क्या तमिलनाडु कैबिनेट की बैठक विधानसभा सत्र से पहले महत्वपूर्ण फैसले लेगी?
सारांश
Key Takeaways
- तमिलनाडु विधानसभा सत्र 20 जनवरी को शुरू होगा।
- कैबिनेट बैठक में राज्यपाल का भाषण मुख्य मुद्दा होगा।
- विपक्षी शिकायतों की समीक्षा की जाएगी।
- एश्योर्ड पेंशन योजना पर चर्चा होगी।
- कैबिनेट चुनावों से पहले सरकार की प्राथमिकताओं को तय कर सकती है।
चेन्नई, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। इस वर्ष का पहला तमिलनाडु विधानसभा सत्र 20 जनवरी से शुरू होगा, जिसमें राज्यपाल आर.एन. रवि पहले दिन सदन को संबोधित करेंगे। विधानसभा सत्र से पहले, मंगलवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक का आयोजन होगा।
यह साल की पहली कैबिनेट बैठक होगी और सभी मंत्रियों के इसमें शामिल होने की उम्मीद है।
परंपरा के अनुसार, कैबिनेट विधानसभा सत्र के दौरान उठाए जाने वाले महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेगी। एजेंडे में सबसे प्रमुख मुद्दा राज्यपाल का भाषण है, जिस पर सदन में पेश किए जाने से पहले कैबिनेट में चर्चा और मंजूरी दी जाती है।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि क्या राज्यपाल आरएन रवि इस वर्ष सरकार द्वारा तैयार किया गया भाषण पूरा पढ़ेंगे। पिछले मामलों में, राजभवन और राज्य सरकार के बीच भाषण की सामग्री को लेकर मतभेदों ने विवाद उत्पन्न किया, जिसमें राज्यपाल ने कुछ अंश छोड़े या उनमें परिवर्तन किए।
कैबिनेट की चर्चाएं विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। इस बैठक में विपक्षी पार्टियों द्वारा उठाए गए विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित शिकायतों और आरोपों की समीक्षा की जा सकती है।
मंत्रियों से उम्मीद है कि वे उन उत्तरों और आंकड़ों को अंतिम रूप देंगे, जिन्हें विधानसभा सत्र के दौरान विपक्षी बेंचों की आलोचना का जवाब देने के लिए पेश किया जाएगा। हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई एश्योर्ड पेंशन योजना जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। ज्ञात हुआ है कि कैबिनेट ने इस योजना को पहले ही मंजूरी दे दी है।
मंत्रियों के लिए यह भी उम्मीद की जा रही है कि वे विधानसभा सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले अंतरिम बजट में एश्योर्ड पेंशन कार्यक्रम के लिए फंड के आवंटन पर चर्चा करेंगे।
इसके अतिरिक्त, कैबिनेट विभिन्न वर्गों की मांगों और उम्मीदों को पूरा करने के लिए लाए गए प्रस्तावों पर भी चर्चा कर सकती है, जिसमें हड़ताली सफाई कर्मचारी और अन्य कर्मचारी समूह शामिल हैं।
उम्मीद है कि श्रम से संबंधित मुद्दों और कल्याण से जुड़ी चिंताओं को सुलझाने के उपायों पर चर्चा में विशेष रूप से बात होगी।
फरवरी के अंत तक विधानसभा चुनाव का शेड्यूल घोषित होने की संभावना को देखते हुए, कैबिनेट की बैठक को राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बैठक में लिए गए निर्णय चुनावों से पहले सरकार की विधायी और प्रशासनिक प्राथमिकताओं को निर्धारित कर सकते हैं।