हजारीबाग के बरही चौक पर तेज रफ्तार ट्रक ने मां-बेटे को कुचला, दोनों की मौत; तीन बच्चे बचे
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के हजारीबाग जिले के बरही चौक पर बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को एक दर्दनाक सड़क हादसे में उर्मिला देवी (35) और उनके चार वर्षीय बेटे दीपांशु कुमार की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जब एक तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रक ने सड़क पार करते समय उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। दुर्गा पूजा मनाकर मायके से ससुराल लौट रही इस माँ के साथ मौजूद तीन अन्य बच्चे इस हादसे में बाल-बाल बच गए।
हादसे का घटनाक्रम
पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, उर्मिला देवी बिहार के गया जिले के बाराचट्टी थाना क्षेत्र स्थित केवलिया गांव की निवासी थीं। वे इन दिनों अपने चारों बच्चों के साथ टाटीझरिया के खैरा-करमा स्थित मायके में दुर्गा पूजा मनाने आई हुई थीं। बुधवार को पर्व संपन्न होने के बाद वे बच्चों को लेकर ससुराल बाराचट्टी लौट रही थीं।
जब वे बरही चौक के पास सड़क पार कर रही थीं, तभी तेज रफ्तार से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने उन्हें और उनके चार वर्षीय बेटे दीपांशु कुमार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि माँ और बेटे दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सड़क पर बिखरे बच्चों के खिलौने और सामान इस खौफनाक हादसे की त्रासदी बयां कर रहे थे।
पुलिस की कार्रवाई
हादसे की सूचना मिलते ही बरही थाना प्रभारी विनोद कुमार पुलिस बल के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई की और पोस्टमॉर्टम के लिए हजारीबाग सदर अस्पताल भिजवाया। हादसे के बाद फरार हुए ट्रक को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया और उसे थाने ले आई।
घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई और कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए आवागमन सुचारू कराया।
परिवार को सूचना
थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि मृतका के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है। मुंबई में मजदूरी कर रहे उर्मिला देवी के पति दिनेश सिंह को भी फोन पर इस दुखद समाचार की सूचना दे दी गई है। इस हादसे ने दुर्गा पूजा की खुशियों को पल भर में मातम में बदल दिया।
कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार वाहन चालक की तलाश जारी है। बरही थाना प्रभारी के अनुसार, आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब त्योहारी मौसम में सड़क सुरक्षा को लेकर बार-बार चिंताएँ जताई जाती रही हैं — विशेष रूप से राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर भारी वाहनों की अनियंत्रित रफ्तार एक गंभीर मुद्दा बनी हुई है।