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हिंगोली में 2.9 तीव्रता का भूकंप, गुरुवार सुबह फिर महसूस हुए झटके

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हिंगोली में 2.9 तीव्रता का भूकंप, गुरुवार सुबह फिर महसूस हुए झटके

सारांश

महाराष्ट्र के हिंगोली में भूकंपीय हलचल थमने का नाम नहीं ले रही। 15 अक्टूबर की सुबह 2.9 तीव्रता का नया झटका आया — KGF फाल्ट लाइन के पास उथले केंद्र वाले इस 'अर्थक्वेक स्वार्म' की यह ताज़ा कड़ी है। कोई नुकसान नहीं, लेकिन बार-बार के झटके चिंता बढ़ा रहे हैं।

मुख्य बातें

15 अक्टूबर 2026 को सुबह 04:58 बजे हिंगोली में 2.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया।
भूकंप का केंद्र मात्र 5 किलोमीटर की उथली गहराई पर था, जिससे झटके सतह पर स्पष्ट महसूस हुए।
3 अक्टूबर 2026 को भी हिंगोली में 3.3 तीव्रता का भूकंप गढाला गांव के पास आया था।
26 सितंबर 2026 को महाराष्ट्र के पालघर जिले में 3.6 तीव्रता का भूकंप दर्ज हुआ था।
हिंगोली क्षेत्र किन्नेरसरी-गोदावरी फाल्ट (KGF) के निकट है, जो इस क्षेत्र को भूकंपीय रूप से सक्रिय बनाती है।
किसी भी घटना में जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं; स्थिति सामान्य है।

महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 की सुबह एक बार फिर भूकंप के झटके दर्ज किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 2.9 मापी गई और यह घटना पिछले कई हफ्तों में इस क्षेत्र में आई भूकंपीय हलचलों की कड़ी का नवीनतम अध्याय है।

भूकंप का ब्यौरा

NCS के आँकड़ों के अनुसार, भूकंप सुबह 04:58:32 बजे IST पर आया। इसका केंद्र 19.498° उत्तर अक्षांश और 77.217° पूर्व देशांतर पर स्थित था, जो हिंगोली जिले के भीतर पड़ता है। भूकंप की गहराई मात्र 5 किलोमीटर दर्ज की गई। उथला केंद्र होने के कारण कम तीव्रता के बावजूद सतह पर झटके स्पष्ट रूप से महसूस किए गए। किसी जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।

हालिया भूकंपीय घटनाक्रम

3 अक्टूबर 2026 को भी हिंगोली में दो बार झटके आए थे। उस दिन सुबह करीब 7:46 बजे 3.3 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था, जिसका केंद्र गढाला गांव के बाहरी इलाके में लगभग 7 किलोमीटर की गहराई में था। उससे पहले जुलाई 2026 में भी इसी क्षेत्र में हल्के झटके महसूस हुए थे।

महाराष्ट्र के पालघर जिले में भी 26 सितंबर 2026 की रात 10:33:46 बजे 3.6 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र जमीन से लगभग 5 किलोमीटर की गहराई में था। इस तरह महाराष्ट्र के कई हिस्से पिछले कुछ महीनों से लगातार भूकंपीय सक्रियता के गवाह बन रहे हैं।

भूगर्भीय कारण

हिंगोली और उसके आसपास का क्षेत्र किन्नेरसरी-गोदावरी फाल्ट (KGF) जैसी प्रमुख भूगर्भीय फाल्ट लाइन के निकट स्थित है। इन फाल्ट लाइनों के किनारे जमीन के नीचे चट्टानों में जमा टेक्टोनिक दबाव जब अचानक मुक्त होता है, तो बार-बार झटके महसूस होते हैं। हिंगोली में आने वाले अधिकांश भूकंप 5 से 10 किलोमीटर की उथली गहराई पर दर्ज होते हैं, जिस कारण 2.5 से 4.7 तीव्रता के झटके भी सतह पर काफी तेज महसूस होते हैं।

