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क्या हजरतबल दरगाह में अशोक चिन्ह का अपमान पूरी देश की अस्मिता पर चोट है?

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क्या हजरतबल दरगाह में अशोक चिन्ह का अपमान पूरी देश की अस्मिता पर चोट है?

सारांश

जम्मू-कश्मीर के हजरतबल दरगाह में अशोक चिन्ह के अपमान को लेकर भाजपा ने कड़ा विरोध जताया है। गिरिराज सिंह ने इसे सिर्फ एक चिह्न नहीं, बल्कि भारत की आत्मा पर हमला बताया। जानिए इस विवाद की पूरी कहानी और इसके राजनीतिक निहितार्थ।

मुख्य बातें

हजरतबल दरगाह में अशोक स्तंभ का अपमान एक गंभीर मुद्दा है।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इसे भारत की आत्मा से जोड़ा है।
राजनीतिक दलों के बीच इस मुद्दे पर बयानबाजी हो रही है।
बिहार और उत्तर प्रदेश की अस्मिता पर चोट पहुँचाई गई है।
सम्राट अशोक का चिह्न हमारे लिए महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली, 7 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के हजरतबल दरगाह में अशोक स्तंभ के अपमान को लेकर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कांग्रेस, आरजेडी और इंडी गठबंधन पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि हजरतबल में केवल अशोक सम्राट का चिह्न नहीं तोड़ा गया है, बल्कि भारत का दिल तोड़ा गया है। बिहार और उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पूरे देश की अस्मिता को चोट पहुंचाई गई है।

गिरिराज सिंह ने कांग्रेस और तेजस्वी यादव से सवाल करते हुए कहा कि वे बिहार को और कितना अपमानित करेंगे और कितनी अपमानजनक टिप्पणियां करेंगे? यहां तक कि प्रधानमंत्री के लिए भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। राहुल गांधी ने उन नेताओं को मंच पर बुलाया जो हमेशा बिहार और हिंदू समाज का अपमान करते रहे हैं, स्टालिन और रेवंत रेड्डी को बुलाकर उनसे अमर्यादित टिप्पणी करवाई। अब जम्मू कश्मीर में अशोक स्तंभ का भी अपमान किया जा रहा है। यह केवल एक अशोक स्तंभ नहीं है, इसमें भारत की भावना जुड़ी है, भारत के संविधान की आत्मा जुड़ी है और बाबा साहेब अंबेडकर की आत्मा भी जुड़ी हुई है।

उन्होंने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उन्होंने फारूक अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कांफ्रेंस से अपनी सरकार अलग नहीं की और अशोक स्तंभ के लिए माफी नहीं मांगी तो यह साबित हो जाएगा कि उन्हें देश की अस्मिता की परवाह नहीं है।

इसके अलावा बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और भाजपा के मीडिया सह प्रभारी डॉ. संजय मयूख ने भी हजरतबल दरगाह में अशोक स्तंभ के अपमान को लेकर विपक्ष को निशाने पर लिया। सम्राट चौधरी ने कहा कि जिस महापुरुष ने अखंड भारत का सपना देखा, पूरे भारत का निर्माण किया, भारत स्तंभ और अशोक चक्र को पहचान दी, उसी सम्राट अशोक के स्तंभ पर कश्मीर में हमला किया गया। भारत और बिहार की अस्मिता का महागठबंधन के लोगों द्वारा इस तरह का अपमान अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

कश्मीर में हजरतबल दरगाह में राष्ट्रीय प्रतीक अशोक चिह्न के अपमान को लेकर राष्ट्रीय सह-मीडिया प्रमुख और प्रवक्ता, मुख्य सचेतक (भाजपा) बिहार विधान परिषद डॉ. संजय मयूख ने कहा कि केरल से कश्मीर तक जिस तरह गाली और अपमान का दौर चल रहा है, उसे बिहारवासी अब और बर्दाश्त करने को तैयार नहीं हैं। सम्राट अशोक केवल बिहार ही नहीं बल्कि पूरे देश के कण-कण में बसते हैं, और बिहार लोकतंत्र की जननी है, बिहार का अपमान अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह देश की अस्मिता और एकता का प्रतीक भी है। राजनीतिक दलों के बीच इस मुद्दे को लेकर जो बयानबाजी हो रही है, वह देश के लिए चिंताजनक है। हमें एकजुटता के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हजरतबल दरगाह में अशोक चिन्ह का अपमान क्यों महत्वपूर्ण है?
यह अपमान भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक है।
बीजेपी इस मुद्दे पर क्या कदम उठा रही है?
बीजेपी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विपक्ष पर तीखा हमला किया है।
राष्ट्र प्रेस
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