14 अक्टूबर 2026
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हरीश रावत का केंद्र पर पलटवार: घुसपैठियों को डिपोर्ट करे सरकार, राहुल गांधी से सवाल क्यों?

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हरीश रावत का केंद्र पर पलटवार: घुसपैठियों को डिपोर्ट करे सरकार, राहुल गांधी से सवाल क्यों?

सारांश

अमित शाह की राहुल गांधी पर टिप्पणी के जवाब में हरीश रावत का तीखा पलटवार — '12 साल की सत्ता में एक घुसपैठिये को डिपोर्ट नहीं किया, तो सवाल राहुल गांधी से क्यों?' कांग्रेस ने सीमा सुरक्षा की जिम्मेदारी सीधे केंद्र पर डाली।

मुख्य बातें

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 14 अक्टूबर 2026 को देहरादून में केंद्र सरकार पर पलटवार किया।
रावत ने पूछा कि 11 वर्षों में एक भी बांग्लादेशी घुसपैठिये को डिपोर्ट क्यों नहीं किया गया।
उन्होंने कहा — घुसपैठ और कश्मीर में आतंकवाद के सवाल 12 साल से सत्ता में बैठी सरकार से पूछे जाने चाहिए।
उत्तराखंड की धामी सरकार के तंबाकू प्रतिबंध को रावत ने 'दिखावा' करार दिया।
नए राज्यपाल की नियुक्ति पर रावत ने कहा — पूर्व राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह की 'उपयोगिता' खत्म होने पर हटाया गया।

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत ने 14 अक्टूबर 2026 को देहरादून में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। रावत ने कहा कि सीमा सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है, इसलिए घुसपैठ और कश्मीर में आतंकवाद के सवाल राहुल गांधी से नहीं, बल्कि पिछले 12 वर्षों से सत्ता में बैठी सरकार से पूछे जाने चाहिए।

मुख्य आरोप: घुसपैठियों को डिपोर्ट क्यों नहीं किया?

हरीश रावत ने केंद्र सरकार को सीधी चुनौती देते हुए कहा, 'सीमा की सुरक्षा आपके हाथ में है। आप कठोर कदम उठाइए, हम आपका साथ देंगे। अगर घुसपैठ बढ़ रही है, कश्मीर के अंदर आतंकवाद पनप रहा है, तो सवाल तो उनसे किया जाना चाहिए, जो 12 साल से सत्ता में हैं।'

उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। रावत ने कहा कि सरकार कहती थी करोड़ों की संख्या में बांग्लादेशी घुसपैठिये देश में हैं, तो उन्हें डिपोर्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी पूछा कि पिछले 11 वर्षों में एक भी नाम बताएँ जिसे बांग्लादेश वापस भेजा गया हो।

राहुल गांधी के नेतृत्व पर रावत का बचाव

रावत ने कहा कि राहुल गांधी इस मुद्दे को लंबे समय से उठाते रहे हैं और आज वे इंडिया ब्लॉक के नेता के रूप में संगठित आवाज़ का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमित शाह का गुस्सा इसलिए समझ में आता है क्योंकि जो मामले छिपे थे, वे अब सार्वजनिक हो रहे हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक लगातार सीमा सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा के मुद्दों पर केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं।

धामी सरकार के तंबाकू प्रतिबंध पर तंज

उत्तराखंड की धामी सरकार द्वारा तंबाकू पर प्रतिबंध लगाने के फैसले पर रावत ने कहा कि इस पर बाद में बात होगी। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि ऐसी घोषणाएँ अक्सर दिखावे के लिए होती हैं और ज़मीन पर लागू नहीं होतीं।

नए राज्यपाल की नियुक्ति पर सवाल

उत्तराखंड में नए राज्यपाल की नियुक्ति पर रावत ने कहा कि यह केंद्र का अंदरूनी मामला है। उन्होंने कहा कि पूर्व राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) की 'उपयोगिता' समाप्त हो जाने के कारण उन्हें हटाया गया होगा। रावत ने यह भी आशंका जताई कि नए राज्यपाल को इसलिए भेजा गया हो सकता है क्योंकि वे 'ज़्यादा पक्के भाजपाई साबित हो सकते हैं।'

राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि यह विवाद केंद्र और विपक्ष के बीच सीमा सुरक्षा, घुसपैठ और कश्मीर नीति को लेकर चल रही व्यापक राजनीतिक तनातनी का हिस्सा है। रावत जैसे वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं का इस मुद्दे पर मुखर होना इंडिया ब्लॉक की रणनीति को दर्शाता है कि वे सुरक्षा विफलताओं की जिम्मेदारी सीधे सत्तारूढ़ दल पर डालें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन किसी भी सरकार ने इस पर ठोस आँकड़े सार्वजनिक नहीं किए। असली सवाल यह है कि जब दोनों पक्ष घुसपैठ को एक समस्या मानते हैं, तो डिपोर्टेशन की पारदर्शी जवाबदेही क्यों नहीं है — यह सवाल सत्ता और विपक्ष दोनों के लिए असुविधाजनक है।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरीश रावत ने अमित शाह की किस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पर टिप्पणी की थी, जिसके जवाब में कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा कि सीमा सुरक्षा और घुसपैठ के सवाल 12 साल से सत्ता में बैठी सरकार से पूछे जाने चाहिए, राहुल गांधी से नहीं।
बांग्लादेशी घुसपैठियों को लेकर रावत ने क्या माँग की?
हरीश रावत ने माँग की कि केंद्र सरकार घुसपैठियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई करे और उन्हें डिपोर्ट करे। उन्होंने सरकार से पूछा कि पिछले 11 वर्षों में एक भी नाम बताएँ जिसे बांग्लादेश वापस भेजा गया हो।
उत्तराखंड के नए राज्यपाल की नियुक्ति पर रावत की क्या राय है?
रावत ने कहा कि यह केंद्र का अंदरूनी मामला है और पूर्व राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह की 'उपयोगिता' समाप्त होने पर उन्हें हटाया गया होगा। उन्होंने आशंका जताई कि नए राज्यपाल को इसलिए भेजा गया हो सकता है क्योंकि वे 'ज़्यादा पक्के भाजपाई साबित हो सकते हैं।'
धामी सरकार के तंबाकू प्रतिबंध पर रावत ने क्या कहा?
हरीश रावत ने उत्तराखंड की धामी सरकार के तंबाकू प्रतिबंध को 'दिखावा' करार देते हुए कहा कि ऐसी घोषणाएँ अक्सर ज़मीन पर लागू नहीं होतीं। उन्होंने कहा कि इस पर बाद में विस्तार से बात करेंगे।
इंडिया ब्लॉक के संदर्भ में रावत का यह बयान क्यों महत्वपूर्ण है?
रावत ने राहुल गांधी को इंडिया ब्लॉक की 'संगठित आवाज़' का नेता बताया और कहा कि वे लंबे समय से सीमा सुरक्षा के मुद्दे उठाते रहे हैं। यह बयान विपक्ष की उस रणनीति को दर्शाता है जिसमें सुरक्षा विफलताओं की जिम्मेदारी सीधे केंद्र सरकार पर डाली जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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