क्या आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत मर्यादा महोत्सव में शामिल होंगे?
सारांश
Key Takeaways
- मोहन भागवत का दौरा राजस्थान के लिए महत्वपूर्ण है।
- मर्यादा महोत्सव भारतीय संस्कृति का प्रतीक है।
- आचार्य महाश्रमण का शामिल होना कार्यक्रम को और महत्वपूर्ण बनाता है।
- यह कार्यक्रम अनुशासन और नैतिकता पर जोर देता है।
- आरएसएस ने सौ साल पूरे करने के बाद समाज सेवा की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
जयपुर, २२ जनवरी (राष्ट्र प्रेस) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत आज राजस्थान के छोटी खाटू में एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम मर्यादा महोत्सव में हिस्सा लेने जा रहे हैं।
वह बुधवार से दो दिन के राजस्थान दौरे पर हैं। आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी और राजस्थान क्षेत्र के क्षेत्रीय संघचालक रमेश अग्रवाल ने बताया कि यह दौरा राजस्थान में उनके निर्धारित संगठनात्मक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों का हिस्सा है।
मोहन भागवत बुधवार को हवाई जहाज से जयपुर पहुंचे और फिर किशनगढ़ गए, जहाँ उन्होंने रात बिताई। बाद में वे मर्यादा महोत्सव में शामिल होने के लिए छोटी खाटू जाएंगे।
इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले जाने-माने जैन आध्यात्मिक नेता आचार्य महाश्रमण भी होंगे। मर्यादा महोत्सव भारत की समृद्ध आध्यात्मिक परंपराओं को प्रदर्शित करता है और अनुशासन, नैतिक आचरण और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मूल्यों पर जोर देता है।
कार्यक्रम के बाद, मोहन भागवत जयपुर लौटेंगे और शहर में रात बिताएंगे। अपने प्रवास के दौरान, वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कुछ चुनिंदा पदाधिकारियों से संवाद करेंगे और क्षेत्र में सामाजिक सेवा, राष्ट्रीय चरित्र निर्माण और संगठनात्मक गतिविधियों पर चर्चा करेंगे।
उनका राजस्थान दौरा २३ जनवरी की सुबह हवाई जहाज से रवाना होते ही समाप्त हो जाएगा।
यह ध्यान देने योग्य है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने २ अक्टूबर २०२५ को विजयादशमी के अवसर पर अपने सौ साल पूरे किए और राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ने का वादा किया।
शताब्दी वर्ष के दौरान, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा देश भर में विजयादशमी समारोह, युवा सम्मेलन, घर-घर संपर्क, हिंदू सम्मेलन, सामाजिक सद्भाव समावेश और प्रमुख नागरिकों के साथ विचार-विमर्श जैसी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।
संघ परिवार ने अपने १००वें वर्ष में भी देश भर में समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों, नीति निर्माताओं और समाज सेवकों के साथ संवाद जारी रखा है। पिछले नवंबर में बेंगलुरु में मोहन भागवत ने एक विशेष व्याख्यान श्रृंखला को संबोधित किया था।
--आईएएनएस