आईजीपी सुजीत कुमार ने पीसीआर कश्मीर में सेंट्रल रेंज की सुरक्षा समीक्षा की, काउंटर-इंसर्जेंसी पर दिए कड़े निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
कश्मीर जोन के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आईजीपी) सुजीत कुमार ने 16 सितंबर 2026 को पीसीआर कश्मीर में एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसका उद्देश्य सेंट्रल कश्मीर रेंज में मौजूदा सुरक्षा हालात का आकलन करना और पुलिस बल की परिचालन तैयारियों को परखना था। बैठक में श्रीनगर, बडगाम और गांदरबल जिलों में सुरक्षा ग्रिड की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में शामिल अधिकारी
इस समीक्षा बैठक में डीआईजी सेंट्रल कश्मीर रेंज (सीकेआर) श्रीनगर, श्रीनगर, बडगाम और गांदरबल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी), एसएसपी पीसीआर कश्मीर, आईजीपी कश्मीर के स्टाफ ऑफिसर (एसओ), श्रीनगर और बडगाम के पुलिस अधीक्षक (एसपी), सभी उप-मंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) तथा अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए।
मुख्य घटनाक्रम
बैठक की शुरुआत में संबंधित जिलों के अधिकारियों ने आईजीपी सुजीत कुमार को अपने-अपने क्षेत्रों की सुरक्षा स्थिति से अवगत कराया। इसमें शांति, कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए लागू किए गए सुरक्षा इंतजामों का विस्तृत ब्यौरा दिया गया।
समीक्षा के दौरान आईजीपी सुजीत कुमार ने सेंट्रल कश्मीर रेंज में तैनात कर्मियों की संख्या, परिचालन तैयारी और सुरक्षा ग्रिड की प्रभावशीलता का गहन मूल्यांकन किया।
आईजीपी के अहम निर्देश
आईजीपी सुजीत कुमार ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने काउंटर-इंसर्जेंसी (सीआई) ऑपरेशन और एरिया डोमिनेशन को और प्रभावी बनाने, संवेदनशील स्थानों पर नाका चेकिंग को तेज करने तथा जिलों की सीमाओं पर निगरानी और जाँच व्यवस्था को मजबूत करने पर बल दिया।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सुरक्षा इंतजाम स्थिर न रहें, बल्कि गतिशील और प्रतिक्रियाशील बने रहें ताकि किसी भी आकस्मिक या संवेदनशील स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा सुरक्षा इंतजामों के नियमित मूल्यांकन और आवश्यकता पड़ने पर समयबद्ध तरीके से तैनाती बढ़ाने के महत्व पर भी जोर दिया गया।
बैठक के समापन निर्देश
बैठक का समापन तीन प्रमुख निर्देशों के साथ हुआ: चौबीसों घंटे सतर्कता बनाए रखना, एहतियाती सुरक्षा उपायों को और सुदृढ़ करना तथा सेंट्रल कश्मीर रेंज में फील्ड यूनिट्स के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना।
गौरतलब है कि यह समीक्षा बैठक ऐसे समय में हुई है जब कश्मीर घाटी में सुरक्षा तंत्र को लगातार चाक-चौबंद रखने की कोशिशें जारी हैं। आने वाले समय में इन निर्देशों के अनुपालन की निगरानी फील्ड स्तर पर की जाएगी।