अर्थक्वेक स्वार्म: क्या है यह घटना

इस क्षेत्र में जारी भूकंपीय श्रृंखला को भूविज्ञान की भाषा में 'अर्थक्वेक स्वार्म' कहा जाता है। इसमें किसी एक बड़े मुख्य भूकंप के बिना, कम समय के अंतराल में कई छोटे-छोटे झटके लगातार आते रहते हैं। गौरतलब है कि यह स्थिति हिंगोली में लंबे समय से बनी हुई है और स्थानीय निवासियों में इन झटकों को लेकर चिंता बनी रहती है।

आम जनता पर असर

गुरुवार सुबह के झटकों के बाद कुछ देर के लिए स्थानीय नागरिकों में भय का माहौल रहा, हालाँकि अधिकारियों के अनुसार किसी भी प्रकार के जानमाल या संपत्ति के नुकसान की खबर नहीं है। भूकंप की तीव्रता कम रहने के कारण स्थिति सामान्य बनी रही। विशेषज्ञों का कहना है कि इस क्षेत्र के निवासियों को भूकंपरोधी उपायों के प्रति जागरूक रहना चाहिए, क्योंकि फाल्ट लाइन की निकटता के कारण भविष्य में और झटकों की आशंका बनी रहती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'अर्थक्वेक स्वार्म' की यह निरंतरता एक गहरे भूगर्भीय सवाल को सामने रखती है। KGF जैसी सक्रिय फाल्ट लाइन के नजदीक बसी आबादी के लिए ज़रूरी है कि राज्य सरकार और भूविज्ञान संस्थान केवल झटकों को रिकॉर्ड करने तक सीमित न रहें, बल्कि स्थानीय स्तर पर भूकंपरोधी निर्माण नियमों की समीक्षा और जन-जागरूकता अभियान भी चलाएँ। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर तीव्रता कम होने पर इन खबरों को नज़रअंदाज़ कर देती है, जबकि उथले केंद्र वाले लगातार झटके दीर्घकालिक संरचनात्मक जोखिम का संकेत हो सकते हैं।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिंगोली में 15 अक्टूबर को आया भूकंप कितनी तीव्रता का था?
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 को सुबह 04:58 बजे हिंगोली में 2.9 तीव्रता का भूकंप आया। इसका केंद्र जमीन से केवल 5 किलोमीटर की गहराई पर था और किसी जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।
हिंगोली में बार-बार भूकंप क्यों आते हैं?
हिंगोली क्षेत्र किन्नेरसरी-गोदावरी फाल्ट (KGF) जैसी सक्रिय भूगर्भीय फाल्ट लाइन के निकट स्थित है। इन फाल्ट लाइनों पर जमा टेक्टोनिक दबाव के बार-बार मुक्त होने से छोटे-छोटे झटके आते रहते हैं, जिसे भूविज्ञान में 'अर्थक्वेक स्वार्म' कहा जाता है।
अर्थक्वेक स्वार्म क्या होता है?
अर्थक्वेक स्वार्म एक ऐसी भूकंपीय घटना है जिसमें किसी एक बड़े मुख्य भूकंप के बिना, कम समय के अंतराल में कई छोटे-मध्यम तीव्रता के झटके लगातार आते रहते हैं। हिंगोली में जुलाई 2026 से लेकर अक्टूबर 2026 तक इस तरह के झटकों का सिलसिला जारी है।
हिंगोली के हालिया भूकंपों से कोई नुकसान हुआ?
अधिकारियों के अनुसार, अब तक के किसी भी झटके में जानमाल या संपत्ति के नुकसान की खबर नहीं आई है। तीव्रता कम रहने के कारण स्थिति सामान्य रही है, हालाँकि स्थानीय निवासियों में झटकों के समय भय का माहौल जरूर बनता है।
महाराष्ट्र में हाल ही में कहाँ-कहाँ भूकंप आए हैं?
अक्टूबर 2026 में हिंगोली (2.9 तीव्रता, 15 अक्टूबर; 3.3 तीव्रता, 3 अक्टूबर) और सितंबर 2026 में पालघर जिले (3.6 तीव्रता, 26 सितंबर) में भूकंप दर्ज किए गए। इससे पहले जुलाई 2026 में भी हिंगोली में हल्के झटके महसूस हुए थे।
राष्ट्र प्रेस
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