हजारीबाग के जंगल में महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद, माथे पर गोली का निशान; हत्या-दुष्कर्म की आशंका
सारांश
मुख्य बातें
हजारीबाग के चौपारण थाना क्षेत्र में जीटी रोड स्थित दनुआ घाटी के सांझा कट के पास जंगल की झाड़ियों से बुधवार, 24 सितंबर 2026 की देर शाम एक महिला का बुरी तरह क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया। मृतका की आयु कथित तौर पर 30 से 35 वर्ष के बीच बताई जा रही है और अब तक उसकी पहचान स्थापित नहीं हो सकी है। प्रारंभिक जांच में महिला के माथे पर गोली लगने का निशान मिला है, जिससे पुलिस हत्या की आशंका को लेकर जांच कर रही है।
घटनास्थल से मिले साक्ष्य
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शव के गर्दन के पास साड़ी का किनारा और एक रूमाल लिपटा हुआ मिला है। इन साक्ष्यों को देखते हुए पुलिस हत्या के साथ-साथ दुष्कर्म की आशंका को भी जांच के दायरे में रख रही है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दुष्कर्म की पुष्टि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही संभव होगी। शव मिलने की सूचना फैलते ही इलाके में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही चौपारण थाना प्रभारी पंकज कुमार अपनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आसपास के क्षेत्र से आवश्यक साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को एंबुलेंस की सहायता से शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, हजारीबाग में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
शव कितने दिन पुराना
थाना प्रभारी पंकज कुमार ने बताया कि शव की स्थिति देखकर प्रथम दृष्टया यह सात से आठ दिन पुराना प्रतीत होता है। लंबे समय तक खुले में पड़े रहने के कारण शव काफी गल चुका है, जिससे महिला की तत्काल पहचान करना मुश्किल हो रहा है। मौत की वास्तविक परिस्थितियाँ पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।
पहचान के लिए अपील
पुलिस आसपास के थाना क्षेत्रों से पिछले कुछ दिनों में लापता हुई महिलाओं की जानकारी जुटा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव को पहचान के लिए 72 घंटे तक शवगृह में सुरक्षित रखा जाएगा। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके परिवार या परिचितों में कोई महिला पिछले एक सप्ताह से लापता है, तो तुरंत चौपारण पुलिस को सूचित करें।
आगे की जांच
माथे पर मिले गोली के निशान और घटनास्थल से जुटाए गए अन्य साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस के अनुसार फॉरेंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले की दिशा तय होगी और यदि पहचान स्थापित हो जाती है तो आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।