सोनीपत में घरेलू विवाद: पति ने कस्सी से की पत्नी राजवंती की हत्या, आरोपी फरार
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के सोनीपत जिले के रहमाणा गांव में 26 सितंबर 2026 को एक 32 वर्षीय महिला राजवंती की कथित तौर पर उसके पति ने खेती में इस्तेमाल होने वाले औजार कस्सी से हमला कर हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी पति नरेश कुमार मौके से फरार हो गया और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
घटनाक्रम
मूलरूप से बिहार के मुजफ्फरपुर के निवासी नरेश कुमार अपनी पत्नी राजवंती और लगभग दस वर्षीय बेटे के साथ रहमाणा गांव के किसान राजेंद्र के खेत में बने एक कमरे में रहते थे। प्रारंभिक जाँच के अनुसार, दोनों के बीच घरेलू विवाद को लेकर अक्सर कहासुनी होती थी।
जानकारी के अनुसार, नरेश ने शराब के नशे में और पुराने विवाद के चलते कथित रूप से राजवंती पर कस्सी से कई वार किए। महिला के चेहरे, सिर और पेट पर चोट के गंभीर निशान पाए गए हैं। हमले में महिला की मौत हो गई।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच
घटना की सूचना मिलते ही मोहाना थाना पुलिस मौके पर पहुँची और जाँच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य संकलन के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) टीम को भी बुलाया गया।
पुलिस प्रेस प्रवक्ता रवींद्र कुमार ने बताया कि रहमाणा गांव से महिला की हत्या की सूचना मिली थी। उन्होंने कहा, 'प्राथमिक जाँच में सामने आया है कि पति ने ही अपनी पत्नी की हत्या की है और यह हत्या घरेलू विवाद के चलते हुई है।'
प्रवक्ता ने यह भी बताया कि घटनास्थल पर शराब की बोतलें बरामद हुई हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी यह पुष्टि नहीं हुई है कि पति-पत्नी दोनों शराब पीते थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
आरोपी की तलाश जारी
वारदात के बाद आरोपी नरेश कुमार मौके से फरार हो गया है। पुलिस प्रेस प्रवक्ता रवींद्र कुमार ने आश्वासन दिया कि मामले की गहनता से जाँच की जा रही है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। घटना के समय दंपती का करीब दस साल का बेटा भी वहाँ मौजूद था।
आम जनता पर असर और व्यापक संदर्भ
यह घटना ऐसे समय में आई है जब हरियाणा में घरेलू हिंसा के मामलों पर सामाजिक चिंता बनी हुई है। गौरतलब है कि प्रवासी मजदूर परिवारों में आर्थिक दबाव और सामाजिक अलगाव अक्सर घरेलू तनाव को बढ़ाते हैं। पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और FSL टीम की तैनाती यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि जाँच निष्पक्ष और साक्ष्य-आधारित हो।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जाँच के निष्कर्षों के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आ पाएगी।