समेत भारी हथियार बरामद
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा इलाके में सुरक्षा बलों ने 7 अक्टूबर 2026 (बुधवार) को एक संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान नागदानार वन क्षेत्र में बने एक पुराने आतंकी ठिकाने का पता लगाकर उसे नष्ट कर दिया। अभियान के दौरान सुरक्षा दल ने ठिकाने से एक AK-47 राइफल, तीन हथगोले और कुल 1,000 से अधिक कारतूस सहित भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए।
अभियान का विवरण
अधिकारियों के अनुसार, एक विशेष सूचना के आधार पर हंदवाड़ा पुलिस ने 21 राष्ट्रीय राइफल्स (RR) और 92 बटालियन केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) के साथ मिलकर यह संयुक्त तलाशी अभियान चलाया। घने जंगल में गहन तलाशी के बाद दल को एक पुराना परित्यक्त ठिकाना मिला, जिसे अभियान के दौरान ध्वस्त कर दिया गया।
बरामद हथियारों की सूची
सुरक्षा बलों ने इस ठिकाने से एक AK-47 राइफल, तीन हथगोले, AK-47 के 857 कारतूस, 192 पीका राउंड, AK की आठ मैगजीन, एक साइलेंसर और पिस्तौल के 83 कारतूस बरामद किए। इसके अलावा अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की गई है।
हंदवाड़ा पुलिस थाने में इस संबंध में एफआईआर संख्या 232 दर्ज की गई है। पुलिस संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए बरामद हथियारों के स्रोत और इनके पीछे सक्रिय आतंकी नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
पिछली कार्रवाइयों का संदर्भ
गौरतलब है कि इससे पहले सितंबर 2026 में भी संयुक्त बलों ने हंदवाड़ा-कुपवाड़ा क्षेत्र में प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के लिए कथित तौर पर हाइब्रिड मोड में काम करने वाले एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। उस अभियान में क्रुहमुरा हंदवाड़ा निवासी मंजूर अहमद भट को गिरफ्तार किया गया था और उसके पास से चीन निर्मित पिस्तौल, दो मैगजीन और 16 कारतूस बरामद किए गए थे।
हाइब्रिड आतंकवाद: बदलता खतरा
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, हाइब्रिड आतंकवाद जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के बदलते स्वरूप का एक गंभीर पहलू बन चुका है। हाइब्रिड आतंकी आमतौर पर सुरक्षा रिकॉर्ड में सक्रिय आतंकवादी के रूप में दर्ज नहीं होते और सामान्य नागरिक की तरह जीवन जीते हैं।
आतंकी संगठनों द्वारा लक्ष्य सौंपे जाने पर ये लोग हमले को अंजाम देकर फिर से सामान्य गतिविधियों में लौटने की कोशिश करते हैं। यह प्रवृत्ति सुरक्षा एजेंसियों के लिए पहचान और निगरानी की दृष्टि से एक जटिल चुनौती खड़ी करती है।
आगे की जाँच
फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियाँ बरामद हथियारों की आपूर्ति शृंखला और उनके पीछे सक्रिय आतंकी नेटवर्क की पहचान करने के लिए जाँच जारी रखे हुए हैं। यह कार्रवाई क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियानों की तीव्रता को दर्शाती है और आने वाले दिनों में और बड़े अभियानों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।