दंतेवाड़ा में नक्सली हथियार डंप का भंडाफोड़: AK-47, कुकर बम समेत भारी शस्त्र-भंडार बरामद
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में सुरक्षा बलों ने 6 अक्टूबर 2026 को नक्सलियों के एक सुनियोजित हथियार डंप का भंडाफोड़ करते हुए AK-47 राइफल, कुकर बम, टिफिन बम और 20 वॉकी-टॉकी सेट समेत भारी मात्रा में घातक सामग्री जब्त की। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से मिली पक्की खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए इस संयुक्त अभियान ने बस्तर क्षेत्र में सक्रिय उग्रवादी नेटवर्क की आपूर्ति शृंखला को बड़ा झटका दिया है।
ऑपरेशन का ब्यौरा
बारसूर पुलिस थाने के अधिकार क्षेत्र में आने वाले मंगनार, बुरदुम, तोडमा और कोहकावेदा गाँवों के घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों में सोमवार की सुबह यह सघन तलाशी अभियान शुरू हुआ। मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे कोहकावेदा और बुरदुम गाँवों के बीच घने जंगलों में तलाशी के दौरान टीम को नक्सलियों का बेहद चालाकी से छिपाया गया हथियार डंप मिला।
इस अभियान में डिस्ट्रिक्ट फोर्स, डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG), बस्तर फाइटर्स और सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के जवानों की संयुक्त टीम ने भाग लिया। अभियान की निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने की।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
ऑपरेशन में बस्तर रेंज के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस बद्री नारायण मीणा (IPS), CRPF रेंज दंतेवाड़ा के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (ऑपरेशन्स), दंतेवाड़ा के सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस चंद्र मोहन सिंह (IPS), एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस जितेंद्र कुमार खुटे (RPS) और डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस नसर उल्लाह सिद्दीकी (RPS) शामिल हुए। इतनी उच्चस्तरीय मौजूदगी इस अभियान की रणनीतिक महत्ता को रेखांकित करती है।
बरामद हथियार और सामग्री
जब्त सामान की सूची बताती है कि यह डंप नक्सलियों के लिए एक महत्वपूर्ण लॉजिस्टिकल केंद्र था। बरामद सामग्री में शामिल हैं:
एक AK-47 राइफल (23 कारतूस और मैगजीन सहित), एक इन्सास राइफल (एक मैगजीन सहित), एक BGL लॉन्चर, एक .315 बोर राइफल (138 राउंड कारतूस सहित), छह देसी बंदूकें (भरमार), नौ BGL शेल, पाँच BGL राउंड, दो टिफिन बम, आठ कुकर बम, दो एरो बम, 24 पिस्टल रॉड स्प्रिंग, 20 वॉकी-टॉकी सेट, लगभग 20 मीटर कॉर्डटेक्स वायर, लगभग 20 मीटर लाल-काली तार, दो जोड़ी नक्सली वर्दी, एक इन्वर्टर, दो कार इन्वर्टर और एक मल्टीमीटर।
गौरतलब है कि कुकर बम और टिफिन बम जैसे इम्प्रोवाइज्ड विस्फोटक उपकरण (IED) इस क्षेत्र में नक्सली हमलों में अक्सर इस्तेमाल होते हैं और सुरक्षा बलों के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक रहे हैं।
अभियान की पृष्ठभूमि और महत्व
अधिकारियों ने बताया कि दंतेवाड़ा में नक्सल विरोधी अभियान के तहत लगातार इलाके में दबदबा बनाए रखने और तलाशी अभियान चलाने की वजह से यह बरामदगी संभव हो पाई। बरामद सामान को नियमों के अनुसार जब्त कर लिया गया है और आगे की जाँच जारी है।
यह ऐसे समय में आया है जब बस्तर संभाग में पिछले कुछ महीनों में नक्सल विरोधी अभियानों में उल्लेखनीय तेजी आई है। यह अभियान राज्य और केंद्रीय बलों के बीच समन्वय और आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों से खुफिया जानकारी के बढ़ते उपयोग को दर्शाता है।
आगे की कार्रवाई
दंतेवाड़ा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसे अभियान निरंतर जारी रहेंगे। पुलिस बल घने जंगलों और दुर्गम इलाकों से छिपे हुए हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक बरामद करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि इलाके में शांति, सुरक्षा और विकास के लिए अनुकूल माहौल कायम रहे। यह सफल ऑपरेशन बस्तर में सक्रिय नक्सली समूहों के लॉजिस्टिकल नेटवर्क को कमज़ोर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।