हैदराबाद: पत्नी की हत्या के लिए ₹2 लाख में बिहार गिरोह को किराए पर लेने वाला पति गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
साइबराबाद पुलिस ने 10 जून 2026 को एक सुपारी हत्या मामले का पर्दाफाश करते हुए बिहार निवासी अनिल कुमार साह को गिरफ्तार किया, जिसने अपनी पत्नी मीना देवी (36) की हत्या के लिए एक भाड़े के गिरोह को ₹2 लाख की सुपारी दी थी। यह हत्या 30 मई 2026 की रात हैदराबाद के गंडीगुडम गाँव के बाहरी इलाके में की गई थी, जो आईडीए बोलाराम पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आता है।
घटनाक्रम: कैसे रची गई साज़िश
जाँच के अनुसार, अनिल कुमार साह भाड़े के गिरोह के सरगना रिंकू कुमार और उसके आपराधिक रिकॉर्ड से पहले से परिचित था। उसने रिंकू को ₹2 लाख की पेशकश की, जिसे रिंकू ने स्वीकार कर लिया। 29 मई 2026 को रिंकू अपने दो साथियों — रंजन और नीरज — के साथ हैदराबाद पहुँचा, अनिल से मिला और हत्या की योजना को अंतिम रूप दिया।
30 मई की रात को जब अनिल और मीना देवी सब्ज़ी मंडी से बाइक पर घर लौट रहे थे, तब एक मीटर फैक्ट्री के पास तीनों हमलावर झाड़ियों से निकले, मीना देवी को खींचकर ले गए और उनकी हत्या कर दी। अपराध के बाद आरोपियों ने बाइक छीन ली, उसे शहर के बाहरी इलाके में छोड़ दिया और एक निजी बस से बिहार फरार हो गए।
पति का झूठा दृश्य और पुलिस की पड़ताल
साइबराबाद पुलिस उपायुक्त च. श्रीनिवास ने बुधवार को मीडिया को बताया कि अनिल कुमार साह ने यह दिखावा किया जैसे अज्ञात व्यक्तियों ने उसकी पत्नी का अपहरण किया, उसके साथ यौन उत्पीड़न किया और हत्या की। उसने अपने हाथों और पीठ पर मामूली चोटें दिखाईं ताकि यह भ्रम बने कि वह हमलावरों से लड़ा था।
मृतका के भाई सोनू लाल कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने जाँच के लिए आठ टीमें गठित कीं और गहन पूछताछ के बाद अनिल को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
हत्या की वजह: पारिवारिक रंजिश
जाँच में सामने आया कि अनिल कुमार अपनी पत्नी से गहरी रंजिश रखता था। पुलिस के अनुसार, मीना देवी पिछले तीन वर्षों से अपनी पूरी कमाई अपने माता-पिता को भेज रही थीं। इसके अलावा, एक दुर्घटना में घायल होकर शारीरिक रूप से कमज़ोर हो जाने के बाद पत्नी ने कथित तौर पर उसकी उपेक्षा की — इन्हीं कारणों से अनिल ने उसे रास्ते से हटाने का फैसला किया।
गिरफ्तारी और फरार आरोपी
पुलिस ने गिरोह के सदस्य रंजन को उसके पैतृक स्थान पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया के चनपटिया से गिरफ्तार किया और ट्रांजिट वारंट पर हिरासत में लिया। गिरोह का सरगना रिंकू कुमार और तीसरा सदस्य नीरज अभी भी फरार हैं; उनकी तलाश जारी है।
आगे क्या
साइबराबाद पुलिस ने पुष्टि की है कि फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए बिहार में अभियान जारी है। इस मामले ने अंतरराज्यीय सुपारी हत्या के बढ़ते चलन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस उपायुक्त ने संकेत दिया कि जाँच के दायरे में और लोग भी आ सकते हैं।