द्वारका सेक्टर-24 गोल्फ कोर्स के तालाब में डूबने से तीन बच्चों की मौत, डीडीए जमीन पर हुई घटना

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द्वारका सेक्टर-24 गोल्फ कोर्स के तालाब में डूबने से तीन बच्चों की मौत, डीडीए जमीन पर हुई घटना

सारांश

दिल्ली के द्वारका सेक्टर-24 में डीडीए की जमीन पर बन रहे गोल्फ कोर्स के कृत्रिम तालाब में 8 से 10 साल के तीन बच्चे डूब गए। बच्चे कथित तौर पर बाउंड्री वॉल फाँदकर परिसर में घुसे थे। यह घटना राजधानी में असुरक्षित जल-निकायों और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा की गंभीर खामियों को उजागर करती है।

Key Takeaways

30 अप्रैल को द्वारका सेक्टर-24 के निर्माणाधीन गोल्फ कोर्स परिसर के तालाब में तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई। मृत बच्चों की उम्र 8 से 10 साल के बीच बताई जा रही है; अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस को सुबह 7:07 बजे पीसीआर कॉल मिली; दमकल विभाग ने तीनों को तालाब से बाहर निकाला। शुरुआती जांच के अनुसार बच्चे कथित तौर पर बाउंड्री वॉल फाँदकर परिसर में घुसे और नहाने के दौरान डूब गए। यह डीडीए की जमीन है; परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। दिल्ली में इससे पहले जून 2025 (पीतमपुरा) और अप्रैल 2024 (बवाना नहर) में भी इसी तरह की डूबने की घटनाएँ हो चुकी हैं।

नई दिल्ली के द्वारका सेक्टर-24 में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की जमीन पर निर्माणाधीन गोल्फ कोर्स परिसर के भीतर बने एक कृत्रिम तालाब में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई। दिल्ली पुलिस ने 30 अप्रैल को इस घटना की पुष्टि की। मृत बच्चों की उम्र 8 से 10 साल के बीच बताई जा रही है।

घटनाक्रम: कैसे मिली सूचना

पुलिस के अनुसार, द्वारका सेक्टर-23 पुलिस स्टेशन को सुबह लगभग 7 बजकर 7 मिनट पर एक पीसीआर कॉल मिली, जिसमें गोल्फ कोर्स परिसर के अंदर स्थित तालाब में तीन बच्चों के डूबने की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) पुलिसकर्मियों के साथ तत्काल मौके पर पहुँचे और अन्य आपातकालीन एजेंसियों को भी सूचित किया गया।

बचाव अभियान और मौत की पुष्टि

मौके पर पहुँचने पर अधिकारियों ने तालाब में तीनों बच्चों को डूबा हुआ पाया। दमकल विभाग की सहायता से तीनों को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन उन्हें मौके पर ही मृत घोषित कर दिया गया। फिलहाल बच्चों की पहचान नहीं हो पाई है और पुलिस को उनके संबंध में कोई गुमशुदगी की रिपोर्ट भी प्राप्त नहीं हुई है।

शुरुआती जांच में क्या सामने आया

प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि बच्चे कथित तौर पर देर शाम बाउंड्री वॉल फाँदकर परिसर में घुसे थे। तालाब के बाहर उनके कपड़े मिले, जिससे पुलिस को संदेह है कि वे नहाने के इरादे से वहाँ गए थे और दुर्घटनावश डूब गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि विस्तृत जांच के बाद ही पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।

दिल्ली में डूबने की पिछली घटनाएँ

यह ऐसी पहली घटना नहीं है। जून 2025 में उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के पीतमपुरा में एक स्विमिंग पूल में डूबने से 6 वर्षीय तक्ष राठी की जान चली गई थी। कथित तौर पर वह अपने इलाके के अन्य बच्चों के साथ पूल में गया था और उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसे मृत घोषित किया गया। इससे पहले अप्रैल 2024 में रोहिणी के बवाना नहर में तैरते समय तीन किशोर लड़के डूब गए थे, जिनके शव गहन तलाशी के बाद बरामद हुए थे। यह घटना ऐसे समय में आई है जब राजधानी में असुरक्षित जल-निकायों तक बच्चों की पहुँच को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

आगे की जांच और प्रशासनिक जवाबदेही

पुलिस ने मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है। डीडीए की जमीन पर निर्माणाधीन परिसर में सुरक्षा इंतज़ामों की कमी और बाउंड्री वॉल की अपर्याप्त निगरानी पर भी सवाल उठने लगे हैं। आने वाले दिनों में जांच के नतीजे और बच्चों की पहचान सामने आने की उम्मीद है।

Point of View

बल्कि दिल्ली में सार्वजनिक और निर्माणाधीन स्थलों पर सुरक्षा के प्रति लापरवाही का प्रतिबिंब है। डीडीए की जमीन पर बन रहे परिसर में बाउंड्री वॉल की अपर्याप्त निगरानी यह सवाल उठाती है कि क्या सरकारी एजेंसियाँ अपने निर्माण स्थलों को बच्चों के लिए सुरक्षित बनाने की ज़िम्मेदारी निभा रही हैं। यह दिल्ली में एक साल के भीतर डूबने की कम से कम तीसरी बड़ी घटना है, फिर भी असुरक्षित जल-निकायों पर कोई ठोस नीतिगत कदम नहीं उठाया गया। जब तक जवाबदेही तय नहीं होती और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानक लागू नहीं किए जाते, ऐसी घटनाएँ दोहराती रहेंगी।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

द्वारका सेक्टर-24 के गोल्फ कोर्स में क्या हुआ?
30 अप्रैल को दिल्ली के द्वारका सेक्टर-24 में डीडीए की जमीन पर निर्माणाधीन गोल्फ कोर्स परिसर के कृत्रिम तालाब में 8 से 10 साल के तीन बच्चे डूब गए। दमकल विभाग ने तीनों को पानी से निकाला, लेकिन उन्हें मौके पर ही मृत घोषित कर दिया गया।
क्या बच्चों की पहचान हो पाई है?
अभी तक तीनों बच्चों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस को उनके संबंध में कोई गुमशुदगी की रिपोर्ट भी प्राप्त नहीं हुई है और जांच जारी है।
बच्चे गोल्फ कोर्स परिसर में कैसे पहुँचे?
शुरुआती जांच के अनुसार बच्चे कथित तौर पर देर शाम बाउंड्री वॉल फाँदकर परिसर में घुसे थे। तालाब के बाहर उनके कपड़े मिले, जिससे पुलिस को संदेह है कि वे नहाने के इरादे से वहाँ गए थे।
इस घटना के लिए कौन जिम्मेदार है?
यह जमीन दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की है और परिसर निर्माणाधीन है। परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और बाउंड्री की अपर्याप्त निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस विस्तृत जांच कर रही है।
दिल्ली में इससे पहले भी इसी तरह की घटनाएँ हुई हैं?
हाँ, जून 2025 में पीतमपुरा के एक स्विमिंग पूल में 6 वर्षीय तक्ष राठी की डूबने से मौत हुई थी। अप्रैल 2024 में रोहिणी के बवाना नहर में तीन किशोर लड़के डूब गए थे, जिनके शव बाद में बरामद हुए थे।
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