क्या ठाकरे भाइयों का गठजोड़ मुंबई को बचा पाएगा? संजय राउत का दावा

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क्या ठाकरे भाइयों का गठजोड़ मुंबई को बचा पाएगा? संजय राउत का दावा

सारांश

क्या ठाकरे भाइयों का गठजोड़ वास्तव में मुंबई को सुरक्षित कर पाएगा? जानें संजय राउत के विचार और बीएमसी चुनाव में उनके दृष्टिकोण को।

Key Takeaways

  • ठाकरे भाइयों का एकजुट होना मुंबई के लिए महत्वपूर्ण है।
  • बीएमसी चुनाव में गठजोड़ ने लोगों के दिलों में विश्वास बढ़ाया है।
  • शिवसेना का प्रभाव शहर के हर हिस्से में है।
  • किफायती आवास और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार का वादा।
  • महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं भी शामिल हैं।

मुंबई, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि बीएमसी चुनाव में ठाकरे भाइयों (उद्धव और राज ठाकरे) का एक साथ आना मुंबई को बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इस गठजोड़ ने शहर के निवासियों के दिलों में विश्वास को बढ़ाया है।

इस बार, शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने बीएमसी चुनाव में मिलकर भाग लेने का ऐलान किया है। पिछले रविवार को, दोनों पार्टियों ने अपना संयुक्त चुनाव घोषणापत्र 'वचन नामा' जारी किया, जिसमें ठाकरे भाइयों और शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की तस्वीरें प्रमुखता से प्रदर्शित की गईं।

संजय राउत ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि इस चुनाव का उद्देश्य केवल ठाकरे भाइयों का राजनीतिक एकता नहीं है, बल्कि मुंबई जैसे महानगर की सुरक्षा और विकास को सुनिश्चित करना है।

उन्होंने बताया कि मुंबई सिर्फ महाराष्ट्र की राजधानी नहीं है, बल्कि यह देश की वित्तीय राजधानी भी है। पिछले कई वर्षों में शहर में कई परिवर्तन आए हैं, लेकिन शिवसेना की बीएमसी पर पकड़ आज भी मजबूत बनी हुई है।

राउत ने यह भी कहा कि पार्टी ने तीन दशकों से शहर में अपनी पकड़ बनाए रखी है और इस बार भी बीएमसी में अपनी ताकत को दिखाएगी। हालांकि, शिवसेना को बीएमसी में कभी पूर्ण बहुमत नहीं मिला। अधिकांश कार्यकाल में पार्टी भाजपा के साथ गठबंधन में रही, जो कि 2014 में अलग हो गया।

राउत ने कहा कि यह चुनाव सात साल बाद हो रहे हैं। पूरे महाराष्ट्र की जनसांख्यिकी बदल गई है और शहर भी बदल गया है। ऐसे में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने मिलकर मुंबई को बचाने का कार्य किया है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि शिवसेना हमेशा महाराष्ट्रवासियों की सुरक्षा और हित में रही है। शहर के हर हिस्से में शिवसेना का प्रभाव है और जब भी मुंबई के मुद्दों पर चर्चा होती है, तो लोग सबसे पहले यही सोचते हैं कि शिवसेना हमारी रक्षा करेगी। राउत ने यह भी बताया कि ठाकरे भाइयों का मिलना लोगों के दिलों में विश्वास पैदा करने वाला कदम रहा है।

इस बीच, ठाकरे भाइयों के संयुक्त घोषणापत्र में किफायती आवास, बुनियादी ढांचे में सुधार, स्वास्थ्य सुविधाओं, सार्वजनिक परिवहन और शिक्षा क्षेत्र में बेहतर सेवाओं का वादा किया गया है। महिलाओं के लिए 'स्वाभिमान निधि' योजना के तहत घरेलू कामकाजी महिलाओं और कोली समुदाय की महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये देने का प्रस्ताव भी शामिल है।

इस घोषणापत्र का अनावरण शिवसेना भवन में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किया गया, जो राज ठाकरे के लगभग 20 साल बाद पार्टी मुख्यालय में लौटने का अवसर भी था। राज ठाकरे ने 2005 में शिवसेना छोड़ दी थी।

Point of View

बल्कि मुंबई के विकास और सुरक्षा को प्राथमिकता देना है। यह एक सकारात्मक संकेत है कि राजनीतिक दल जनहित के मुद्दों पर एकजुट हो सकते हैं।
NationPress
11/01/2026

Frequently Asked Questions

ठाकरे भाइयों के गठजोड़ का मुख्य उद्देश्य क्या है?
गठजोड़ का मुख्य उद्देश्य मुंबई की सुरक्षा और विकास को प्राथमिकता देना है।
बीएमसी चुनाव में इस गठजोड़ का प्रभाव क्या होगा?
इस गठजोड़ का प्रभाव मुंबई के निवासियों के दिलों में विश्वास बढ़ाने में मदद करेगा।
शिवसेना की बीएमसी में कितनी पकड़ है?
शिवसेना की बीएमसी पर पकड़ आज भी मजबूत है, हालांकि उन्हें कभी पूर्ण बहुमत नहीं मिला।
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