हिंगोली में एक दिन में दो भूकंप: 3.3 और 4.5 तीव्रता के झटके, कोई नुकसान नहीं
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को एक ही दिन में दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे स्थानीय नागरिकों में कुछ देर के लिए भय का माहौल बन गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के आँकड़ों के अनुसार, पहला भूकंप सुबह 7 बजकर 46 मिनट पर 3.3 तीव्रता का दर्ज किया गया, जबकि दूसरा अधिक तीव्र झटका सुबह 9 बजकर 43 मिनट पर 4.5 तीव्रता का था। प्रशासन के अनुसार किसी भी जानमाल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
भूकंप का केंद्र और गहराई
पहले भूकंप का केंद्र हिंगोली जिले के गढाला गाँव के बाहरी इलाके में जमीन से लगभग 7 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। दूसरे भूकंप की गहराई 5 किलोमीटर दर्ज की गई। उथली गहराई पर केंद्रित होने के कारण दोनों झटके सतह पर अपेक्षाकृत तेज़ महसूस किए गए, हालाँकि तीव्रता इतनी नहीं थी कि बड़ा नुकसान हो।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
जिला प्रशासन ने भूकंप के तुरंत बाद स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने पुष्टि की कि जिले में कोई संपत्ति क्षति नहीं हुई और कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अफ़वाह पर विश्वास न करें और घबराएँ नहीं।
हिंगोली में बढ़ती भूकंपीय गतिविधि
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से हिंगोली जिले में लगातार भूकंपीय हलचल देखी जा रही है। जुलाई 2026 में भी इसी क्षेत्र में हल्के भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। विशेषज्ञों के अनुसार, मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील ज़ोन में आते हैं, जहाँ मध्यम तीव्रता के झटके असामान्य नहीं हैं।
महाराष्ट्र में हालिया भूकंपीय घटनाएँ
हिंगोली के झटकों से एक सप्ताह पहले, 26 सितंबर को महाराष्ट्र के पालघर जिले में रात 10 बजकर 33 मिनट 46 सेकंड पर रिक्टर स्केल पर 3.6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था, जिसका केंद्र जमीन से लगभग 5 किलोमीटर की गहराई में था। इससे भी पहले, 19 सितंबर को भूटान के ग्येलपोजिंग क्षेत्र में शाम 4 बजकर 1 मिनट (IST) पर 4.9 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसके झटके पूर्वोत्तर भारत में भी महसूस किए गए थे। उस समय असम स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने सोशल मीडिया पर नागरिकों को संयम बरतने की सलाह दी थी।
आगे क्या होगा
एनसीएस हिंगोली और आसपास के क्षेत्रों की भूकंपीय गतिविधि पर नज़र बनाए हुए है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिमी और मध्य महाराष्ट्र में भूकंपीय घटनाओं की आवृत्ति को लेकर विशेषज्ञ पहले से ही सतर्क हैं। जिला प्रशासन ने नागरिकों से किसी भी असामान्य गतिविधि की जानकारी तुरंत अधिकारियों को देने की अपील की है।