26 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

हैदराबाद: पत्नी की हत्या के लिए ₹2 लाख में बिहार गिरोह को किराए पर लेने वाला पति गिरफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
हैदराबाद: पत्नी की हत्या के लिए ₹2 लाख में बिहार गिरोह को किराए पर लेने वाला पति गिरफ्तार

सारांश

हैदराबाद के गंडीगुडम में एक पति ने पत्नी को ₹2 लाख की सुपारी देकर बिहार के भाड़े के गिरोह से मरवाया — फिर खुद घायल होने का नाटक रचा। साइबराबाद पुलिस ने आठ टीमें लगाकर पति और एक शूटर को गिरफ्तार किया; गिरोह का सरगना अभी फरार है।

मुख्य बातें

साइबराबाद पुलिस ने 10 जून 2026 को अनिल कुमार साह को उसकी पत्नी मीना देवी (36) की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया।
अनिल ने बिहार के भाड़े के गिरोह को ₹2 लाख की सुपारी दी थी; हत्या 30 मई 2026 की रात गंडीगुडम, हैदराबाद में हुई।
गिरोह सरगना रिंकू कुमार अपने साथी रंजन और नीरज के साथ 29 मई को हैदराबाद आया था; अपराध के बाद तीनों बस से बिहार भागे।
सदस्य रंजन को पश्चिम चंपारण, बेतिया के चनपटिया से गिरफ्तार किया गया; रिंकू और नीरज अभी फरार।
पुलिस के अनुसार, पत्नी का अपनी कमाई माता-पिता को भेजना और दुर्घटना के बाद पति की उपेक्षा — ये दोनों कारण हत्या की साज़िश की वजह बने।
जाँच के लिए आठ पुलिस टीमें गठित की गई थीं; मामला मृतका के भाई सोनू लाल कुमार की शिकायत पर दर्ज हुआ।

साइबराबाद पुलिस ने 10 जून 2026 को एक सुपारी हत्या मामले का पर्दाफाश करते हुए बिहार निवासी अनिल कुमार साह को गिरफ्तार किया, जिसने अपनी पत्नी मीना देवी (36) की हत्या के लिए एक भाड़े के गिरोह को ₹2 लाख की सुपारी दी थी। यह हत्या 30 मई 2026 की रात हैदराबाद के गंडीगुडम गाँव के बाहरी इलाके में की गई थी, जो आईडीए बोलाराम पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आता है।

घटनाक्रम: कैसे रची गई साज़िश

जाँच के अनुसार, अनिल कुमार साह भाड़े के गिरोह के सरगना रिंकू कुमार और उसके आपराधिक रिकॉर्ड से पहले से परिचित था। उसने रिंकू को ₹2 लाख की पेशकश की, जिसे रिंकू ने स्वीकार कर लिया। 29 मई 2026 को रिंकू अपने दो साथियों — रंजन और नीरज — के साथ हैदराबाद पहुँचा, अनिल से मिला और हत्या की योजना को अंतिम रूप दिया।

30 मई की रात को जब अनिल और मीना देवी सब्ज़ी मंडी से बाइक पर घर लौट रहे थे, तब एक मीटर फैक्ट्री के पास तीनों हमलावर झाड़ियों से निकले, मीना देवी को खींचकर ले गए और उनकी हत्या कर दी। अपराध के बाद आरोपियों ने बाइक छीन ली, उसे शहर के बाहरी इलाके में छोड़ दिया और एक निजी बस से बिहार फरार हो गए।

पति का झूठा दृश्य और पुलिस की पड़ताल

साइबराबाद पुलिस उपायुक्त च. श्रीनिवास ने बुधवार को मीडिया को बताया कि अनिल कुमार साह ने यह दिखावा किया जैसे अज्ञात व्यक्तियों ने उसकी पत्नी का अपहरण किया, उसके साथ यौन उत्पीड़न किया और हत्या की। उसने अपने हाथों और पीठ पर मामूली चोटें दिखाईं ताकि यह भ्रम बने कि वह हमलावरों से लड़ा था।

मृतका के भाई सोनू लाल कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने जाँच के लिए आठ टीमें गठित कीं और गहन पूछताछ के बाद अनिल को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।

हत्या की वजह: पारिवारिक रंजिश

जाँच में सामने आया कि अनिल कुमार अपनी पत्नी से गहरी रंजिश रखता था। पुलिस के अनुसार, मीना देवी पिछले तीन वर्षों से अपनी पूरी कमाई अपने माता-पिता को भेज रही थीं। इसके अलावा, एक दुर्घटना में घायल होकर शारीरिक रूप से कमज़ोर हो जाने के बाद पत्नी ने कथित तौर पर उसकी उपेक्षा की — इन्हीं कारणों से अनिल ने उसे रास्ते से हटाने का फैसला किया।

गिरफ्तारी और फरार आरोपी

पुलिस ने गिरोह के सदस्य रंजन को उसके पैतृक स्थान पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया के चनपटिया से गिरफ्तार किया और ट्रांजिट वारंट पर हिरासत में लिया। गिरोह का सरगना रिंकू कुमार और तीसरा सदस्य नीरज अभी भी फरार हैं; उनकी तलाश जारी है।

आगे क्या

साइबराबाद पुलिस ने पुष्टि की है कि फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए बिहार में अभियान जारी है। इस मामले ने अंतरराज्यीय सुपारी हत्या के बढ़ते चलन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस उपायुक्त ने संकेत दिया कि जाँच के दायरे में और लोग भी आ सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हैदराबाद सुपारी हत्या मामले में क्या हुआ?
साइबराबाद पुलिस ने बिहार निवासी अनिल कुमार साह को गिरफ्तार किया, जिसने अपनी पत्नी मीना देवी (36) की हत्या के लिए बिहार के एक भाड़े के गिरोह को ₹2 लाख की सुपारी दी थी। हत्या 30 मई 2026 की रात हैदराबाद के गंडीगुडम इलाके में की गई।
अनिल कुमार साह ने पत्नी की हत्या क्यों करवाई?
पुलिस जाँच के अनुसार, मीना देवी पिछले तीन वर्षों से अपनी कमाई अपने माता-पिता को भेज रही थीं और एक दुर्घटना के बाद शारीरिक रूप से कमज़ोर होने पर उन्होंने कथित तौर पर पति की उपेक्षा की। इन्हीं कारणों से अनिल ने उसे रास्ते से हटाने की साज़िश रची।
इस मामले में अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
अब तक दो आरोपी गिरफ्तार हुए हैं — पति अनिल कुमार साह और गिरोह का सदस्य रंजन, जिसे पश्चिम चंपारण के बेतिया से पकड़ा गया। गिरोह का सरगना रिंकू कुमार और तीसरा सदस्य नीरज अभी भी फरार हैं।
पुलिस ने इस मामले का पर्दाफाश कैसे किया?
मृतका के भाई सोनू लाल कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ और आठ पुलिस टीमें गठित की गईं। गहन पूछताछ और जाँच में अनिल के झूठे दृश्य की पोल खुली — उसने खुद को हमलावरों से लड़ता दिखाने के लिए हाथों और पीठ पर मामूली चोटें दिखाई थीं।
गिरोह का सरगना रिंकू कुमार कौन है और उसे कब पकड़ा जाएगा?
रिंकू कुमार बिहार का एक ज्ञात अपराधी है जिससे अनिल कुमार पहले से परिचित था। वह और उसका साथी नीरज अपराध के बाद निजी बस से बिहार भाग गए। साइबराबाद पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए बिहार में अभियान जारी रखा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 6 दिन पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले