तमिलनाडु के 22 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, अगले एक सप्ताह तक जारी रहेगा बारिश का दौर
सारांश
मुख्य बातें
मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने मंगलवार, 2 जून 2026 को तमिलनाडु के 22 जिलों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। दक्षिण केरल और उससे लगे तमिलनाडु क्षेत्र के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) इस व्यापक मौसमी गतिविधि की मुख्य वजह बताई जा रही है। आरएमसी के अनुसार, यह मौसमी तंत्र तमिलनाडु और पुडुचेरी में अगले एक सप्ताह तक बारिश का सिलसिला बनाए रख सकता है।
किन जिलों पर सबसे ज़्यादा असर
मौसम विभाग ने जिन 22 जिलों में भारी वर्षा का अनुमान जताया है, उनमें नीलगिरि, कोयंबटूर, तिरुप्पुर, डिंडीगुल, थेनी, करूर, नमक्कल, इरोड, सलेम, तिरुचिरापल्ली, धर्मपुरी, कृष्णागिरि, तिरुपत्तूर, वेल्लोर, रानीपेट, तिरुवन्नामलाई, मदुरै, विरुधुनगर, तेनकासी, तिरुनेलवेली, तूतीकोरिन (थूथुकुडी) और कन्याकुमारी शामिल हैं। राज्य के पश्चिमी, मध्य और दक्षिणी हिस्सों में कई स्थानों पर व्यापक वर्षा होने की संभावना है।
अगले दो दिनों — मंगलवार और बुधवार — के दौरान नीलगिरि, कोयंबटूर, थेनी, तिरुप्पुर, तेनकासी, डिंडीगुल, तिरुनेलवेली, कन्याकुमारी, इरोड, नमक्कल और सलेम में विशेष रूप से भारी वर्षा की आशंका है। इसके अलावा धर्मपुरी, कृष्णागिरि, तिरुपत्तूर, वेल्लोर, रानीपेट और तिरुवन्नामलाई में भी इसी तरह का मौसम बने रहने का अनुमान है।
चक्रवाती परिसंचरण से बढ़ी नमी
अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण केरल और आसपास के तमिलनाडु क्षेत्र पर बना चक्रवाती परिसंचरण अरब सागर और निकटवर्ती इलाकों से बड़ी मात्रा में नमी खींच रहा है। इस नमी के कारण बादल बनने की प्रक्रिया तेज हो गई है, जिससे व्यापक और कहीं-कहीं अत्यधिक वर्षा हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा।
चेन्नई का हाल
राजधानी चेन्नई में मंगलवार को आसमान बादलों से घिरा रहने की संभावना है। यहाँ गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है तथा अधिकतम तापमान लगभग 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है। शहर और उसके आसपास के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है, हालाँकि फिलहाल भारी वर्षा की संभावना नहीं जताई गई है।
प्रशासन की सलाह और सावधानियाँ
प्रशासन ने निचले इलाकों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। लोगों को मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों पर नज़र रखने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और जलाशयों के किनारे न रहने की हिदायत भी दी गई है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण भारत में मानसून-पूर्व गतिविधियाँ तेज हो रही हैं और कई राज्य अत्यधिक वर्षा के लिए तैयारी में जुटे हैं। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर नज़र बनाए रखना ज़रूरी होगा।