क्या करूर भगदड़ मामले में सीबीआई ने विजय के कैंपेन वाहन को जब्त किया?
सारांश
Key Takeaways
- सीबीआई ने विजय के कैंपेन वाहन को जब्त किया।
- करूर भगदड़ में 41 लोगों की जान गई।
- जांच में रैली के आयोजन की बारीकियाँ शामिल हैं।
चेन्नई, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पिछले वर्ष 27 सितंबर को करूर में विजय की जनता की बैठक के दौरान हुई भगदड़ की जारी जांच के तहत विजय द्वारा प्रयोग किए गए वाहन को जब्त कर लिया है। इस भगदड़ में 41 लोगों की मृत्यु हो गई थी और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
अधिकारियों के अनुसार, रैली के दौरान विजय द्वारा उपयोग की गई और पनयूर से करूर ले जाई गई कैंपेन बस की जांच की जा रही है ताकि मूवमेंट लॉग, यात्रा के समय और इवेंट के लिए दी गई अनुमतियों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
रैली के दिन की योजना और भीड़ की आवाजाही से जुड़े विवरणों की पुष्टि के लिए बस के ड्राइवर से भी पूछताछ की जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार, यह हादसा उस स्थान पर भारी भीड़ और भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था में कथित कमियों के बीच हुआ, जहाँ विजय ने समर्थकों को संबोधित किया था।
निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के निर्देशों के बाद यह मामला सीबीआई को सौंपा गया था।
इससे पहले, 25 नवंबर को तमिलगा वेट्री कजगम (टीवीके) के वरिष्ठ नेता राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सीबीआई के समक्ष पेश हुए थे। इस दौरान पार्टी के महासचिव बुस्सी आनंद, चुनाव अभियान प्रबंधन महासचिव अधव अर्जुन और संयुक्त महासचिव सीटीआर निर्मल कुमार से पूछताछ की गई।
टीवीके के करूर पश्चिम जिला सचिव केपी मथियाझगन और एमसी पौनराज से भी पूछताछ की गई थी।
जांचकर्ताओं ने बताया कि नेताओं से रैली की योजना, दी गई अनुमति, भीड़ का अनुमान, सुरक्षा व्यवस्था और लॉजिस्टिक्स समन्वय सहित कई मुद्दों पर सवाल पूछे गए।
जांच के सिलसिले में 4 दिसंबर को करूर जिला कलेक्टर थंगावेलम को बुलाया गया और उनसे प्रशासनिक मंजूरी, अंतर-विभागीय समन्वय और रैली के दिन लागू किए गए प्रतिक्रिया तंत्र के बारे में दो घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की गई।
जांच को आगे बढ़ाते हुए, सीबीआई ने इस मामले में विजय को औपचारिक समन जारी किया है, जिसमें उन्हें 12 जनवरी को नई दिल्ली में एजेंसी के मुख्यालय में जांचकर्ताओं के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है।
अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण गवाहों से और पूछताछ और दस्तावेजी सबूतों की जांच जारी रहेगी।